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NSE IPO: मूर्ति, प्रेमजी, दमानी समेत इन दिग्गजों की हिस्सेदारी ₹29,400 करोड़, 24 सितंबर को खुलेगी किस्मत!

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Source :- LIVE HINDUSTAN

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के IPO की लिस्टिंग 24 सितंबर को होने वाली है। करीब एक दशक के इंतजार के बाद NSE के शेयर बाजार में आने से इसके पुराने निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी की वैल्यू सामने आने का मौका मिलेगा। खास बात यह है कि कई बड़े निवेशक IPO में अपनी हिस्सेदारी बेचने के बजाय उसे होल्ड कर रहे हैं। IPO के ऊपरी प्राइस बैंड ₹1,785 प्रति शेयर के आधार पर ऐसे चुनिंदा निवेशकों की हिस्सेदारी की कुल वैल्यू करीब ₹29,400 करोड़ बैठती है।

सबसे बड़ी हिस्सेदारी प्रेमजी इंवेस्ट की

इन निवेशकों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी प्रेमजी इंवेस्ट (Premji Invest) से जुड़ी है। इसके PI अपॉर्चुनिटी फंड-I के पास NSE के करीब 5.82 करोड़ शेयर हैं, जिनकी कीमत ₹1,785 के हिसाब से लगभग ₹10,232 करोड़ है। विप्रो (Wipro) के संस्थापक अजीम प्रेमजी से जुड़ा यह फंड IPO में इन शेयरों को बेच नहीं रहा है। वहीं, डीमार्ट (DMart) चलाने वाली एवेन्यू सुपरमार्ट्स (Avenue Supermarts) के संस्थापक राधाकिशन दमानी के पास NSE के करीब 3.9 करोड़ शेयर हैं, जिनकी वैल्यू लगभग ₹6,856 करोड़ है। दमानी भी अपनी पूरी हिस्सेदारी बनाए रख रहे हैं।

इस लिस्ट में कई अन्य बड़े नाम

इस लिस्ट में कई अन्य बड़े नाम भी शामिल हैं। 360 ONE के अलग-अलग निवेश माध्यमों के पास करीब 4 करोड़ NSE शेयर हैं, जिनकी वैल्यू लगभग ₹7,139 करोड़ है। टाइगर ग्लोबल (Tiger Global) की हिस्सेदारी करीब 56 लाख शेयरों की है, जिसकी कीमत लगभग ₹1,000 करोड़ बैठती है। इंफोसिस (Infosys) के सह-संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति से जुड़ी कटमरैन (Catamaran) के पास करीब 38.5 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू लगभग ₹687 करोड़ है। इन 4 निवेशकों की हिस्सेदारी मिलाकर करीब ₹25,913 करोड़ बैठती है।

हीरो इंटरप्राइस के चेयरमैन भी शेयरधारक

NSE के अन्य प्रमुख शेयरधारकों में हीरो इंटरप्राइस (Hero Enterprise) के चेयरमैन सुनील कांत मुंजाल भी शामिल हैं। उनके पास करीब 1.02 करोड़ शेयर हैं, जिनकी IPO प्राइस पर वैल्यू लगभग ₹1,821 करोड़ है। इंफोसिस (Infosys) के को-फाउंडर क्रिस गोपालकृष्णन के पास करीब 94.29 लाख शेयर हैं, जिनकी कीमत लगभग ₹1,683 करोड़ है। इनके अलावा डॉली खन्ना, रामदेव अग्रवाल, मोतीलाल ओसवाल समेत कई अन्य प्रमुख निवेशकों के नाम भी शेयरहोल्डिंग में शामिल हैं।

₹22,561 करोड़ का IPO पूरी तरह OFS

हालांकि, सभी पुराने निवेशकों का रुख एक जैसा नहीं है। कुछ संस्थागत निवेशक IPO के जरिए अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच रहे हैं, लेकिन बड़ी हिस्सेदारी अभी भी अपने पास रखेंगे। NSE का ₹22,561 करोड़ का IPO पूरी तरह OFS (Offer for Sale) है, यानी इससे मिलने वाला पैसा NSE को नहीं बल्कि शेयर बेचने वाले मौजूदा निवेशकों को जाएगा। ₹1,785 के ऊपरी भाव पर कंपनी का वैल्यूएशन करीब ₹4.42 लाख करोड़ बनता है।

20 बैंकों को फीस के तौर पर लगभग 1.86 अरब रुपये

एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड ने अपने 2.4 बिलियन डॉलर के IPO पर काम करने वाले 20 बैंकों को फीस के तौर पर लगभग 1.86 अरब रुपये ($19.4 million) का भुगतान किया। यह पेमेंट इश्यू साइज का लगभग 0.82% है। इससे पता चलता है कि भारत के पिछले कुछ सालों के सबसे चर्चित IPO में से एक के लिए सलाह देने के बदले बैंकरों ने काफी कम फीस ली। NSE ने इस ऑफरिंग के लिए लगभग 20 बैंकों को नियुक्त किया था, जिनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, JM फाइनेंशियल लिमिटेड, मॉर्गन स्टेनली, HSBC होल्डिंग्स पीएलसी, सिटीग्रुप इंक. और जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी ने अहम भूमिका निभाई।

NSE ने पहली बार दिसंबर 2016 में IPO के लिए दस्तावेज दाखिल किए थे, लेकिन को-लोकेशन विवाद और उससे जुड़े नियामकीय मामलों के कारण लिस्टिंग लंबे समय तक टलती रही। इस दौरान कुछ शुरुआती निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी बेचकर बाहर निकलना चुना। अब NSE की लिस्टिंग उन निवेशकों के लिए एक नया चरण शुरू करेगी, जिन्होंने लंबा इंतजार करते हुए अपनी हिस्सेदारी बनाए रखी है। IPO को कुल 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था, जबकि QIB (Qualified Institutional Buyers) का हिस्सा 12.68 गुना सब्सक्राइब हुआ।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN