Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है। इस बीच इजरायल ने बड़ा कदम उठाया है। इजरायली सैन्य बलों ने सभी मिलिट्री छुट्टियां रद्द कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ईरान पर नए बड़े हमले की तैयारी कर सकते हैं।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है। संभव है कि बहुत जल्द ही अच्छी खबर सामने आए। इस बीच एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। खबर है कि इजरायल की सैन्य बलों ने सभी सैन्य छुट्टियां रद्द कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार, इस कदम से संकेत मिलते हैं कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ईरान पर नए हमले की तैयारी कर सकते हैं। इजरायली चैनल 13 के अनुसार, यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब इजरायल कथित तौर पर तेहरान के खिलाफ एकतरफा सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इजरायल इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि अमेरिका अब उसकी शर्तों पर युद्ध जारी रखने को तैयार नहीं है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका इस संघर्ष से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहा है। अमेरिकी जनरल डैन केन ‘ऑफ-रैंप’ की तलाश में हैं और उनका मानना है कि ईरान को हराने के लिए केवल एयरपावर पर्याप्त नहीं होगी। इस बीच, इजरायल अमेरिकी कूटनीति को गतिरोध के रूप में देख रहा है और स्वतंत्र रूप से कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। यह आकलन तब सामने आया है जब इजरायल का मानना है कि ईरान इस अभियान में अपेक्षा से अधिक समय तक टिका हुआ है।
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि नेतन्याहू ने वरिष्ठ सरकारी और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) अधिकारियों के खिलाफ हमले का आदेश दिया है। हालांकि, एकतरफा इजरायली ऑपरेशन से इजरायल खुद ईरान का प्रमुख निशाना बन सकता है।
आईडीएफ ने सभी छुट्टियां क्यों रद्द कीं?
रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने आधिकारिक रूप से सभी सैन्य छुट्टियां रद्द कर दी हैं। यह कदम इसलिए ध्यान खींच रहा है क्योंकि इजरायल ने 26 फरवरी को भी ऐसा ही किया था। वह कदम ईरान के सुप्रीम लीडर के परिसर को निशाना बनाने वाले हमलों से ठीक 48 घंटे पहले उठाया गया था। इस नए फैसले से संभावना बढ़ गई है कि इजरायल एक और बड़े ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है।
ईरान ने हाइफा और तेल अवीव को दी धमकी
ईरान ने पहले ही चेतावनी दी है कि अगर इजरायल तनाव बढ़ाता है तो वह सीधे हाइफा रिफाइनरी और तेल अवीव को निशाना बना सकता है। सूत्रों के अनुसार, इजरायल के इंटरसेप्टर स्टॉक बहुत कम हैं, जिससे नए हमले के बदले का सामना करना मुश्किल हो सकता है। तेहरान ने पहले भी मिसाइल हमलों के दौरान इजरायली एयर डिफेंस को भेदने की क्षमता दिखाई है। ऐसे में एकतरफा हमला ईरान के जवाबी हमले को आमंत्रित कर सकता है, जो इजरायल की कमजोर एयर-डिफेंस क्षमताओं पर भारी पड़ सकता है।
इजरायल में अक्टूबर में होंगे चुनाव
ईरान पर हमले के फैसले को नेतन्याहू के सामने मौजूद राजनीतिक परिस्थितियों से भी जोड़ा जा रहा है। अक्टूबर में चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में नेतन्याहू को अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए जीत की जरूरत बताई जा रही है। ईरान पर हमला उनका अंतिम विकल्प माना जा रहा है। हालांकि, ईरान पहले ही दिखा चुका है कि वह अमेरिकी हमलों का सामना कर सकता है और अधिक मजबूत होकर उभर सकता है। इसलिए, अमेरिकी मदद के बिना अकेले कार्रवाई करने वाला इजरायल ईरान को हराने में विफलता का सामना कर सकता है।
युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान की नई शर्तें
नए हमले की खबरें ऐसे समय में आई हैं जब ईरान ने अमेरिका के सामने नई सख्त शर्तें रखी हैं। होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर बातचीत जारी है, जो दुनिया के सबसे व्यस्त तेल शिपिंग मार्गों में से एक है। ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहम्मद बाघेर जोलगदर ने कहा कि अमेरिका को ‘अपना बर्ताव ठीक करना चाहिए’ और स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए कई शर्तें रखीं। इनमें अमेरिकी प्रतिबंध हटाना और युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा देना शामिल है।
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