Source :- LIVE HINDUSTAN
OYO की पैरेंट कंपनी प्रिज्म (Prism) को ₹6,650 करोड़ के IPO के लिए SEBI की मंजूरी मिल गई है। कंपनी की संभावित वैल्यूएशन 7-8 अरब डॉलर (करीब ₹58,000-66,000 करोड़) आंकी जा रही है। जुलाई 2026 में अपडेटेड DRHP दाखिल किए जाने की संभावना है। मूडीज (Moody’s) ने कंपनी की रेटिंग को स्थिर बनाए रखा है।
भारत के स्टार्टअप और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। होटल बुकिंग प्लेटफॉर्म OYO की पैरेंट कंपनी प्रिज्म (Prism) को अपने IPO (Initial Public Offering) के लिए SEBI से मंजूरी मिल गई है। कंपनी अब करीब ₹6,650 करोड़ जुटाने की तैयारी कर रही है। इस खबर के बाद निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों के बीच OYO को लेकर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि यह हाल के सालों में भारतीय स्टार्टअप जगत के सबसे बड़े पब्लिक इश्यू में से एक हो सकता है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रिज्म (Prism) ने दिसंबर 2025 में SEBI के पास गोपनीय रूप से अपना ड्रॉफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था। अब नियामक से मंजूरी मिलने के बाद कंपनी अगले चरण की प्रक्रिया शुरू करेगी। सूत्रों के अनुसार कंपनी जुलाई 2026 की शुरुआत तक अपना अपडेटेड ड्रॉफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) सार्वजनिक रूप से दाखिल कर सकती है, जिस पर निवेशकों और आम जनता की टिप्पणियां भी मांगी जाएंगी।
इस IPO के जरिए कंपनी लगभग ₹6,650 करोड़ की नई इक्विटी जारी करेगी। अनुमान है कि लिस्टिंग के समय प्रिज्म (Prism) की वैल्यूएशन 7 से 8 अरब डॉलर (करीब ₹58,000 करोड़ से ₹66,000 करोड़) के बीच हो सकती है। अगर ऐसा होता है, तो यह भारतीय स्टार्टअप सेक्टर की सबसे चर्चित लिस्टिंग में से एक बन जाएगी।
कंपनी ने इस बड़े IPO को सफल बनाने के लिए कई प्रमुख निवेश बैंक और वित्तीय संस्थानों को नियुक्त किया है। इनमें एक्सिस कैपिटल (Axis Capital), सिटीबैंक (Citibank), गोल्डमैन सैच (Goldman Sachs), ICICI सिक्योरिटी, SBI कैपिटल मार्केट, JM फाइनेंशियल, InCred कैपिटल और इंटेंसिव फिस्कल सर्विस शामिल हैं। ये संस्थान IPO के बुक-रनिंग लीड मैनेजर के रूप में काम करेंगे।
प्रिज्म (Prism) फिलहाल बाजार की स्थितियों पर भी नजर बनाए हुए है। कंपनी यह आकलन कर रही है कि शेयर बाजार का माहौल और निवेशकों की धारणा उसके IPO के लिए कितनी अनुकूल है। एक्सपर्ट का मानना है कि अगर बाजार में स्थिरता बनी रहती है, तो कंपनी को अपने लक्ष्य के अनुरूप अच्छा रिस्पॉन्स मिल सकता है।
इस बीच कंपनी ने अपने कॉरपोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हाल ही में SEBI के पूर्व चेयरमैन अजय त्यागी को स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) के रूप में बोर्ड में शामिल किया गया है। इसे निवेशकों का भरोसा बढ़ाने और कंपनी की पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
प्रिज्म (Prism) के लिए एक और सकारात्मक संकेत अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s) की ओर से आया है। एजेंसी ने कंपनी की B2 कॉर्पोरेट फैमिली रेटिंग को स्थिर दृष्टिकोण (Stable Outlook) के साथ बरकरार रखा है। मूडीज (Moody’s) का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का EBITDA दोगुने से अधिक बढ़कर लगभग 280 मिलियन डॉलर (करीब ₹2,500 करोड़) तक पहुंच सकता है। इसके पीछे G6 हॉस्पिटैलिटी के अधिग्रहण, प्रीमियम होटल नेटवर्क के विस्तार और लागत में कमी लाने की रणनीति को प्रमुख कारण माना गया है।
OYO ने पिछले कुछ सालों में अपने बिजनेस मॉडल में कई बदलाव किए हैं और अब कंपनी मुनाफे पर अधिक ध्यान दे रही है। ऐसे में SEBI की मंजूरी और संभावित IPO निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है। आने वाले महीनों में बाजार की नजर प्रिज्म और उसके IPO की अगली तैयारियों पर बनी रहेगी।
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