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अष्टमी-नवमी पर बना हलवा ड्राई हो जाता है तो 5 टिप्स नोट कर लें, सॉफ्ट और मुंह में घुलेगा

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Source :- LIVE HINDUSTAN

माता रानी को भोग लगाने और कंजकों को खिलाने के लिए अष्टमी और नवमी पर हलवा पूड़ी बनाती हैं। लेकिन ये हलवा बिल्कुल ड्राई हो जाता है और कोई इसे खाना ही नहीं चाहता, हर नवरात्रि पर आपके साथ ऐसा होता है तो मुंह में घुल जाने वाला सॉफ्ट हलवा बनाने की 5 टिप्स नोट कर लें।

दुर्गाअष्टमी और नवमी पर माता रानी को भोग लगाने और कंजकों को खिलाने के लिए सूजी का हलवा बनाती है। पूड़ी और काले चनों के साथ इस हलवा का भोग बेहद जरूरी होता है क्योंकि माता रानी को ये प्रिय है। लेकिन हर बार सूजी का हलवा बिल्कुल ड्राई बनता है और ठंडा होने के बाद कड़क हो जाता है। जिसकी वजह से टेस्ट भी कुछ खास नहीं लगता और ना ही कंजक मन लगाकर इन हलवे को खाना पसंद करती हैं। अगर आपके साथ भी हर साल नवरात्रि भोग में ऐसा ही होता है तो ये 5 टिप्स याद रखें। हर बार हलवा मुंह में घुल जाने वाला सॉफ्ट बनकर तैयार होगा। बस नोट कर लें ये पांच छोटे-छोटे सीक्रेट टिप्स।

दानेदार हो सूजी

सूजी का हलवा बनाना हो तो सूजी की क्वालिटी का ख्याल रखना जरूरी है। हलवा बनाने के लिए बिल्कुल महीन वाली सूजी खरीदने की गलती कभी ना करें नहीं तो ये हलवे को बिल्कुल पेस्ट जैसा टेक्सचर दे देगी। हमेशा बड़े दानों वाली सूजी ही खरीदें। जिससे कि हलवा सॉफ्ट बनें और हर दाने में मिठास भरने से ये बिल्कुल रसीला हो जाए।

थोड़ा सा बेसन देगा स्वाद

सूजी का हलवा बना रही हैं तो बेसन डालना ना भूलें। जी हां, एक कप सूजी है तो इसमे दो चम्मच के करीब बेसन घी में डालकर भून कर रख लें। ये बेसन दानेदार सूजी को एक रखेगा और स्वाद में खास महक ऐड करेगा। जिससे हलवा और भी ज्यादा टेस्टी बनकर तैयार होगा। हलवाई का बना हलवा इसीलिए तो टेस्टी बनता है क्योंकि वो इसमे थोड़ा सा बेसन मिला देते हैं।

भूनते समय ना करें जल्दीबाजी

जब भी सूजी के हलवे के लिए सूजी भून रही हों तो जल्दीबाजी ना करें। सूजी को धीमी आंच पर 10-12 मिनट तक लगातार भूनें। पर्याप्त मात्रा में घी डालें और तब तक भूनें जब तक कि इसका कलर ना बदल जाए और इसमे से सोंधी महक ना आने लगे। ध्यान रहे कि इसे अच्छी तरह से चलाते हुए भूनें, जरा सी लापरवाही और आपकी सूजी कड़ाही में लग जाएगी, जिससे सारी महक जलने वाली आने लगेगी।

दूध और गुड़ डालने का तरीका

जल्दीबाजी में दूध उबालकर उस गर्म दूध में गुड़ ना डाल दें। सबसे पहले गुड़ को कड़ाही में हल्का सा पानी डालकर मेल्ट करें। फिर गर्म दूध को धीरे-धीरे डालें और चलाते जाएं। जिससे सारा गुड़ दूध में अच्छी तरह से मिक्स हो जाए। दूध उबालते समय पहले ही पानी मिलाकर मात्रा बढ़ा लेना।

कड़ाही छोड़ने तक हलवा पकाना है

अब सूजी में ये गुड़ वाला दूध डालकर चलाएं और पकने दें। इसे तब तक पकाएं जब तक कि सूजी पककर कड़ाही ना छोड़ दे और साइड में घी ना नजर आने लगे। ये सबसे जरूरी टिप है, जिसकी वजह से हलवा परफेक्ट टेक्सचर में आता है ना ज्यादा गीला और ना ज्यादा सूखा। इन 5 छोटे टिप्स को हलवा बनाते समय याद रखेंगे तो बिल्कुल परफेक्ट मुंह में घुल जाने वाला सूजी का हलवा बनकर तैयार होगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN