Home rss business hindi NSE IPO को लेकर हलचल: साइज कम, प्राइस बैंड ₹2000 के नीचे!...

NSE IPO को लेकर हलचल: साइज कम, प्राइस बैंड ₹2000 के नीचे! GMP भी गिरा

4
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आइपीओ का लंबे समय से हो रहा इंतजार अब खत्म होने वाला है। इसकी कीमत 1,700 से 1,785 रुपये प्रति शेयर तय होने की संभावना है, जो पहले सोचे गए 2,000-2,100 रुपये के दायरे से कम है। दूसरी ओर एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, NSE अपने IPO का साइज घटाकर लगभग 24,000-25,000 करोड़ रुपये करने पर विचार कर रहा है, जबकि पहले यह 30,000 करोड़ रुपये का था। ग्रे मार्केट में एनएसई आइपीओ का भाव भी अब लाल निशान पर आ गया है। यह 245 रुपये पर आ गया है।

इसके पीछे एक वजह यह भी है कि कुछ शेयरधारकों के कम कीमत पर अपनी हिस्सेदारी बेचने से पीछे हट रहे हैं। इसके अलावा बेची जाने वाली हिस्सेदारी भी घटाकर कुल पूंजी का लगभग 5.5% कर दी गई है, जबकि पहले 6% का प्रस्ताव था। इस प्रस्तावित दायरे के हिसाब से कंपनी का मूल्यांकन 4.42 लाख करोड़ रुपये (लगभग 46.6 अरब डॉलर) तक आंका गया है, जबकि पहले 5.26 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य था।

कब होगा एनएसई आईपीओ प्राइस बैंड का ऐलान

NSE, जो दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव एक्सचेंज है, इसी सप्ताह प्राइस बैंड की घोषणा कर सकता है और 14 सितंबर से शुरू होने वाले सप्ताह में निवेश के लिए IPO खोल सकता है। हालांकि, बातचीत अभी जारी है और कीमत व समय में बदलाव हो सकता है।

भारत के सबसे बड़े IPO की बात करें तो अब तक हुंडई मोटर इंडिया पहले स्केथान पर है। यह 2024 में 27,900 करोड़ रुपये का IPO लाया था। NSE में अगर 5.5% हिस्सेदारी बेची जाती है, तो इससे लगभग 24,300 करोड़ रुपये ही जुटाए जा सकते हैं। यानी इस स्थिति में एनएसई का आईपीओ भारत का सबसे बड़ा IPO नहीं बन पाएगा।

सेबी ने कब दी थी मंजूरी

NSE ने जून में अपना ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस दायर किया था, जो पूरी तरह से मौजूदा शेयरधारकों द्वारा बेचे जाने वाले शेयरों पर आधारित है। बाजार नियामक सेबी ने 4 सितंबर को इसको मंजूरी दी।

इस IPO में मॉर्गन स्टेनली, टेमासेक, भारतीय स्टेट बैंक, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन, जनरल इंश्योरेंस, न्यू इंडिया एश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस और ओरिएंटल इंश्योरेंस जैसे प्रमुख शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।

IPO का साइज घटने से क्या होगा: अगर IPO का साइज घटता है, तो हुंडई का IPO ही भारत का सबसे बड़ा बना रहेगा, जब तक कि जियो प्लेटफॉर्म्स अपना लगभग 37,000 करोड़ रुपये का IPO नहीं ले आता, जो नवरात्रि या दिवाली के आसपास आ सकता है।

कब आ रहा NSE का IPO

NSE का लक्ष्य सितंबर के तीसरे सप्ताह में IPO लाने और चौथे सप्ताह में सूचीबद्ध करने का है। कंपनी इसे पितृ पक्ष, जो 26 सितंबर से शुरू होता है, से पहले पूरा करना चाहती है। बता दें इस दौरान कई निवेशक नए काम शुरू नहीं करते। एंकर निवेशकों के लिए यह IPO 17 सितंबर को खोला जा सकता है। NSE के शेयर इसके प्रतिद्वंद्वी BSE पर लिस्ट होंगे। यह स्पष्ट नहीं है कि IPO का आकार घटने पर कौन से शेयरधारक कम शेयर बेचेंगे।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN