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अभी लाशें ही निकाल रहे थे लोग, वेनेजुएला में फिर आ गया भूकंप; भारत ने अपनी सेना भेज दी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

वेनेज़ुएला में भूकंप की महातबाही के बीच फिर आए झटके। 900 से ज्यादा मौतें, मलबे में दबे हजारों लोग। संकट की घड़ी में भारत ने लॉन्च किया ‘ऑपरेशन अमिस्टाड’, भारतीय सेना और भीष्म क्यूब अस्पताल रवाना।

वेनेज़ुएला इस समय सदी की सबसे भयंकर प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है। 24 जून 2026 को आए दो विनाशकारी भूकंपों ने देश को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया है। लोग अभी ढही हुई इमारतों के मलबे से अपनों की लाशें निकाल ही रहे थे कि धरती एक बार फिर से कांप उठी। इस भीषण त्रासदी के बीच, भारत ने एक सच्चे दोस्त की तरह मदद का हाथ बढ़ाया है और ‘ऑपरेशन अमिस्टाड’ (Operation Amistad) के तहत अपनी सेना की विशेष मेडिकल टीम और भारी मात्रा में राहत सामग्री वेनेज़ुएला भेज दी है।

वेनेज़ुएला में फिर आ गया भूकंप

शुक्रवार की रात वेनेजुएला में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। यह ताजा भूकंप देश के उत्तरी तट (नॉर्दर्न कोस्ट) पर आया है। यह झटके ऐसे समय में आए हैं जब महज दो दिन पहले ही वेनेजुएला में लगातार दो शक्तिशाली भूकंप आए थे। वेनेजुएला के उत्तरी तट पर आए इस नए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.9 मापी गई है।

वेनेज़ुएला में तबाही का मंजर

24 जून को वेनेज़ुएला के उत्तरी तट पर कुछ ही सेकंड के अंतराल में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए थे। सीस्मोलॉजिस्ट्स के अनुसार, दूसरा भूकंप पहले झटके के महज 39 सेकंड बाद आया था, जिसे विज्ञान की भाषा में “डबलट” इवेंट कहा जाता है। इन भूकंपों का केंद्र राजधानी काराकास से लगभग 100 मील पश्चिम में मोरोन के पास स्थित था।

इन शक्तिशाली झटकों की वजह से काराकास और आसपास के राज्यों में भारी तबाही मची और सैकड़ों इमारतें जमींदोज हो गईं। विनाशकारी भूकंप में अब तक 920 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों अन्य लोग घायल हुए हैं। बचाव दल मलबे में दबे 51,000 से ज्यादा लापता लोगों की तलाश में दिन-रात जुटे हुए हैं।

भारत ने लॉन्च किया ‘ऑपरेशन अमिस्टाड’

वेनेज़ुएला के इस गहरे संकट की घड़ी में भारत सरकार ने तेजी से कदम उठाते हुए बड़े पैमाने पर राहत अभियान ‘ऑपरेशन अमिस्टाड’ शुरू किया है। स्पैनिश भाषा में ‘अमिस्टाड’ का मतलब ‘दोस्ती’ होता है। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने बड़ी मदद भेजी है।

  • दिल्ली के करीब हिंडन एयरबेस से वायुसेना के दो भारी-भरकम C-17 ग्लोबमास्टर ट्रांसपोर्ट विमान वेनेज़ुएला के लिए रवाना किए गए हैं।
  • भारतीय सेना की 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल की 41 सदस्यीय विशेष मेडिकल टीम को घायलों के फौरी इलाज और ट्रॉमा रिलीफ के लिए भेजा गया है।
  • भारत ने अपना अत्याधुनिक पोर्टेबल मॉड्यूलर फील्ड अस्पताल ‘भीष्म’ (Bharat Health Initiative for Sahyog, Hita & Maitri) क्यूब भी भेजा है। इसे आपदा स्थल पर तुरंत असेंबल करके एक पूरी तरह से फंक्शनल अस्पताल में बदला जा सकता है, जो 200 मरीजों के लिए आपातकालीन सर्जरी और इंटेंसिव केयर की सुविधा देने में सक्षम है।
  • इन विमानों में 35 टन से अधिक आवश्यक राहत सामग्री भेजी गई है, जिसमें जीवन रक्षक दवाइयां, सर्जिकल उपकरण, पोर्टेबल वेंटिलेटर, पानी साफ करने की यूनिट्स और खाने-पीने का सामान शामिल है।

वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि भारत इस अत्यंत मुश्किल समय में वेनेज़ुएला की सरकार और वहां के लोगों की हरसंभव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत की यह सामरिक और मानवीय पहल ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ (पूरी दुनिया एक परिवार है) के प्राचीन सिद्धांत को दर्शाती है और अंतरराष्ट्रीय आपात स्थितियों में ‘ग्लोबल फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ के रूप में भारत की छवि को और मजबूत करती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN