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PNB Fraud Case: पंजाब नेशनल बैंक ने 15 ग्राहकों के लौटाए 7 करोड़ रुपये; 25 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का अनुमान

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • PNB Fraud Case:  पंजाब नेशनल बैंक ने फ्रॉड केस का शिकार हुए 15 ग्राहकों को 7 करोड़ रुपये लौटा दिया है
  • बाकि प्रभावित ग्राहकों को जांच पूरा होने के बाद पैसा लौटाने की बात बैंक ने कही है
  • बैंक का अनुमान है कि कुल 25 करोड़ रुपये के आस-पास का फ्रॉड किया गया है

PNB Fraud Case: पंजाब नेशनल बैंक ने ग्रेटर नोएडा के Pi ब्रांच में फ्रॉड का शिकार हुए 15 ग्राहकों का 7 करोड़ रुपये लौटा दिया है। बैंक ने यह जानकारी नए अपडेट के जरिए साझा की है। पीएनबी के अनुसार इस पूरे मसले में अब कुल 25 करोड़ रुपये के फ्रॉड की बात सामने आ रही है। यह सीबीआई के एफआईआर में दर्ज की गई राशि से अधिक है।

बैंक की तरफ से कहा गया है कि 15 ग्राहकों को कुल 7 करोड़ रुपये लौटा दिए गए हैं। इसके अलावा पूरे मामले की जांच चल रही हैं। बैंक ने आश्वासन दिया है कि जो भी ग्राहक इस फ्रॉड से प्रभावित हुए हैं उनको भी जांच के पूरा होने के बाद पैसा लौटा दिया जाएगा।

CBI के पास है पूरा मामला

इस फ्रॉड के लिए सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर लिया है। CBI की रिपोर्ट में 16 ग्राहकों की शिकायत के आधार पर 11 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का जिक्र किया गया है। लेकिन अब बैंक का अनुमान है कि कुल 25 करोड़ रुपये के आस-पास का फ्रॉड किया गया है।

बैंक की कर्मचारी ने ही की धोखाधड़ी

इस पूरे प्रकरण में बैंक की कर्मचारी की संलिप्तता सामने आ रही है। जिसने अन्य कर्मचारियों के यूजर और आइडी के जरिए ग्राहकों से बिना अनुमित लिए पैसों को ट्रांसफर किया है। आरोप है कि इस लेन-देन में सेविंग अकाउंट के साथ-साथ ग्राहकों की एफडी भी शामिल है।

तीन साल से चल रहा था खेल

अनुमान है कि यह फ्रॉड पिछले 3 साल से चल रहा है। आरोपी ने पहले पैसों को एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर किया। फिर या उसे निकाल लिया या आगे कहीं और ट्रांसफर कर दिया।

कैसे सामने आया पूरा मामला

बैंक की एक ग्राहक जब पासबुक को प्रिंट कराने के लिए Pi की शाखा पहुंच गई तब उन्होंने देखा कि 3 ऐसे ट्रांजैक्शन हुए हैं जिसकी अनुमति उन्होंने नहीं दी थी। जिसके बाद आंतरिक जांच में उस ट्रांजैक्शन से जुड़े डीटेल्स जैसे वाउचर आदि नहीं मिले। जिसकी वजह से संदेह गहराता चला गया। इसके बाद एक विस्तृत जांच शुरू की गई।

बैंक की तरफ से सीबीआई को की गई शिकायत में बताया गया है कि दिपांशी ने 6 अन्य अधिकारियों के लॉग-इन आइडी के जरिए अनाधिकृत ट्रांजैक्शन किया है। बैंक का आरोप है कि ट्रांजैक्शन वाउचर को नष्ट कर दिया गया है। वहीं मोबाइल अलर्ट लिंक को भी डिस्टर्ब किया गया है। प्राथमिक जांच में एफडी के साथ भी फ्रॉड का मामला सामने आया।

कुछ मामलों में यह भी आरोप लगाया गया कि ज्वाइंट होल्डिंग में अकाउंट होल्डर्स के डीटेल्स बदल दिए गए।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN