Source :- LIVE HINDUSTAN
सरकार ने 2,000 रुपये से ऊपर के कुछ UPI मर्चेंट पेमेंट पर पहली बार MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट लगाने का ऐलान किया है। इस खबर से बुधवार को पेमेंट कंपनियों के शेयरों में तेजी आई। Paytm 6% बढ़कर 1,829 रुपये पर पहुंच गया। One MobiKwik Systems 5% से ज्यादा बढ़कर उछलकर 213 रुपये पर पहुंच गया। जबकि, पाइन लैब्स करीब 3% बढ़कर NSE पर 199 रुपये पर ट्रेड करने लगा।
क्या है नया UPI नियम?
NPCI ने मंगलवार को बताया कि सरकार 15 अक्टूबर से कुछ पर्सन-टू-मर्चेंट यानी P2M UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लागू करेगी। 2,000 रुपये से ऊपर के पमेंट पर दुकानदार को 0.4% शुल्क देना होगा। 75,000 रुपये या उससे ज्यादा के भुगतान पर अधिकतम चार्ज 300 रुपये होगा।
ग्राहकों पर क्या होगा असर?
ग्राहकों से UPI पेमेंट पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। पर्सन-टू-पर्सन यानी P2P ट्रांसफर पहले की तरह फ्री रहेंगे। 2,000 रुपये तक के UPI मर्चेंट पेमेंट पर भी शून्य शुल्क रहेगा। सरकार के मुताबिक यह UPI के P2M ट्रांजैक्शन वॉल्यूम का 95% से ज्यादा है। MDR दुकानदार वहन करेंगे और इसे ग्राहक पर नहीं डाला जा सकता। यानी UPI ऐप्स ग्राहकों से अलग ट्रांजैक्शन या प्लेटफॉर्म फीस नहीं लेंगे।
छोटे दुकानदारों को राहत
P2PM श्रेणी के छोटे व्यापारी, जो UPI QR कोड से महीने में 1 लाख रुपये तक लेते हैं, MDR से बाहर रहेंगे। NPCI ने साफ किया है कि UPI पर्सन-टू-पर्सन भुगतान के लिए पूरी तरह फ्री रहेगा। यानी आप किसी दोस्त, रिश्तेदार को यूपीआई के जरिए पैसे भेजते हैं और रकम दो हजार से अधिक की भी हो तो कोई चार्ज नहीं लगेगा।
RBI ने क्यों दिया समर्थन?
RBI ने बड़े UPI ट्रांजैक्शन पर MDR का समर्थन किया है। केंद्रीय बैंक का कहना है कि इससे डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम लंबे समय तक टिकाऊ बनेगा। UPI को बढ़ने, नया नवाचार करने और लोगों-कारोबारियों की सेवा करने में मदद मिलेगी। यह कदम पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट, 2007 में संशोधन के बाद आया है।
सरकार का कहना है कि UPI ट्रांजैक्शन तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकने और इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार अपग्रेड करने पर खर्च बढ़ रहा है। सिर्फ सब्सिडी के भरोसे आगे की ग्रोथ टिकाऊ नहीं होगी। ज्यादा कंपनियों को जोड़कर मुकाबला बढ़ाने और सेल्फ-सस्टेनेबल रेवेन्यू मॉडल बनाने के लिए शुल्क जरूरी है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा था कि डिजिटल पेमेंट सस्ता और सुरक्षित रहे, लेकिन इसकी लागत कोई तो उठाएगा।
ब्रोकरेज क्यों हैं बुलिश?
बर्नस्टीन के मुताबिक इस पूल से बैंकों को करीब 14,000 करोड़ रुपये, पेमेंट ऐप्स को करीब 7,000 करोड़ रुपये और नेटवर्क को करीब 1,000 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।एमके ग्लोबल रिसर्च ने कहा कि इस कदम का फायदा पेटीएम और पाइन लैब्स को मिलेगा। उसने दोनों पर Buy कॉल बनाए रखी है। उसने पेटीएम का टार्गेट प्राइस 2,400 रुपये और Pine Labs का 230 रुपये कर दिया है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
SOURCE : LIVE HINDUSTAN




