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NSE IPO आज खुल गया: जानें GMP, प्राइस बैंड, लॉट साइज और बहुत कुछ

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Source :- LIVE HINDUSTAN

लंबे समय से निवेशक जिस चीज का इंतजार कर रहे थे, आखिर आज वह घड़ी आ ही गई। वह घड़ी है नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के IPO के लॉन्च होने की। आज गुरुवार, 17 सितंबर से एनएसई आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है और सोमवार, 21 सितंबर को बंद होगा। यह 22,561.57 करोड़ रुपये का इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है, यानी NSE को इस IPO से कोई पैसा नहीं मिलेगा। IPO खुलने से पहले NSE ने एंकर इन्वेस्टर्स से 6,746.18 करोड़ रुपये जुटाए। कंपनी के सर्कुलर के मुताबिक, एक्सचेंज ने एंकर इन्वेस्टर्स को 1,785 रुपये प्रति शेयर की दर से 3,77,93,739 इक्विटी शेयर आवंटित किए। एंकर बुक में 98 म्यूचुअल फंड स्कीम्स और 27 लाइफ इंश्योरेंस कंपनियां शामिल थीं।

NSE IPO GMP ग्रे मार्केट क्या संकेत दे रहा है?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, NSE का मौजूदा ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹160 से ₹170 प्रति शेयर के बीच है, जो इश्यू प्राइस के ऊपरी सिरे से लगभग 9% की लिस्टिंग प्रीमियम का संकेत देता है। हालांकि, यह ध्यान देना जरूरी है कि GMP दरें सट्टेबाजी की प्रकृति की होती हैं और असली लिस्टिंग प्राइस GMP के सुझाव से अलग हो सकती है।

NSE का प्राइस बैंड: इसका प्राइस बैंड 1,700 से 1,785 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। ऊपरी प्राइस बैंड पर NSE की मार्केट कैप लगभग ₹4.41 लाख करोड़ होगी।

लॉट साइज: हर लॉट में 8 शेयर हैं। रिटेल निवेशकों को एक लॉट के लिए ऊपरी प्राइस बैंड पर कम से कम ₹14,280 का निवेश करना होगा। इसके बाद 8 शेयर के गुणकों में बोली लगाई जा सकती है।

आरक्षण: कुल इश्यू का 35% रिटेल निवेशकों के लिए, 50% क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए और बाकी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) के लिए आरक्षित है। IPO में हिस्सा लेने वाले पात्र कर्मचारियों को ₹170 प्रति शेयर की छूट मिलेगी।

NSE IPO क्या आपको सब्सक्राइब करना चाहिए?

₹1,785 के ऊपरी प्राइस बैंड पर NSE की वैल्यूएशन ने ब्रोकरेज हाउसों का ध्यान खींचा है, खासकर अपने लिस्टेड BSE से तुलना में।

एंजेल वन ने इश्यू को सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज ने NSE की दबदबे वाली मार्केट पोजिशन, ज्यादा रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स में मजबूत मार्केट शेयर और भारत के कैपिटल मार्केट्स की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पोटेंशियल का हवाला दिया।

जियोजी ने भी दी सब्सक्राइब की सलाह

जियोजीत ने भी मीडियम-टू-लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए “सब्सक्राइब” रेटिंग दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक, ₹1,785 पर NSE पोस्ट-इश्यू आधार पर लगभग 42x FY26 एडजस्टेड EPS पर वैल्यू है।

जबकि रेलीगेयर ने NSE की स्ट्रक्चरल ग्रोथ संभावनाओं और नियमों, ट्रेडिंग एक्टिविटी और वैल्यूएशन से जुड़े जोखिमों के बीच संतुलन का हवाला देते हुए IPO पर “न्यूट्रल” रुख अपनाया है। ब्रोकरेज ने कहा कि FY26 का वित्तीय प्रदर्शन नियामकीय बदलावों और ट्रेडिंग एक्टिविटी में नरमी से प्रभावित हुआ, हालांकि ऑपरेशनल मेट्रिक्स मजबूत बने रहे। स्वास्तिका ने लॉन्ग-टर्म निवेश और संभावित लिस्टिंग गेन्स दोनों के लिए IPO को सब्सक्राइब करने की सिफारिश की है।

NSE IPO कौन बेच रहा है?

NSE का कोई वर्गीकृत प्रोमोटर नहीं है। इसके विक्रेता शेयरधारकों में SBI, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, अरांडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) प्रा. लि., MS स्ट्रैटेजिक मॉरीशस लि., न्यू इंडिया एश्योरेंस, SBI कैपिटल मार्केट्स, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं। चूंकि IPO पूरी तरह से OFS है, इसलिए इसका पैसा विक्रेता शेयरधारकों को जाएगा, एक्सचेंज को नहीं।

(डिस्‍क्‍लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN