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Stock Market Today: मार्केट में लौटी बहार, निफ्टी 24000 के पार, सेंसेक्स भी ग्रीन पर IT स्टॉक्स लाल

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Share Market Today Live 9 July 9:17 AM: सेंसेक्स अब 345 अंकों की बढ़त के साथ 76847 पर पहुंच गया है। इस 30 शेयरों वाले इंडेक्स में केवल इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस, टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस और एनटीपीसी ही लाल निशान पर हैं। वहीं, निफ्टी 121 अंकों की तेजी के साथ 24000 के लेवल को पार कर गया है।

Share Market Today Live 9 July 9:15 AM: शेयर मार्केट ने बुधवार की भारी गिरावट के बाद आज गुरुवार को वापसी की है, गिरावट के मुकाबले यह बहुत कमजोर है। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 72 अंकों की बढ़त के साथ 76571 पर खुला। जबकि, एनएसई का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी ने 46 अंकों की तेजी के साथ 23928 के लेवल से गुरुवार के कारोबार की शुरुआत की।

Share Market Today Live 9 July 8:00 AM: बुधवार भारी तबाही के बाद गुरुवार यानी आज भारतीय शेयर मार्केट के प्रमुख इंडेक्स BSE सेंसेक्स और NSE निफ्टी 50 में शॉर्ट-कवरिंग देखने को मिल सकती है। बता दें बुधवार को बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 9 लाख करोड़ रुपये कम हो गया था। आज एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखा गया, जबकि अमेरिकी मार्केट बुधवार को मिले-जुले रुझान के साथ बंद हुए। ईरान युद्ध को लेकर मिडिल ईस्ट में नए तनाव के बीच निवेशकों की निगाहें वैश्विक घटनाक्रम पर टिकी हैं।

बुधवार को भारी तबाही

बुधवार को अमेरिका-ईरान युद्ध की बढ़ती तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के चलते भारतीय शेयर मार्केट में जबरदस्त बिकवाली देखी गई। इस भारी गिरावट में सेंसेक्स 1,677 अंक यानी 2.15% टूटकर 76,503 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 516 अंक यानी 2.12% की गिरावट के साथ 23,882 के स्तर पर बंद हुआ। (पूरी खबर पढ़ें)

विशेषज्ञों की क्या राय है?

मोतीलाल ओसवाल के शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच के हालात तथा शिपिंग रूट्स की सुरक्षा पर बारीकी से नजर रखेंगे। उनके अनुसार, ये दोनों फैक्टर्स निकट भविष्य में कच्चे तेल की कीमतों और पूरे मार्केट के मूड को दिशा देने वाले मुख्य पहलू बने रहेंगे।

सेंसेक्स-निफ्टी के लिए क्या हैं 9 जुलाई के संकेत

गिफ्ट निफ्टी का संकेत

गिफ्ट निफ्टी 23,990 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से करीब 78 अंक अधिक है। यह प्रीमियम भारतीय शेयर मार्केट सूचकांकों के लिए सकारात्मक शुरुआत का स्पष्ट संकेत देता है।

अमेरिकी मार्केट का मिजाज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए हुई अंतरिम डील को ‘खत्म’ करार दे दिया, जिसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। इससे अमेरिकी बाजारों पर मिश्रित असर पड़ा, जहां डॉऊ जोन्स 1.09% गिरा और एसएंडपी 500 0.28% टूटा। हालांकि, नैस्डैक 0.20% की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। एनवीडिया के शेयरों में 3.65% की तेजी दर्ज की गई, जबकि मेटा, अल्फाबेट और टेस्ला के शेयरों में गिरावट रही।

अमेरिका-ईरान तनाव

अमेरिकी सेना ने ईरान पर नए हमले शुरू किए हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य विश्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज को यातायात के लिए खुला रखना है। यह बड़ा कदम ट्रंप द्वारा ईरान डील खत्म होने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद उठाया गया है, जिससे तेल सप्लाईपर संकट गहरा गया है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स

अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेड) की जून बैठक के मिनट्स सामने आए हैं, जिनमें पता चलता है कि कुछ अधिकारियों ने मध्य पूर्व युद्ध के कारण बढ़ती महंगाई को देखते हुए ब्याज दरों में और बढ़ोतरी करने की संभावना पर चर्चा की। साथ ही, रोजगार मार्केट की मजबूत स्थिति को देखते हुए कुछ सदस्यों ने ब्याज दरें बढ़ाने के पक्ष में तर्क दिए।

आईएमएफ ने घटाया वैश्विक विकास अनुमान

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने 2026 के लिए वैश्विक आर्थिक विकास दर के अपने पूर्वानुमान को अप्रैल के 3.1% से घटाकर अब 3.0% कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि एआई का उछाल मध्य पूर्व युद्ध से हुए नुकसान की पूरी भरपाई नहीं कर पाया है। हालांकि, आईएमएफ ने भारत को सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रखा है, लेकिन उसने वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की जीडीपी विकास दर अनुमान को अप्रैल के 6.5% से थोड़ा कम करके 6.4% कर दिया है।

ट्रेजरी यील्ड में उछाल

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड कई हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। वहीं, जापानी 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड (JGB) की यील्ड 30 साल के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर जा पहुंची, क्योंकि बढ़ते तेल भावों ने महंगाई को लेकर चिंताओं को एक बार फिर जन्म दे दिया है।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें

अमेरिका द्वारा ईरान पर नए हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त जारी है, जिससे मध्य पूर्व से ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। ब्रेंट क्रूड तेल 1.03% बढ़कर 78.82 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड 0.98% बढ़कर 74.24 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

सोने की कीमतों में गिरावट और डॉलर की मजबूती

बीते सत्र में एक सप्ताह के निचले स्तर को छूने के बाद, बढ़ती महंगाई और ऊंची ब्याज दरों की नई चिंताओं के कारण गुरुवार को सोने की कीमतें गिर गईं। स्पॉट गोल्ड 0.3% फिसलकर 4,066.24 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर अधिकांश प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मजबूत बना हुआ है, जिसमें डॉलर इंडेक्स 100.96 के स्तर पर स्थिर रहा। यूरो और ब्रिटिश पाउंड भी लगभग अपने पिछले स्तरों पर ही टिके रहे।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN