Source :- LIVE HINDUSTAN
रिपोर्ट में बताया गया कि जांच की शुरुआत 6 जनवरी 2025 को चोरी की एक रिपोर्ट से हुई, जिसमें सेक्स ट्रैफिकिंग के सबूत मिले। होमलैंड सिक्योरिटी टास्क फोर्स और ओमाहा पुलिस विभाग की टीम ने दोनों लड़कियों को बचाया।
अमेरिका के ओमाहा शहर में भारतीय मूल के व्यक्ति को नाबालिग लड़की के यौन शोषण के आरोप में 10 वर्ष की सजा सुनाई गई है। गुजरात का रहने वाला 27 वर्षीय शख्स अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा था और वहां के अमेरिसिन होटल में काम करता था। जनवरी 2025 में हुई इस घटना में दो नाबालिग लड़कियों को मानव तस्करों करके दूसरे राज्य से होटल में लाया गया था, जहां उन्हें यौन शोषण के लिए बेचा जा रहा था।
जांच की शुरुआत 6 जनवरी 2025 को चोरी की एक रिपोर्ट से हुई, जिसमें सेक्स ट्रैफिकिंग के सबूत मिले। होमलैंड सिक्योरिटी टास्क फोर्स और ओमाहा पुलिस विभाग की टीम ने दोनों लड़कियों को बचाया। लड़कियों ने बताया कि तस्करों ने उन्हें होटल स्टाफ के साथ यौन संबंध बनाने का आदेश दिया था, ताकि कमरे का किराया कम किया जा सके, नहीं तो उन्हें होटल से बाहर निकाल दिया जाता।
कैसे सामने आया पूरा मामला
आरोपी ने स्वीकार किया कि उन्होंने होटल के ड्रॉअर से पैसे निकालकर तस्करों को दिए और एक नाबालिग के साथ यौन संबंध बनाए। होटल कर्मचारियों ने तस्करों और नाबालिगों को कई दिनों तक होटल में रहने की इजाजत दी। तस्कर ऑनलाइन विज्ञापन पोस्ट करके यौन कार्यों की व्यवस्था करते थे। नाबालिग लड़कियों को बहुत कम भोजन दिया जाता था और वे मजबूरी में इन कार्यों में शामिल होती थीं।
अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के अनुसार, दो अन्य होटल कर्मचारियों समित चौधरी और विशाल गोस्वामी ने भी इस प्रक्रिया में हिस्सा लिया। पटेल समेत इन कर्मचारियों ने तस्करों को पैसे देकर नाबालिगों का शोषण किया। इस पूरे मामले में तस्कर एडुआर्डो जोस पेरडोमो, मिशेल मार्टिनेज-गोंजालेज और अल्फ्रेडो जाम्ब्रानो-हुर्ताडो भी आरोपी हैं। यूनाइटेड स्टेट्स अटॉर्नी लेस्ली वुड्स ने कहा कि होमलैंड सिक्योरिटी टास्क फोर्स ने इन बच्चों को एक भयानक जीवन से बचाया। सजा पूरी होने के बाद उसे अमेरिका से निर्वासित कर दिया जाएगा।
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