Source :- LIVE HINDUSTAN
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं तो ये खबर आपके काम की है। दरअसल, सरकार ने किस्त ट्रांसफर करने की तारीख का ऐलान कर दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आधिकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया गया है कि 20 जून को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त को ट्रांसफर किया जाएगा। बता दें कि अब तक सरकार ने 22 किस्त जारी किया है।
कब जारी की गई 22वीं किस्त?
प्रधानमंत्री ने 13 मार्च 2026 को असम, गुवाहाटी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त में 18,640 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की थी। इस किस्त में 9.32 करोड़ से अधिक किसानों को वित्तीय सहायता दी गई। इनमें से 2.15 करोड़ महिला किसान हैं।
क्या है योजना की डिटेल?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की बात करें तो 24 फरवरी 2019 को शुरू की गई थी। यह केंद्र सरकार की योजना है, जिसका उद्देश्य देश भर के खेती योग्य भूमि वाले भूमिधारक किसान परिवारों को सुनिश्चित आय सहायता देना है।
योजना के तहत, प्रत्येक पात्र किसान परिवार को साल में 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है, जिसे प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से आधार-लिंक्ड बैंक खातों में 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में दिया जाता है। इस योजना का लाभ किसानों को पीएम-किसान पोर्टल पर भूमि अभिलेखों की फीडिंग, बैंक खातों को आधार से जोड़ने और ई-केवाईसी सत्यापन पूरा करने के बाद दिया जाता है।
योजना का मकसद कृषि संबंधित सामग्री जैसे बीज, खाद आदि के लिए पैसे देना है। इसके जरिए लघु और हाशिये के किसानों की आय में वृद्धि करना है, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार हो सके। योजना की विशेषता यह है कि इसके लाभार्थियों में 25 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं।
ई-केवाईसी जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए ई-केवाईसी जरूरी है। ई-केवाईसी के लिए ओटीपी-आधारित ऑथेंटिकेशन, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और फेस ऑथेंटिकेशन के तरीके को अपनाया जा सकता है। बता दें कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि वेब पोर्टल, लाभार्थियों के पंजीकरण, सत्यापन और डेटा प्रबंधन के लिए एक केंद्रीय डिजिटल मंच के रूप में कार्य करता है। यह पोर्टल लाभार्थी किसानों की स्थान-वार सूची भी उपलब्ध कराता है, जिससे कार्यक्रम के कार्यान्वयन में पारदर्शिता बढ़ती है।
साल 2020 में शुरू किया गया पीएम-किसान मोबाइल ऐप, इन सेवाओं को मोबाइल यूजर्स तक पहुंचाता है। यह ऐप किसानों को स्वयं-पंजीकरण करने, राशि के हस्तांतरण की स्थिति को ट्रैक करने और ई-केवाईसी सत्यापन पूरा करने में सक्षम बनाता है। 2023 में, इस ऐप को फेस ऑथेंटिकेशन सुविधा के साथ अपग्रेड किया गया, जिससे किसान अपने चेहरे को स्कैन करके ई-केवाईसी पूरा कर सकते हैं।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN







