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गदर में सनी देओल संग काम करने पर अमीषा पटेल को लोगों ने किया खा मना, बोलीं- कहते थे वह तो मुझसे…

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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अमीषा पटेल का कहना है कि जब उन्होंने गदर साइन की थी जब लोगों ने उन्हें सलाह दी थी कि यह फिल्म ना करें खासकर इसलिए क्योंकि सनी देओल की उम्र काफी ज्यादा थी।

अमीषा पटेल उन सेलेब में से हैं जो किसी भी मुद्दे पर बोलने से झिझकती नहीं हैं। अब अमीषा ने हाल ही में अपनी फिल्म गदर को लेकर बात की। हाल ही में फिल्म की रिलीज को 25 साल पूरे हो गए हैं। अब अमीषा ने फिल्म के दौरान अपनी और सनी देओल के उम्र के फासले को लेकर बात की। जब गदर बनी थी तब अमीषा की उम्र 26 साल थी। वहीं सनी देओल की उम्र 43 साल थी। इस लंबे गैप पर अब अमीषा ने जानें क्या कहा।

पहले मुझे भी इस कास्टिंग को लेकर था डर

इंडिया टुडे से बात करते हुए अमीषा ने कहा, ‘उस वक्त मुझे भी डर था। मुझे लगा था कि यह कास्टिंग सही हुई है कि नहीं। ऑडियंस को पसंद आएगी या नहीं। मेरा कन्सर्न इसलिए नहीं था क्योंकि मैं नई थी। मैं आज भी ऐसे सवाल पूछती हूं।’

अमीषा ने आगे कहा, ‘यहां तक कि बतौर न्यूकमर अच्छी बात है कि मेरे मन में वो सवाल थे। अच्छा है मैंने उम्र को लेकर सवाल किए और अच्छी बात यह है कि इस सब्जेक्ट ने जस्टिफाई किया।’

ऐसे उम्र के फासलों पर बननी चाहिए फिल्म

अमीषा का कहना है कि बॉलीवुड को उम्र के फासले वाले रोमांस को दिखाना जारी रखना चाहिए खासकर तब जब उन्हें कहानियों में बिना किसी ठोस वजह के लिए शामिल किया जाता है। यही एक वजह है कि दर्शक आज कल कुछ तरह की फिल्में पसंद नहीं कर रहे हैं।

गदर ना करने की लोग दे रहे थे सलाह

अमीषा का कहना है कि कई लोगों ने उन्हें गदर ना करने को कहा था। वह बोलीं, ‘मुझे काफी सलाह मिली थीं कि फिल्म को ना करो क्योंकि पेपर में यह फिल्म किसी भी पैमाने पर खरी नहीं उतर रही थी। सनी सुपरस्टार थे, लेकिन मुझसे काफी बड़े थे। लोगों ने सवाल किया कि मैं इतने बड़े एक्टर के अपोजिट कैसे काम करूंगी।’

गदर के हिसाब से बड़ा एज गैप था सही

अमीषा ने आगे कहा कि फिल्म के हिसाब से वो एज गैप बिल्कुल फिट बैठता था। यह एक ऐसे लड़के की कहानी है जो काम करता है और उसे ऐसी लड़की से प्यार हो जाता है जो कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ती है। तारा के लिए सकीना ऐसी लड़की थी जिसे पाना उसके लिए आसान नहीं था। उसके हिसाब से तारा कम पढ़ा-लिखा है। धर्म अलग है। पढ़ाई में वह उससे कम है। एक ऐसी प्रिंसेस जिसे पाना मुश्किल है।

अमीषा ने फिर कहा, ‘गदर की ब्यूटी ही यही है। वह हिंदू कल्चर और उसके परिवार को अच्छे से अडैप्ट कर लेती है। वहीं तारा सिंह को जब अपने परिवार को पाना है तो वह पाकिस्तान में सैटल होने के लिए तैयार हो जाता है। वह तब ही गुस्सा होता है जब उसे अपनी आइडेन्टिटि को बदलने के लिए कहा जाता है।’

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