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https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/05/30/1200x900/mplr_1780135036731_1780135051777_0e5a59e8-c94a-48bc-823c-f083dbb87ace.jpgमोहम्मद रफी और लता मंगेशकर ने एक रोमांटिक गाना साथ में गाया था, लेकिन क्या आप जानते हैं उस गाने को रिकॉर्ड करते वक्त दोनों सिंगर्स बात नहीं करते थे।
मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर हिंदी म्यूजिक इंडस्ट्री के 2 ऐसे महान गायक थे जिनकी आवाज के लाखों दीवाने थे। दोनों ने साथ में कई हिट गाने दिए थे, लेकिन फिर एक समय ऐसा आया जब दोनों के बीच दरार आ गई। बात है साल 1963 की, फिल्म थी ताजमहल और संगीतकार थे रौशन। उस समय रफी साहब और लता मंगेशकर के बीच रॉयल्टी को लेकर विवाद चल रहा था। स्टूडियो के माहौल में एक अजीब सी खामोशी और तनाव था। लेकिन रोशन साहब को ये दोनों दिग्गज सिंगर ही चाहिए थे। बिना एक-दूसरे से नजरे मिलाए, गाना शुरू किया। इसके बाद दोनों ने गाना शुरू किया जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा।
लता हो गई थीं इस गाने को सुनकर इमोशनल
यह गाना दोनों के करियर का सबसे हिट गाने में से एक रहा है। वहीं इस गाने को सुनकर लता काफी इमोशनल भी हो गई थीं। लता मंगेशकर ने खुद कहा था कि फैंस उनके इस गाने को सबसे ज्यादा पसंद करते थे। वह कहती थीं कि रफी साहब ने इसमें जो अपने एहसास डाले वो सुनकर उन्हें रोना आ जाता था।
दोनों ने साथ में गाए कई गानें
बता दें कि लता और रफी साहब ने साथ में पहली बार चलो हो गई तैयार गाया था। यह गाना फिल्म शादी से पहले का था। इस गाने के साथ एक नई जोड़ी मिल गई थी दर्शकों को हिंदी फिल्म म्यूजिक में। इसके बाद दोनों ने बैजू बावरा, मदर इंडिया, कोहिनूर, मेरे महबूब समेत कई मूवीज में गाना गाया। लेकिन फिर 1963 में दोनों की सक्सेसफुल पार्टनरशिप में काले बादल छाने लगे। रफी एक आम इंसान वाली लाइफ जीना पसंद करते थे और वह बाकी फिल्मों के बिजनेस से दूर रहते थे।
क्यों हुआ था दोनों के बीच विवाद
वहीं लता मंगेशकर उस समय अपने गानों को लेकर रॉयल्टी चाहती थीं जो उस समय भारत में आम नहीं था। इस पर चर्चा काफी होने लगी और एचएमवी जो सबसे बड़ा और पॉपुलर म्यूजिक लेबल था उन्होंने कहा कि रॉयल्टी अगर दी जाएगी तो प्रोड्यूसर्स ही देंगे, लेकिन प्रोड्यूसर्स ने एचएमवी को ही कहा कि वे ही देंगे। उस वक्त लता, मुकेश और तलाक महमूद ने कहा कि अगर उन्हें रॉयल्टी नहीं मिली तो वे उनके लिए गाने नहीं गाएंगे। बाकी सिंगर्स को भी उन्होंने यही कहा, लेकिन तभी लता तो पता चला कि रफी साहब ने तो एचएमवी के लिए गाना रिकॉर्ड किया है।
लता मंगेशकर ने साल 2009 में एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मैं रॉयल्टी लेना चाहती थी, लेकिन यह भी चाहती थी कि बाकी आर्टिस्ट भी इसे लें। रफी साहब लेकिन मेरे कैम्पेन के खिलाफ थे। वह कहते थे कि हमें अपने गाने के लिए प्रोड्यूसर्स से पैसे मिलते थे और बस यही हमें चाहिए। उन्होंने फिर मुकेश को कहा कि मुझे लगता है यह महारानी यहां वही कहेंगी जो इन्हें कहना है। मैंने भी फिर कहा कि हां मैं हूं महारानी।’
दोनों ने एक-दूसरे के साथ गाना गाने से किया था मना
कहा जाता है कि इसके बाद रफी साहब ने फैसला किया कि वह लता के साथ गाना नहीं गाएंहे। साल 2012 में लता ने सुभाष के झा को दिए इंटरव्यू में कहा था, रफी साहब ने कहा था कि मुझे अब लता के साथ गाना नहीं गाना। मैंने भी कहा कि रफी साहब आप नहीं गाओगे मेरे साथ? मैं नहीं गाऊंगी आपके साथ। मैं काफी गुस्से में आ गई थी और फिर सभी कम्पोजर्स को कहा कि रफी साहब को छोड़कर मुझे दूसरे सिंगर के साथ गाना गाने को देना।
3 साल बाद फिर गाए साथ में गानें
लता और रफी साहब ने फिर 3 साल तक एक-दूसरे के साथ गाना नहीं गाया जिसने इंडस्ट्री के कई म्यूजिक कम्पोजर्स के लिए मुश्किल खड़ी कर दी। लता ने फिर लड़ाई सॉल्व होने पर कहा था, हमने कई गाने रिकॉर्ड किए फिर साथ में। बाद में हम हंसते थे कि कैसे फालतू में हम लड़े थे।
बता दें कि मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर ने साथ में 448 गाने गाए हैं।
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