Source :- LIVE HINDUSTAN
LIC के पास राजेश एक्सपोर्ट्स में 10.8 फीसदी हिस्सेदारी है, जो लगभग 3.18 करोड़ इक्विटी शेयरों के बराबर है। कांग्रेस ने राजेश एक्सपोर्ट्स से जुड़ी कथित अनियमितता का हवाला देते हुए कहा कि इस कंपनी में एलआईसी की हिस्सेदारी का होना चिंताजनक है।
LIC Share price: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड पर प्रतिबंध के बाद देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC के शेयर को लेकर निवेशकों में टेंशन है। दरअसल, LIC के पास राजेश एक्सपोर्ट्स में बड़ी हिस्सेदारी है। ऐसे में बाजार में निवेशकों के बीच चिंता बढ़ी कि राजेश एक्सपोर्ट्स से जुड़ा विवाद LIC के निवेश पोर्टफोलियो को प्रभावित कर सकता है।
कितनी है हिस्सेदारी?
मार्च 2026 की शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार प्रमोटर के पास 54.55 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं, पब्लिक शेयरहोल्डर के पास हिस्सेदारी 45.45 फीसदी की है। बीमा कंपनी LIC के पास राजेश एक्सपोर्ट्स में 10.8 फीसदी हिस्सेदारी है, जो लगभग 3.18 करोड़ इक्विटी शेयरों के बराबर है। हालांकि, एक्सपर्ट का मानना है कि LIC के शेयर में आई गिरावट को सीधे तौर पर राजेश एक्सपोर्ट्स में उसकी हिस्सेदारी से जोड़ना जल्दबाजी होगी।
ब्रोकरेज फर्म रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा का मानना है कि LIC के शेयर में आई गिरावट को सीधे तौर पर राजेश एक्सपोर्ट्स में उसकी हिस्सेदारी से जोड़ना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रभाव का आकलन करने से पहले यह देखना जरूरी होगा कि LIC के निवेश पोर्टफोलियो में राजेश एक्सपोर्ट्स की हिस्सेदारी का वास्तविक आकार कितना है।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस ने राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड कंपनी से जुड़ी कथित अनियमितता का हवाला देते हुए कहा कि इस कंपनी में एलआईसी की हिस्सेदारी का होना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि एलआईसी के पास राजेश एक्सपोर्ट्स का लगभग 10.8 प्रतिशत हिस्सा है और बैंकों का भी राजनीतिक रूप से प्रभावशाली कंपनी में काफी निवेश है।
रमेश ने सवाल किया- एलआईसी इतनी बड़ी धोखाधड़ी को कैसे नजरअंदाज कर सकती है, जबकि कंपनी में उसकी इतनी बड़ी हिस्सेदारी है? इससे यह सवाल उठता है कि क्या एलआईसी द्वारा इतनी बड़ी हिस्सेदारी का अधिग्रहण सरकारी तंत्र के निर्देशों के तहत किया गया था?
शेयर का परफॉर्मेंस
LIC के शेयर की बात करें तो कारोबार के दौरान करीब 1.5 फीसदी टूटकर ₹396.60 के इंट्रा-डे लो तक पहुंच गया। शेयर के 52 हफ्ते का लो 361 रुपये है। वहीं, शेयर के 52 हफ्ते का हाई 490.03 रुपये है।
राजेश एक्सपोर्ट्स पर क्या हुआ एक्शन?
सेबी ने 3 जून को राजेश एक्सपोर्ट्स के प्रमोटर और एग्जीक्यूटिव चेयरमैन राजेश मेहता को कंपनी के शेयरों में तीन साल तक कारोबार करने से प्रतिबंधित कर दिया। सेबी ने कंपनी पर वित्तीय आंकड़ों में कथित गड़बड़ी और नियामकीय नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए हैं।
नियामक के अनुसार, वित्त वर्ष 2021 से 2025 के बीच कंपनी ने अपनी सहायक इकाइयों से जुड़े राजस्व को लेकर करीब ₹15.15 लाख करोड़ की कथित गलत प्रस्तुति की।
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