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UPI MDR पर NPCI का बड़ा फैसला! Paytm, Pine Labs और MobiKwik के शेयरों में हुई रिकवरी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • NPCI ने चुनिंदा UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू करने का फैसला दिवाली के तुरंत बाद तक टाल दिया है
  • इसके तहत ₹2,000 से ज्यादा के पात्र UPI पेमेंट पर 0.4% तक चार्ज लगाने का प्रावधान है
  • इस खबर के बाद Paytm, Pine Labs और One MobiKwik Systems के शेयरों में शुरुआती गिरावट के बाद रिकवरी देखने को मिली

दिवाली से पहले UPI ट्रांजैक्शन पर MDR (Merchant Discount Rate) लागू करने की तारीख आगे बढ़ने से फिनटेक (Fintech) कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिली। पेटीएम (Paytm), पाइन लैब्स (Pine Labs) और वन मोबिक्विक सिस्टम्स (One MobiKwik Systems) के शेयरों में शुरुआती गिरावट के बाद रिकवरी आई। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने साफ किया कि चुनिंदा UPI पेमेंट पर MDR चार्ज दिवाली के तुरंत बाद लागू किया जाएगा। इसकी सटीक तारीख अलग से घोषित होगी। इस फैसले के बाद निवेशकों का ध्यान एक बार फिर डिजिटल पेमेंट कंपनियों के कारोबार और उनकी कमाई पर टिक गया है।

Paytm के शेयरों में 6.5% तक गिरावट

13 अक्टूबर को कारोबार के दौरान पेटीएम (Paytm) के शेयरों में शुरुआती दबाव देखने को मिला और स्टॉक करीब 6.5% तक गिर गया। वहीं, पाइन लैब्स (Pine Labs) और वन मोबिक्विक सिस्टम्स (One MobiKwik Systems) के शेयर भी शुरुआती कारोबार में लगभग 4% तक फिसल गए। हालांकि, NPCI के बयान के बाद तीनों शेयरों ने दिन के निचले स्तर से रिकवरी की। दोपहर 1:40 बजे पेटीएम (Paytm) का शेयर करीब 1.4% गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, जबकि पाइन लैब्स (Pine Labs) हरे निशान में पहुंच गया। दूसरी ओर वन मोबिक्विक सिस्टम्स (One MobiKwik Systems) का शेयर लगभग 3% नीचे था। इससे साफ है कि MDR लागू होने के समय को लेकर आई खबर ने इन कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव बढ़ा दिया।

NPCI ने क्यों टाला MDR लागू करने का फैसला?

NPCI के मुताबिक, UPI और सर्विसेस स्टीरिंग कमेटी (Services Steering Committee) ने त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। चुनिंदा P2M (Person-to-Merchant) UPI ट्रांजैक्शन पर MDR दिवाली के तुरंत बाद लागू होगा। इसकी तारीख बाद में बताई जाएगी। इससे पहले 15 सितंबर को जारी सर्कुलर में NPCI ने कुछ UPI पेमेंट पर MDR लगाने का प्रावधान किया था। इसका उद्देश्य डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम के लिए कमाई का एक टिकाऊ मॉडल तैयार करना है। हालांकि, फिलहाल फैसला टलने से व्यापारियों और पेमेंट कंपनियों को त्योहारों के दौरान इस बदलाव के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।

₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर कितना चार्ज?

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू होगा। यह चार्ज ग्राहकों के बजाय व्यापारियों से लिया जाना है। ₹75,000 या उससे अधिक के ट्रांजैक्शन पर इसकी अधिकतम सीमा ₹300 होगी। रेलवे, टेलीकॉम, फ्यूल और इंश्योरेंस जैसी जरूरी सेवाओं के लिए ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर प्रति ट्रांजैक्शन ₹5 का फ्लैट चार्ज प्रस्तावित है। वहीं, म्यूचुअल फंड और स्टॉक ब्रोकिंग जैसे कैपिटल मार्केट ट्रांजैक्शन पर 0.02% की कम दर लागू होगी, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 रखी गई है। ध्यान देने वाली बात यह है कि ये नियम सभी UPI पेमेंट पर समान रूप से लागू नहीं होंगे। व्यक्तियों के बीच होने वाले ट्रांजैक्शन और डेली के अधिकांश मर्चेंट पेमेंट मुफ्त रहने की उम्मीद है।

कितने UPI ट्रांजैक्शन पर पड़ेगा असर?

NPCI के प्रमुख दिलीप अस्बे ने पिछले महीने बताया था कि UPI ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू में से लगभग 10% हिस्से पर ही ग्राहकों तक चार्ज का बोझ पहुंचने की आशंका है। उनके अनुसार, ट्रांजैक्शन की कुल संख्या में करीब 96% और कुल वैल्यू में लगभग 75% हिस्से पर फिलहाल चार्ज लगने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि UPI नेटवर्क में करीब 6 करोड़ एक्टिव मर्चेंट हैं। इनमें लगभग 75% QR कोड वाले व्यापारियों को ₹2,000 से अधिक का एक भी ट्रांजैक्शन नहीं मिला था। ऐसे में MDR का सीधा असर मुख्य रूप से चुनिंदा बड़े भुगतान और संबंधित व्यापारियों पर पड़ सकता है।

छोटे व्यापारियों के लिए ₹3,000 करोड़ का फंड

NPCI MDR से होने वाली कमाई का एक हिस्सा छोटे कारोबारियों और डिजिटल पेमेंट नेटवर्क को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल करने की योजना पर भी काम कर रहा है। दिलीप अस्बे के अनुसार, MDR कलेक्शन का 5% हिस्सा युवा उद्यमियों और सहायता की जरूरत वाले क्षेत्रों के लिए बनाए जाने वाले फंड में जा सकता है। NPCI इस दिशा में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और दूसरे संबंधित पक्षों के साथ काम कर रहा है। अनुमान है कि यह फंड 3 सालों में करीब ₹3,000 करोड़ तक पहुंच सकता है। इसका उद्देश्य छोटे व्यापारियों के बीच UPI की स्वीकार्यता बढ़ाना और पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

पेटीएम (Paytm), पाइन लैब्स (Pine Labs) और वन मोबिक्विक सिस्टम (One MobiKwik Systems) के शेयरों में आई रिकवरी से पता चलता है कि बाजार MDR लागू होने की समय-सीमा और उसके संभावित कारोबारी असर पर नजर रख रहा है। हालांकि, केवल इस खबर के आधार पर शेयरों में आगे की तेजी या गिरावट का अनुमान लगाना सही नहीं होगा। निवेशकों को कंपनियों की कमाई, पेमेंट बिजनेस की ग्रोथ, संभावित लागत और NPCI की ओर से जारी होने वाली अंतिम तारीख पर भी ध्यान देना चाहिए।

डिस्क्लेमर- शेयर मार्केट जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN