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Ramayana: रावण के 1 करोड़ के सिंहासन से भी महंगा था शूर्पणखा का रथ, लंका को बनाने में लगे थे 500 से ज्यादा वर्कर्स

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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रणबीर कपूर की फिल्म रामायण रिलीज हो गई है। फिल्म काफी ग्रैंड तरीके से बनाई गई है। अब हम आपको बताते हैं फिल्म में सबसे महंगी चीज क्या थी।

रणबीर कपूर की फिल्म रामायण रिलीज हो गई है। फिल्म में ना सिर्फ एक्टर्स की परफॉर्मेंस बल्कि इसके हर सीन की तारीफ हो रही है। अब इस बीच आर्ट डायरेक्टर ने बताया कि सेट पर सबसे महंगा क्या था और किस चीज को बनाने में सबसे ज्यादा टाइम लगा था।

150 से ज्यादा सेट तैयार किए गए थे

फिल्म के आर्ट डायरेक्टर रमेश ने प्रभात खबर से बात करते हुए प्रोडक्शन के स्केल के बारे में बात की और बताया कि फिल्म के लिए 150 से ज्यादा सेट तैयार किए थे। उन्होंने कुछ स्ट्रक्चर्स और प्रॉप्स के बारे में भी शेयर किए। रामायण के लिए सेट का निर्माण अप्रैल 2024 में मुंबई की फिल्म सिटी स्थित प्राइम फोकस स्टूडियो में शुरू हुआ।

हर स्ट्रक्चर 10-15 बार बदला

उन्होंने बताया कि रामायण के सेट की कंस्ट्रक्शन अप्रैल 2024 में हो गई थी प्राइम फोकस स्टूडियो मुंबई फिल्म सिटी में। रमेश के मुताबिक हर स्ट्रक्चर 10-15 बार बदला है फाइनल करने से पहले। पूरी तरह से ग्रीन स्क्रीन पर निर्भर रहने के बजाय टीम ने फिजिकल सेट तैयार किए। उन्होंने फर्श के टेक्सचर और दीवारों के डिजाइन से लेकर सुनहरी सजावट तक, हर चीज पर बहुत बारीकी से काम किया गया है।

रावण का सिंहासन सबसे महंगा

सबसे महंगी क्रिएशन में रावण का सिंहासना था। रावण के सिंहासन को बनाने में 4 महीने लग गए थे और उसकी कीमत 1 करोड़ है। उस स्ट्रक्चर को क्ले के बेस का यूज करके फाइबर में ढाला गया था और इस पर 24 कैरेट सोने की परत चढ़ाई गई थी।

शूर्पणखा का रथ भी करोड़ में

शूर्पणखा का चलने-फिरने वाला रथ एक और बड़ा प्रोजेक्ट था। उसे बनाने में 3 महीने लगे थे और लगभग 1.5 करोड़ रुपये का खर्च आया था उसमें।

रिपोर्ट्स के मुताबिक टीम ने कई बड़े प्रॉप्स भी बनाए ताकि एक्टर्स आसानी से परफॉर्म कर सकें। जटायु का 24 फुट ऊंचा कंकाल मॉडल बनाया गया था ताकि कलाकारों को अपनी नजर की दिशा (आई-लाइन) और संवाद बोलने में मदद मिल सके। इस बीच 50 फीट डायमीटर वाले बड़े ‘पुष्पक विमान’ को चार अलग-अलग हिस्सों में 40 से 50 दिनों के दौरान तैयार करना पड़ा क्योंकि वह इतना बड़ा था कि स्टूडियो के अंदर नहीं आ सकता था। इस विमान का कॉन्सेप्ट नितेश तिवारी ने 6 सालों में डेवलेप किया था।

लंका के सेट को बनाने में लगे 500-600 वर्कर्स

प्रोडक्शन को काफी बड़ा वर्कफोर्स चाहिए था। लंका के सेट को बनाने में 500-600 वर्कर्स लगे थे जबकि भीड़ वाले कुछ बड़े सीन में 1,000 डांसर्स और जूनियर आर्टिस्ट शामिल थे।

नितेश तिवारी करते थे इंस्पेक्ट

रमेश ने यह भी बताया कि नितेश तिवारी पर्सनली सेट पर हर रोज इंस्पेक्ट करते थे फिल्मिंग करने से पहले। शूट से चार दिन पहले, डायरेक्टर ने स्टोरीबोर्ड और कॉन्सेप्ट आर्ट का रिव्यू किया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सब कुछ अपनी जगह पर है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN