Source :- LIVE HINDUSTAN
Meta ने Instagram, Facebook और Messenger पर Teen Accounts के लिए नए सुरक्षा फीचर्स लॉन्च किए हैं। अब मेटा खुद AI की मदद से बच्चों की आगे को चेक करेगा साथ Parental Alerts जैसे फीचर्स भी आएंगे।
सोशल मीडिया आज बच्चों और टीनएजर की जिंदगी का बड़ा हिस्सा बन चुका है। Instagram, Facebook और Messenger जैसे प्लेटफॉर्म पर लाखों Teenagers हर दिन घंटों बिताते हैं। लेकिन बढ़ते ऑनलाइन खतरों, फेक अकाउंट्स और अनुचित कंटेंट को देखते हुए बच्चों की डिजिटल सुरक्षा एक बड़ी चिंता बन गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए Meta ने Teen Accounts के लिए कई नए सुरक्षा फीचर्स की घोषणा की है।
इसके लिए Meta आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से यूजर्स की उम्र की पहचान करेगा। अगर किसी यूजर ने अपनी उम्र गलत दर्ज की है तो सिस्टम उसे पहचानने की कोशिश करेगा। इसके अलावा माता-पिता को भी बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण अलर्ट मिलेंगे ताकि वे बेहतर तरीके से निगरानी कर सकें। Meta का कहना है कि इन बदलावों का मकसद बच्चों को सुरक्षित डिजिटल माहौल देना और सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल को कम करना है।
Teen Accounts पर Meta का बड़ा फोकस
पिछले कुछ समय से Meta Teen Accounts को लेकर लगातार नए फीचर्स जोड़ रहा है। कंपनी का मानना है कि किशोर यूजर्स को सोशल मीडिया पर एक्स्ट्रा सुरक्षा की जरूरत होती है। इसी वजह से अब Teen Accounts में डिफॉल्ट रूप से कई सुरक्षा सेटिंग्स पहले से एक्टिव रहेंगी ताकि बच्चे अनजान लोगों और संदिग्ध गतिविधियों से सुरक्षित रह सकें।
AI करेगा उम्र की पहचान
Meta ने बताया कि अब AI तकनीक का इस्तेमाल करके यूजर्स की उम्र की जांच की जाएगी। कई बार बच्चे अपनी असली उम्र छिपाकर खुद को बड़ा दिखाते हैं ताकि उन्हें वयस्क यूजर्स वाले फीचर्स मिल सकें। नई AI तकनीक ऐसे मामलों की पहचान करने की कोशिश करेगी। यदि सिस्टम को लगेगा कि किसी अकाउंट की उम्र गलत दर्ज की गई है तो उसे Teen Account की सुरक्षा सेटिंग्स में शिफ्ट किया जा सकता है। कंपनी का कहना है कि AI कई संकेतों का चेक करेगा। इसमें यूजर की एक्टिविटी, अकाउंट से जुड़ी जानकारी और अन्य पैटर्न शामिल हो सकते हैं।
माता-पिता को मिलेगा अलर्ट
Meta ने Parents के लिए भी नई सुविधाएं शुरू की हैं। अगर कोई बच्चा Teen Account की कुछ महत्वपूर्ण सेटिंग्स बदलने की कोशिश करता है तो माता-पिता को नोटिफिकेशन या अलर्ट मिल सकता है। इनमें प्राइवेट अकाउंट, सीमित मैसेजिंग, संवेदनशील कंटेंट पर कंट्रोल और स्क्रीन टाइम रिमाइंडर जैसी सुविधाएं शामिल हैं। ऐसे करने की वजह साइबर बुलिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी, फेक प्रोफाइल और बच्चों के लिए गलत कंटेंट का बढ़ना है।
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