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क्या आप नौकरी के इंटरव्यू में आइस्ड कॉफ़ी लेकर जाएंगे?
इस सप्ताह इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना यह सवाल, कई अन्य सवालों की तरह, एक टिकटॉक वीडियो से शुरू हुआ.
अमेरिका की रिक्रूटर कैटलिन वेनिएनेन ने कहा, “अपने इंटरव्यू में एकदम कैजुअल अंदाज़ में आइस्ड कॉफी लेकर मत जाइए, इससे ऐसा लगता है कि आपके पास पहले से कॉफ़ी ख़त्म करने का समय नहीं था.”
उन्होंने कहा कि उनके जेन ज़ी के नौकरी के उम्मीदवार यही कर रहे हैं, और उन्होंने चेतावनी दी कि इससे ऐसा लगता है कि इंटरव्यू ‘दिनभर के कामों की आपकी सूची में बस एक पड़ाव’ है.
इस पोस्ट ने उस बहस की शुरुआत कर दी है जिसे वेनिएनेन 2026 की ग्रेट आइस्ड कॉफ़ी बहस कहती हैं.
कुछ लोगों का मानना है कि हाथ में आइस्ड माचा लाते लेकर आना एक घोर पाप है. उनका कहना है कि यह गैर-पेशेवर, बहुत अनौपचारिक और ध्यान भटकाने वाला है.
कुछ अन्य लोगों का मानना है कि ऐसा कहना ज़रूरत से ज़्यादा प्रतिक्रिया है और इस बात से ध्यान भटकाती है कि नौकरी पाना या इंटरव्यू देना कितना कठिन है.
इसके बाद लिंक्डइन पर एक पोस्ट में, वेनिएनेन कहती हैं, “मैं कभी यह नहीं कह रही थी कि कॉफ़ी लाने से कोई व्यक्ति ख़राब उम्मीदवार बन जाता है.”
मेरा मतलब सिर्फ़ ध्यान भटकाने वाली चीज़ों से बचना था.
इंटरव्यू के दौरान क्या आइस कॉफ़ी ले जाना ठीक है?

28 वर्षीय हनाद लंदन में एक एनर्जी सप्लाई कंपनी में काम करते हैं. उन्हें आइस्ड कॉफ़ी पसंद है, लेकिन वे इसे इंटरव्यू में लेकर नहीं आएंगे.
वो कहते हैं, “नौकरी के इंटरव्यू में सब कुछ पहली छाप पर निर्भर करता है. कोई भी बात, नौकरी पर रखने वाले को आपको भर्ती करने से रोक सकती है.”
“आइस्ड कॉफ़ी एक ऐसी चीज़ है जिसे बहुत सारे टीनेजर पीते हैं… इसे पीना अपरिपक्व और बहुत अनौपचारिक लगेगा.”
इन्हीं कारणों से वह कभी भी एनर्जी ड्रिंक साथ नहीं लाते. लेकिन उनका कहना है कि पानी या गर्म कॉफ़ी ठीक रहेगी.
उनकी सहकर्मी 24 वर्षीय स्वेतिना का मानना है कि किसी संभावित कर्मचारी का मूल्यांकन इस आधार पर नहीं किया जाना चाहिए कि वे इंटरव्यू में क्या लेकर आते हैं और न ही उनके पहनावे के आधार पर.
“मुझे लगता है कि हमें इन पारंपरिक कॉर्पोरेट रूढ़ियों से दूर जाना चाहिए. महत्वपूर्ण यह है कि इंटरव्यू के दौरान शख़्स असल में क्या बातचीत कर रहा है.”
28 वर्षीय आयशा कहती हैं कि वह अपने साथ एक आइस्ड कॉफ़ी ले जाएंगी, “मुझे लगता है कि इससे पता चलता है कि मैं आइस्ड कॉफ़ी लेने के लिए काफ़ी जल्दी आ गई हूं.”
लेकिन वह कोई फ़िज़ी ड्रिंक नहीं लाएंगी.
सामान्य तौर पर, उनका मानना है कि कई नौकरी देने वाले एम्प्लॉयर उम्मीदवारों में व्यक्तित्व देखना पसंद करते हैं, “इससे आप नौकरी के लिए आवेदन करने वाले अन्य लोगों से अलग दिखते हैं.”
लैंगिक भेदभाव पर बहस

इवेंट्स में पर्सनल असिस्टेंट का काम करने वाली 25 वर्षीय कहती हैं कि वह व्यक्तिगत रूप से नौकरी के इंटरव्यू में आइस्ड कॉफ़ी लेकर नहीं जाएंगी.
लेकिन वह वेनिएनेन की पोस्ट को लेकर हुए विवाद को ‘थोड़ा लैंगिक भेदभाव वाला’ मानती हैं, क्योंकि आमतौर पर लड़कियां ही आइस्ड कॉफ़ी पीती हैं.
“अगर यह गर्म कॉफ़ी होती, जो कि अधिक मर्दाना मानी जाती है, तो इस बारे में कोई चर्चा नहीं होती.”
पहली नौकरी पाने की कोशिश कर रहे युवाओं को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
ब्रिटेन में ग्रैजुएट नौकरियों की संख्या पिछले एक साल में लगभग आधी हो गई है, क्योंकि एम्प्लॉयर एआई की वजह से एंट्री लेवल के पदों में कटौती कर रहे हैं और बढ़ती लागतों से जूझ रहे हैं.
16-24 आयु वर्ग के लगभग आठ में से एक व्यक्ति शिक्षा, रोज़गार या प्रशिक्षण में नहीं है.
अमेरिका में युवा कामगार भी रोज़गार की तंगी से जूझ रहे हैं क्योंकि भर्ती प्रक्रिया धीमी हो गई है.
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SOURCE : BBC NEWS




