Home BUSINESS NEWS HINDI केंद्रीय कर्मचारियों के HRA में होगा बदलाव… आठवें वेतन आयोग को लेकर...

केंद्रीय कर्मचारियों के HRA में होगा बदलाव… आठवें वेतन आयोग को लेकर नया अपडेट

4
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

8th Pay Commission latest: केंद्रीय कर्मचारियों के बीच आठवें वेतन आयोग को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ कर्मचारी संगठन हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में व्यापक बदलाव की मांग कर रहे हैं। नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के कर्मचारी पक्ष ने HRA को मौजूदा आवास की वास्तविकताओं के अनुरूप बनाने के लिए कई अहम बदलावों और संशोधनों का सुझाव दिया है। आइए डिटेल में जान लेते हैं।

HRA को लेकर क्या है मांग?

हाउस रेंट अलाउंस को लेकर कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा स्ट्रक्चर अब कई बड़े शहरों में बढ़ते किराए या तेजी से बढ़ती महंगाई के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहा है। ऐसे में इस स्ट्रक्चर में बदलाव की जरूरत है। कर्मचारी प्रतिनिधियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में आवास की लागत और रोजमर्रा की महंगाई तेजी से बढ़ी है। HRA में संशोधन और सुधार महंगाई के साथ तालमेल बिठाने में विफल रहे हैं। उनका मानना ​​है कि अगर HRA को DA (महंगाई भत्ता) से जोड़ दिया जाए और साथ ही शहरों के वर्गीकरण को नियमित रूप से अपडेट किया जाए तो इससे भत्ते तेजी से बदलती आर्थिक स्थितियों के हिसाब से हो सकेंगे।

किस कैटेगरी के लिए क्या मांग?

कर्मचारी संगठनों के प्रस्ताव के अनुसार HRA को वास्तविक किराए से जोड़ा जाए ताकि कर्मचारियों को बाजार दरों के अनुरूप राहत मिल सके। इसके साथ ही शहरों की आबादी के आधार पर नई दरें तय करने की सिफारिश की गई है, जिसके तहत 50 लाख से अधिक आबादी वाले X कैटेगरी के शहरों में 40%, 5 से 50 लाख आबादी वाले Y श्रेणी के शहरों में 35% और 5 लाख से कम आबादी वाले Z श्रेणी के शहरों में 30% HRA दिया जाए।

रेलवे सीनियर सिटिजन्स वेलफेयर सोसाइटी ने भी शहरी इलाकों में तेजी से बढ़ती जीवन-यापन की लागत और महंगाई का हवाला देते हुए HRA और अन्य संबंधित भत्तों की नियमित समीक्षा का समर्थन किया है।

कब हुआ था गठन?

8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। इस वेतन आयोग की अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं, जिसमें प्रोफेसर पुलक घोष पार्ट-टाइम सदस्य और पंकज जैन सदस्य सचिव हैं।

यह वेतन आयोग 18 महीनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। इस तरह, उम्मीद की जा रही है कि साल 2027 की पहली छमाही तक रिपोर्ट सरकार को सौंपा जाएगा। वेतन आयोग की सिफारिशों पर केंद्रीय कर्मचारियों की नजर है। खासतौर पर यह देखना अहम है कि फिटमैंट फॉर्मूला कौन सा लागू किया जाता है। बता दें कि छठे और सातवें वेतन आयोग के लिए फिटमेंट फैक्टर क्रमशः 1.86 और 2.57 थे।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN