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Tata Sons IPO से इन 6 कंपनियों की हो सकती है चांदी, आपका है किसी पर दांव?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Tata Sons IPO: टाटा संस का आईपीओ आ सकता सकता है। रिपोर्ट के अनुसार आरबीई ने उनकी डिमांड को ठुकरा दिया है। ऐसे में अब कंपनी को इश्यू के लिए जाना पड़ सकता है। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार टाटा संस का आईपीओ 9 से 12.5 लाख करोड़ रुपये के वैल्यूएशन पर आ सकता है। अगर ऐसा हुआ तो यह डिस्काउंट वैल्यूएशन होगा। बता दें, टाटा संस के आईपीओ आने की अगर आधिकारिक पुष्टि होती है तो कई कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं कि वो कौन सी कंपनियां हैं? और उनका क्या सम्बन्ध है।

कौन-कौन सी कंपनियों को फायदा?

टाटा स्टील, टाटा मोटर्स पैसेंजर्स व्हीकल्स लिमिटेड, टाटा केमिकल्स लिमिटेड वो तीन कंपनियां हैं, जिनका टाटा संस में 2.5 से 3 प्रतिशत के बीच हिस्सेदारी है। टाटा संस की संभावित आईपीओ से इन कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

टाटा केमिकल्स की टाटा संस में कुल हिस्सेदारी 2.53 प्रतिशत की है। जिसकी कुल वैल्यू 30,000 करोड़ रुपये की है। अगर टाटा संस का वैल्यूएशन 12 लाख करोड़ रुपये रहता है। इसके अलावा टाटा स्टील और टाटा मोटर्स पैसेंजर्स व्हीकल्स की टाटा संस में 3.06-3.06 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

अन्य टाटा ग्रुप की कंपनियां जिनका टाटा संस में हिस्सा

इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड और टाटा पावर कंपनी लिमिटेड की भी टाटा संस में हिस्सेदारी है। इनकी हिस्सेदारी 0.43 प्रतिशत से 1.65 प्रतिशत है। बता दें, इन 6 टाटा ग्रुप की कंपनियों का टाटा संस में 1.4 लाख करोड़ रुपये वैल्यूएशन है।

RBI ने दिया टाटा संस को झटका

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने टाटा संस के प्रमुख निवेश कंपनी के रूप में एनबीएफसी पंजीकरण वापस लेने के आवेदन को खारिज कर दिया है। इससे टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी के लिए शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की राह खुल गई है।

सूत्रों के मुताबिक, आरबीआई के फैसले की जानकारी टाटा संस के कंपनी सचिव और मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) को शनिवार को मिले पत्र के जरिये दी गई। इसके साथ ही मार्च, 2024 में एनबीएफसी के रूप में पंजीकरण रद्द करने के लिए दिए गए आवेदन का निपटारा हो गया।

टाटा संस ने इस दायित्व से बचने के लिए 2024 में 21,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज चुकाया और एनबीएफसी पंजीकरण वापस लेने का आवेदन किया था। आरबीआई ने आवेदन पर फैसला लंबित रखा और बाद में भी टाटा संस को अपर-लेयर एनबीएफसी की सूचियों में शामिल करता रहा।

(भाषा के इनपुट के साथ)

(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN