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SBI ग्राहकों के लिए बुरी खबर, अभी डिपॉजिट पर ब्याज बढ़ाने के मूड में नहीं बैंक

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • एसबीआई के ग्राहक हैं तो ये खबर आपके काम की है
  • बैंक के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त नकदी उपलब्ध होने के कारण अगले दो-तीन माह में जमा दरों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं दिख रही है

अगर आप भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में डिपॉजिट करने की सोच रहे हैं तो ये खबर निराश कर सकती है। दरअसल, एसबीआई अगले दो-तीन महीने तक डिपॉजिट की ब्याज दरों में बढ़ोतरी के मूड में नहीं है। एसबीआई के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त नकदी उपलब्ध होने के कारण अगले दो-तीन माह में जमा दरों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं दिख रही है। इसके साथ ही, शेट्टी ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रेपो दर में बढ़ोतरी से बैंकों के शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) को अगले दो-तीन तिमाहियों तक फायदा मिल सकता है। बता दें कि आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने नीतिगत ब्याज दर रेपो को 0.25 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत करने का फैसला किया है।

रिजर्व बैंक के रेपो दर बढ़ाए जाने के कुछ ही घंटों बाद पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), इंडियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा समेत कई बड़े बैंकों ने अपनी कर्ज दरों में 0.25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की। इससे इन बैंकों से कर्ज लेने वाले ग्राहकों के लिए ऋण महंगा हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि यदि लोन ग्रोथ मौजूदा ऊंचे स्तर पर जारी रहती है, तो कुछ बैंकों को कर्ज देने के लिए फंड जुटाने को जमा दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं। शेट्टी ने कहा कि बढ़ती महंगाई की स्थिति में जमाकर्ताओं को कुछ हद तक सकारात्मक वास्तविक ब्याज दर मिलना भी जरूरी है। शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) के बारे में पूछे जाने पर शेट्टी ने कहा, ”अगली दो-तीन तिमाहियों में दर बढ़ोतरी के फैसले का एनआईएम पर सकारात्मक असर होगा। बाजार को उम्मीद है कि दो या तीन चरणों में कुल 0.75 प्रतिशत अंक की दर बढ़ोतरी होगी। मेरा मानना है कि एनआईएम को यह लाभ दो-तीन तिमाहियों तक मिलेगा।”

उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में 50 प्रतिशत से अधिक ऋण बाहरी मानक से जुड़ी लोन रेट से संबद्ध हैं और आरबीआई की रेपो दर में बदलाव के अनुरूप इनकी दरों में भी बदलाव होता है। शेट्टी ने भरोसा जताया कि एसबीआई अपने कर्ज पोर्टफोलियो में 14-15 प्रतिशत की वृद्धि बनाए रखने में सक्षम होगा। उन्होंने कहा कि एसबीआई में लोन ग्रोथ रेट मौजूदा कीमतों पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर से दो-तीन प्रतिशत अधिक होनी चाहिए।

5 वर्किंग डे पर क्या बोले?

भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के चेयरमैन शेट्टी ने बैंकों में पांच वर्किंग डे वीक की मांग पर कहा कि आईबीए के तहत बनी समिति के जरिये बैंक प्रबंधन सभी संबंधित पक्षों से बात कर रहे हैं। बता दें कि इस मांग को लेकर सितंबर में बैंक कर्मचारी संगठनों ने व्यापक हड़ताल की चेतावनी दी थी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN