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https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/09/20/1200x900/Gondhal_to_Release_in_Hindi_1789902947614_PJxR_1789902960820_I3Vu_63e98184-a455-4a49-8a8e-c68c5bc3a80e_K3Vc.jpgमराठी सिनेमा की क्लासिक मूवी गोंधल अब जल्द ही हिंदी ऑडियंस के लिए थिएटर्स में अवेलिबल होगी। फिल्म की डबिंग का काम पूरा हो चुका है।
ऑस्कर के लिए भारत की तरफ से बतौर ऑफिशियल एंट्री जा रही मराठी फिल्म ‘गोंधल’ अब जल्द ही बहुत बड़ी ऑडियंस के लिए उपलब्ध होगी। मेकर्स इस फिल्म को हिंदी, तमिल और तेलुगू में रिलीज करने जा रहे हैं। महाराष्ट्र से निकलकर अब देशभर की ऑडियंस तक पहुंचने को तैयार इस फिल्म की डबिंग का काम पूरा हो चुका है, बल्कि अब मेकर्स इस फिल्म की अलग-अलग भाषाओं में रिलीज का ऐलान करने की तैयारी कर रहे हैं। एक खास बातचीत में फिल्म के एडिटर आशीष म्हात्रे ने बताया कि डबिंग का काम खत्म हो चुका है और अब रिलीज डेट का अनाउंसमेंट करने की तैयारी चल रही है।
थिएटर्स में जल्द ही रिलीज होगी गोंधल
आशीष म्हात्रे ने TOI के साथ बातचीत में कहा, “इस फिल्म का हिंदी, तमिल और तेलुगू वर्जन तैयार किया गया है। तो सभी पर काम किया जा रहा है। प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कुछ ही दिन में इसके बारे में अनाउंसमेंट कर दिया जाएगा।” मेकर्स ने फिल्म की थिएट्रिकल रिलीज को अपनी रणनीति का सबसे अहम हिस्सा बनाया हुआ है। अभी मेकर्स इस फिल्म को ओटीटी पर लाने के बारे में ज्यादा नहीं सोच रहे हैं। म्हात्रे ने बताया, “उन्होंने (मेकर्स ने) तय किया है कि वो अभी इसे ओटीटी पर रिलीज नहीं करेंगे। क्योंकि वो इसे थिएटर्स में दिखाना चाहते हैं।”
क्यों ओटीटी पर नहीं ला रहे हैं मेकर्स?
लेकिन सवाल यह है कि मेकर्स ऐसा क्यों चाहते हैं कि ज्यादातर ऑडियंस इस फिल्म को थिएटर्स में देखे? इसका जवाब देते हुए आशीष म्हात्रे ने कहा, “क्योंकि मोबाइल और टीवी पर क्या होता है? वो जब इसे छोटी स्क्रीन पर देखते हैं। तो आपका ध्यान बंटता रहता है।” उन्होंने बताया कि जब आप किसी फिल्म को एक बड़ी ऑडियंस के साथ थिएटर्स में देखते हैं तो उसका असली मजा आता है। बड़े पर्दे और थिएटर का एक्सपीरियंस सब कुछ बदल देता है। बता दें कि गोंधल इस साल भारत की तरफ से ऑस्कर में ऑफिशियल एंट्री है।
क्या है गोंधल की कहानी और कॉन्सेप्ट?
बात फिल्म की करें तो ‘गोंधल’ साल 2025 में रिलीज हुई एक कमाल की साइकोलॉजिकल और कल्चरल थ्रिलर मूवी है। भारत की तरफ से ऑस्कर में भेजी जा रही यह चौथी मराठी फिल्म है। इससे पहले ‘श्वास’, ‘हरिश्चंद्राची फैक्टरी’ और ‘कोर्ट’ को ऑस्कर के लिए भेजा जा चुका है। यह कहानी महाराष्ट्र के एक गांव के बैकग्राउंड पर बेस्ड है जो पूरी तरह से पारंपरिक ‘गोंधल’ की एक रहस्यमयी रात के इर्द-गिर्द घूमती है। बता दें कि गोंधल नवविवाहित जोड़ों के लिए होने वाली एक पवित्र धार्मिक रस्म है। इस फिल्म का शुरुआती सीन करीब 25 से 26 मिनट लंबा है। इसे बिना किसी कट के शूट किया गया है।
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