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क्या सालाना इनकम 4 लाख रुपये से कम है? फिर भी ITR भरना है जरूरी, जानिये नियम

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Source :- LIVE HINDUSTAN

ITR 2026: ज्यादातर लोग सोचते हैं कि अगर सालाना इनकम 4 लाख रुपये से कम है, तो इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल की जरूरत नहीं है। उन्हें लगता है कि इनकम चार लाख रुपये से कम होने पर उनका कोई टैक्स नहीं बनता, लेकिन ऐसा हमेशा सही नहीं होता। इनकम टैक्स में कुछ ऐसे नियम हैं, जिनके तहत कम इनकम होने पर भी आईटीआर फाइल करना अनिवार्य है। अगर ऐसा नहीं किया तो इनकम टैक्स विभाग का नोटिस आ सकता है। साथ ही कुछ मामलों में जुर्माना भी देना पड़ सकता है।

1. बैंक खाते में बड़ा कैश जमा होना

अगर आपने एक फाइनेंशियल ईयर में अपने एक या अधिक सेविंग अकाउंट में कुल 50 लाख रुपये या उससे ज्यादा जमा किए हैं, तो आईटीआर भरना जरूरी है। वहीं, करेंट अकाउंट में कुल 1 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा जमा होने पर भी रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है।

2. विदेश यात्रा पर बड़ा खर्च

अगर आपने अपने लिए या किसी अन्य व्यक्ति के लिए एक फाइनेंशियल ईयर में 2 लाख रुपये से ज्यादा विदेश यात्रा पर खर्च किये हैं। तो आपको आईटीअर फाइल करना होगा। चाहे आपकी इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आती हो, तो भी आपको रिटर्न फाइल करना होगा।

3. बिजली का बिल 1 लाख रुपये से ज्यादा

अगर एक फाइनेंशियल ईयर में आपका बिजली का कुल बिल 1 लाख रुपये से अधिक है, तो भी आईटीआर फाइल करना जरूरी हो जाता है।

4. विदेश में प्रॉपर्टी, एसेट्स या बैंक अकाउंट

अगर आपके पास विदेश में कोई संपत्ति है। या किसी विदेशी संपत्ति या एसेट्स के लाभार्थी हैं, या किसी विदेशी बैंक अकाउंट में साइन करने का अधिकार है। तो ऐसे मामलों में आपको आईटीआर भरना ही होगा। इसके लिए कोई न्यूनतम अमाउंट तय नहीं है। यहां तक कि विदेशी कंपनी के ESOP शेयर होने पर भी इसकी जानकारी आईटीआर में देनी होती है। ऐसे मामलों में इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपकी इनकम 4 लाख रुपये से कम है।

5. टैक्स नहीं बनता, फिर भी आईटीआर है जरूरी

कई नौकरीपेशा लोगों की टैक्स लाएबिलिटी सेक्शन 87A के तहत मिलने वाली छूट के कारण जीरो हो जाती है। ऐसे में लोग मान लेते हैं कि अब आईटीआर भरने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर ऊपर बताए गए किसी भी नियम के दायरे में आते हैं। तो टैक्स जीरो होने के बावजूद आईटीआर फाइल करना अनिवार्य है।

6. कटा है ज्यादा TDS या TCS?

अगर एक फाइनेंशियल ईयर में आपके अकाउंट से कुल 25 हजार रुपये या उससे ज्यादा TDS या TCS कटा है, तो आईटीआर भरना जरूरी है। सीनियर सिटीजन के लिए यह लिमिट 50 हजार रुपये है। इसके अलावा एक्स्ट्रा TDS का रिफंड लेने के लिए भी आईटीआर फाइल करना जरूरी होता है।

आईटीआर नहीं भरने पर क्या होगा?

अगर समय पर आईटीआर फाइल नहीं किया, तो इनकम टैक्स के सेक्शन 234F के तहत जुर्माना लग सकता है। 5 लाख रुपये तक की इनकम वाले लोगों को देरी से आईटीआर भरने पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। वहीं, 5 लाख रुपये से अधिक इनकम वालों पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा टैक्स रिफंड मिलने में देरी हो सकती है। बिजनेस या कैपिटल लॉस आगे नहीं ले जा सकेंगे और होम लोन, एजुकेशन लोन या वीजा के लिए अप्लाई करते समय भी परेशानी हो सकती है। कई संस्थान आईटीआर को इनकम के प्रूफ के तौर पर देखते हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN