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NSE Share Price: लिस्टिंग के अगले दिन ही गिरे NSE शेयर, फिर भी ब्रोकरेज को 15% तक तेजी की उम्मीद

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Source :- LIVE HINDUSTAN

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के शेयर की बाजार में लिस्टिंग के दूसरे दिन शुक्रवार को इसमें हल्की गिरावट देखने को मिली। गुरुवार को शेयर बाजार में एंट्री के बाद करीब 2 फीसदी चढ़ने वाला NSE का शेयर शुक्रवार को मुनाफावसूली की चपेट में आ गया। हालांकि, ब्रोक्रेज फर्म 2,050 रुपये तक का टार्गेट दे रहे हैं, जो IPO के 1,785 रुपये के इश्यू प्राइस से करीब 15 फीसदी ऊपर है।

आज 25 सितंबर यानी शुक्रवार को NSE का शेयर बीएसई पर 1,790.10 रुपये के निचले स्तर तक गया। यह इश्यू प्राइस 1,785 रुपये के मुकाबले करीब 1.53 फीसदी नीचे था। हालांकि बाद में शेयर ने कुछ रिकवरी की और करीब 1:00 बजे यह 1,801 रुपये पर कारोबार कर रहा था।

1,800 रुपये पर हुई थी NSE की लिस्टिंग

एनएसई के शेयर की गुरुवार को बीएसई पर 1,800 रुपये में लिस्टिंग हुई थी। यानी IPO के 1,785 रुपये के इश्यू प्राइस से सिर्फ 0.84 फीसदी की बढ़त मिली। कारोबार के दौरान शेयर 1,878 रुपये तक पहुंच गया था। हालांकि दिन के अंत में यह 1,818 रुपये पर बंद हुआ, जो इश्यू प्राइस से करीब 1.85 फीसदी ज्यादा था। लिस्टिंग के पहले दिन NSE का मार्केट कैप करीब 4.49 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया था।

ब्रोकरेज को आगे भी बढ़त की उम्मीद

शेयर में शुक्रवार की गिरावट के बावजूद कुछ ब्रोकरेज ने NSE के शेयर को लेकर आगे के टार्गेट बताए हैं। Macquarie ने NSE के मजबूत मार्केट शेयर, टेक्नोलॉजी, लिक्विडिटी और कारोबार में उसकी मजबूत स्थिति को अपने सकारात्मक आकलन का आधार बताया है।

ब्रोक्रेज फर्म टार्गेट प्राइस रुपये प्रति शेयर
पीएल कैपिटल 1950
मैक्वेरी 1965
एमके ग्लोबल 2050

NSE के सामने कुछ चुनौतियां भी

ब्रोकरेज की उम्मीदों के साथ NSE के कारोबार में कुछ जोखिम भी हैं। PL Capital के मुताबिक कैश मार्केट और फ्यूचर्स में NSE की हिस्सेदारी बहुत मजबूत है, लेकिन इंडेक्स ऑप्शंस में उसकी हिस्सेदारी पर दबाव आया है।

इसके अलावा NSE की कमाई का बड़ा हिस्सा बाजार में होने वाले ट्रेडिंग वॉल्यूम से जुड़ा है। इसलिए अगर बाजार में कारोबार घटता है या नियमों में बदलाव होता है तो इसका असर कंपनी की कमाई पर पड़ सकता है।

निवेशकों के लिए इसका मतलब क्या है?

NSE के शेयर की लिस्टिंग बहुत बड़े प्रीमियम पर नहीं हुई। पहले दिन शेयर में तेजी आई, लेकिन दूसरे दिन मुनाफावसूली दिखाई दी। ऐसे में आने वाले दिनों में शेयर का भाव किस तरह कारोबार करता है, यह निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

देसी ही नहीं विदेशी निवेशकों की भी अच्छी खासी हिस्सेदारी

NSE के सितंबर 2026 के शेयरहोल्डिंग डेटा को देखें तो कंपनी में FII यानी विदेशी संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी 25.39% है। NSE में विदेशी निवेशकों की भी अच्छी भागीदारी है।

दूसरी तरफ DII यानी घरेलू संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी 28.36% है। इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी LIC की 10.90% है। SBI की 2.58%, पीआई अपॉरच्युनिटी फंड की 2.35% और GIC, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और ओरिएंटल इंश्योरेंस की भी हिस्सेदारी है। यानी NSE में देश की बड़ी संस्थागत निवेश कंपनियों और बीमा कंपनियों का भी अच्छा निवेश है।

बाकी 46.26% हिस्सेदारी पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास है। इनमें स्टॉक होल्डिंग कार्पोरेशन ऑफ इंडिया की 4.19%, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स की 3.98% और राधाकिशन शिवकिशन दमानी की 1.58% हिस्सेदारी शामिल है। NSE के कुल शेयरधारकों की संख्या 36.40 लाख से ज्यादा है।

(डिस्‍क्‍लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN