Source :- LIVE HINDUSTAN
भारत के सबसे बड़े आईपीओ बनने जा रहे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के 30,000 करोड़ रुपये के पब्लिक इश्यू में जहां SBI, सरकारी बीमा कंपनियां और कई विदेशी निवेशक अपने शेयर बेचकर भारी मुनाफा कमाने की तैयारी में हैं, वहीं देश के कुछ दिग्गज निवेशकों ने एक भी शेयर बेचने का फैसला नहीं किया है।
सबसे बड़ा नाम डीमार्ट के संस्थापक राधाकिशन दमानी का है। द इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक दमानी के पास NSE के 3.90 करोड़ से अधिक शेयर हैं, जो कंपनी में 1.58 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर हैं। अनलिस्टेड मार्केट में NSE के लास्ट ट्र्रेडिंग प्राइस 2,055 रुपये प्रति शेयर के आधार पर उनकी हिस्सेदारी की कीमत करीब 8,032 करोड़ रुपये बैठती है। इसके बावजूद उन्होंने IPO में एक भी शेयर बेचने का फैसला नहीं किया है।
सनिल कांत मुंजाल और क्रिस गोपालकृष्णन भी होल्ड पर
हीरो ग्रुप के संस्थापक सनिल कांत मुंजाल के पास NSE के 1.02 करोड़ शेयर हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 2,040 करोड़ रुपये है। वहीं इंफोसिस के सह-संस्थापक एस. गोपालकृष्णन के पास 94.29 लाख शेयर हैं, जिनका मूल्य करीब 1,886 करोड़ रुपये आंका गया है। डीमार्ट के सीईओ इग्नेशियस नविल नरोन्हा के पास भी 30 लाख शेयर हैं, जिनकी मौजूदा कीमत लगभग 600 करोड़ रुपये है।
डॉली खन्ना, रामदेव अग्रवाल और मोतीलाल ओसवाल भी नहीं बेचेंगे शेयर
प्रसिद्ध निवेशक डॉली खन्ना के पास NSE के 15.16 लाख शेयर हैं, जिनकी कीमत करीब 311 करोड़ रुपये है। वहीं दिग्गज वैल्यू निवेशक रामदेव अग्रवाल और मोतीलाल ओसवाल के पास 8-8 लाख शेयर हैं, जिनकी मौजूदा कीमत लगभग 164 करोड़ रुपये प्रति निवेशक है। इन सभी निवेशकों ने IPO में अपनी हिस्सेदारी बेचने से दूरी बनाई है।
सबसे बड़ा दांव LIC का
NSE में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली संस्था भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) भी IPO में कोई शेयर नहीं बेच रही है। LIC के पास करीब 11 फीसदी हिस्सेदारी है और वह लिस्टिंग के बाद भी कंपनी की सबसे बड़ी शेयरधारक बनी रहेगी। LIC ने NSE की स्थापना के शुरुआती दौर में निवेश किया था और अब भी अपनी पूरी हिस्सेदारी बनाए रखने का फैसला किया है।
SBI और सरकारी कंपनियों की होगी बंपर कमाई
जहां बड़े निवेशक शेयर होल्ड कर रहे हैं, वहीं SBI और कई सरकारी बीमा कंपनियां IPO के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेच रही हैं। SBI को अपने शुरुआती निवेश पर करीब 2,56,775 फीसदी का रिटर्न मिलने की संभावना है। वहीं न्यू इंडिया एश्योरेंस और नेशनल इंश्योरेंस जैसी कंपनियां 6,400 गुना तक का लाभ कमा सकती हैं।
5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है NSE की वैल्यू
करीब 30,000 करोड़ रुपये का यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) आधारित होगा। अनुमानित 2,000 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर NSE का मार्केट कैप लगभग 5 लाख करोड़ रुपये पहुंच सकता है। दिलचस्प बात यह है कि भारतीय शेयर बाजार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखने वाला NSE, मूल्यांकन के हिसाब से अभी भी BSE की तुलना में सस्ता माना जा रहा है।
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