Source :- LIVE HINDUSTAN
5 types of Turmeric: पीली हल्दी तो सभी जानते होंगे, साथ ही हल्दी खाने के काम में आती है, इस बात की भी जानकारी होगी। लेकिन क्या आप जानते हैं 5 तरह की हल्दी में से एक हल्दी का इस्तेमाल खाने के लिए नहीं किया जाता, जाने हल्दी की 5 अलग-अलग वैराइटी के बारे में….
हल्दी के नाम पर वो पीला मसाला याद आता है। जिसे सब्जी में कलर देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यहीं नहीं हल्दी के कई गुण हैं जिसकी वजह से इसका इस्तेमाल सर्दी-जुकाम में भी होता है। दूध में हल्दी मिलाकर पीने से इम्यूनिटी मजबूत होती है। सर्दियों में आपको मार्केट में कच्ची हल्दी भी खूब मिल जाएगी। जिसकी लोग सब्जियां और अचार भी बनाते हैं। लेकिन सुनकर हैरानी होगी क्योंकि खेत में एक या दो नहीं पूरे 5 तरह की हल्दी उगाई जाती है। सबसे खास बात कि इन हल्दी का काम भी एक दूसरे से काफी अलग होता है। यहीं नहीं एक हल्दी तो खाने के काम में नहीं लाई जाती है बल्कि उसका इस्तेमाल केवल स्किन पर किया जाता है। जानें पहाड़ों पर उगने वाली हल्दी के बारे में….
काली हल्दी
काली हल्दी का रंग अंदर से हल्का नीला सा दिखता है। ये हल्दी औषधीय उपयोग में लाई जाती है। जोड़ों में दर्द, सूजन, मोच जैसी कई बीमारियों में आयुर्वेदिक औषधि केरूप में इस्तेमाल की जाती है। इस हल्दी को काढ़े में या सूप में डालकर पी सकते हैं।
अंबा हल्दी
अंबा हल्दी दिखने में बहुत ही हल्के पीले रंग की होती है। लगभग पीला रंग ना के बराबर होता है लेकिन ये अपनी खुशबू की वजह से जानी जाती है। इसमे कच्चे आम की खुशबू आती है। इस हल्दी का इस्तेमाल अचार, रायता, चटनी जैसी चीजों में किया जाता है। ये इन खाने की चीजों का टेस्ट बढ़ा देती है। यहीं नहीं अंबा हल्दी डाइजेशन को भी इंप्रूव करती है।
कस्तूरी हल्दी
कस्तूरी हल्दी की गांठ बिल्कुल अदरक जैसी दिखती है। लेकिन इसको काटने पर अंदर से कपूर के जैसी महक आती है। कस्तूरी हल्दी का इस्तेमाल ब्यूटी के लिए किया जाता है। मुल्तानी मिट्टी और दही में मिलाकर इसे लगाते हैं। लेकिन कस्तूरी हल्दी को खाने के काम में नहीं लाया जाता है।
पीली हल्दी
ये साधारण पीली हल्दी है जो हर घर में यूज होती है। इस हल्दी की गांठ को देखकर ही पहचाना जा सता है। आमतौर पर लोग इसी हल्दी का फ्लेवर और महक भी जानते हैं।
लकडोंग हल्दी
इस हल्दी की करक्यूमिन वैल्यू काफी ज्यादा होती है। आमतौर पर हल्दी में करक्यूमिन की मात्रा 2-5 प्रतिशत होती है जबकि लकडोंग हल्दी में करक्यूमिन लगभग 7-12 प्रतिशत तक होती है। इस हल्दी की मेडिसिनल वैल्यू भी ज्यादा होती है। ये हल्दी मेघालय जैसे पहाड़ी एरिया में सबसे ज्यादा होती है। इसकी महक काफी तीखी होती है और रंग गहरा पीला होता है।
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