Source :- LIVE HINDUSTAN

8th Pay Commission Bhubaneswar visit; 8वें वेतन आयोग ने 6 और 7 जुलाई 2026 को भुवनेश्वर दौरे का कार्यक्रम जारी किया है। इस दौरान केंद्रीय सरकारी संगठन, यूनियन और कर्मचारी संघ आयोग से मिलकर अपनी मांगें और सुझाव रख सकेंगे। इच्छुक संगठनों को 31 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। 

8th Pay Commission Bhubaneswar visit; केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अहम मानी जा रही 8वें वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) की गतिविधियां अब तेजी पकड़ती दिखाई दे रही हैं। आयोग ने हाल ही में घोषणा की है कि वह 6 और 7 जुलाई 2026 को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर (Bhubaneswar) का दौरा करेगा। इस दौरान आयोग विभिन्न केंद्रीय सरकारी संगठनों, कर्मचारी यूनियन, संस्थानों और एसोसिएशन से मुलाकात करेगा और उनकी मांगों व सुझावों को सुनेगा। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

आयोग की ओर से जारी आधिकारिक नोटिस के मुताबिक जो भी संगठन या यूनियन 8वें वेतन आयोग से मिलना चाहते हैं, उन्हें 31 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के जरिए अपॉइंटमेंट का अनुरोध भेजना होगा। खास बात यह है कि केवल वही संगठन बैठक के लिए आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने पहले से अपना मेमोरेंडम जमा किया हो और जिनके पास यूनिक मेमो ID (Unique Memo ID) मौजूद हो।

सरकारी कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया काफी अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसी के जरिए वेतन वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर, DA मर्जर, पेंशन सुधार और अन्य मांगों को सीधे आयोग के सामने रखने का मौका मिलेगा। कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि इस बार आयोग महंगाई, बढ़ते खर्च और आधुनिक जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला ले सकता है।

8वां वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) इससे पहले भी कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दौरे का कार्यक्रम जारी कर चुका है। आयोग जून 2026 में श्रीनगर (Srinagar) और लद्दाख (Ladakh) का दौरा करेगा। वहीं, लखनऊ (Lucknow) में भी आयोग की बैठकें प्रस्तावित हैं, जहां उत्तर प्रदेश के केंद्रीय कर्मचारी संगठन अपने सुझाव पेश कर सकेंगे। आयोग ने यह भी साफ किया है कि आने वाले समय में अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी अलग-अलग बैठकें आयोजित की जाएंगी, यानी देशभर के कर्मचारियों और पेंशनर्स को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा।

दरअसल, 8वें वेतन आयोग का गठन केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्तों और पेंशन ढांचे की समीक्षा के लिए किया है। आयोग को अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। माना जा रहा है कि आयोग की रिपोर्ट आने के बाद लाखों कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

आयोग जिन प्रमुख बिंदुओं पर विचार करेगा, उनमें देश की आर्थिक स्थिति, राजकोषीय अनुशासन, पेंशन योजनाओं का वित्तीय बोझ, राज्य सरकारों पर पड़ने वाला असर, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और निजी क्षेत्र की सैलरी संरचना जैसी बातें शामिल हैं। इसके अलावा कर्मचारियों की सेवा शर्तें और सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कर्मचारी संगठनों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। कई यूनियनें 3.68 से 3.83 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रही हैं। अगर ऐसा होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। वहीं, पेंशनर्स भी नई पेंशन व्यवस्था और DA से जुड़े मुद्दों पर राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

फिलहाल, 8वें वेतन आयोग की बैठकों का दौर शुरू हो चुका है और देशभर के कर्मचारी इसकी हर अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले महीनों में आयोग की सिफारिशें सरकारी कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति पर बड़ा असर डाल सकती हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN