Source :- LIVE HINDUSTAN
यूरोप में गर्मी से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। फ्रांस में जून के अंतिम हफ्ते में हीटवेव ने 2025 से ज्यादा जानें ले लीं। गर्मी से इतनी मौतें हुई हैं कि अंतिम संस्कार में भी दिक्कत हो रही है।
यूरोप में गर्मी से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। गर्मी के भीषण प्रकोप के चलते मरने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। फ्रांस में जून के अंतिम हफ्ते में हीटवेव ने 2025 से ज्यादा जानें ले लीं। वहां की स्वास्थ्य मंत्री स्टेफनी रिस्ट ने भी इसको लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहाकि आने वाले दिनों में भी इस गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। साथ ही, इसके चलते मरने वालों की संख्या भी बढ़ सकती है। गर्मी से इतनी मौतें हुई हैं कि अंतिम संस्कार में भी दिक्कत हो रही है। फ्रांस के स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भी इसको लेकर चेतावनी दी गई है। इससे पहले अगस्त 2003 में ऐसा हुआ था, जब फ्रांस में इस तरह की गर्मी महसूस की गई थी।
अभी और बढ़ सकती है संख्या
फ्रांस में पिछले महीने पड़ी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के समय सबसे गर्म सप्ताह के दौरान मौतों की संख्या में लगभग एक-तिहाई की बढ़ोतरी हुई। सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राधिकरण ‘पब्लिक हेल्थ फ्रांस’ ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। प्राधिकरण के नए आंकड़ों के अनुसार मृतकों की संख्या उसके पिछले रविवार के शुरुआती अनुमान से दोगुनी हो गई है। उस समय प्राधिकरण ने कम से कम 1,000 अतिरिक्त मौतों का अनुमान लगाया था। वह अनुमान केवल भीषण और जानलेवा गर्मी वाले तीन सबसे गर्म दिनों पर आधारित था। प्राधिकरण ने कहाकि यह शुरुआती संख्या 15 जून से 21 जून के सप्ताह में दर्ज 6,948 मौतों की तुलना में 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाती है। स्वास्थ्य एजेंसी ने साथ ही सतर्क किया है कि उसके आंकड़ें वास्तविक मौतों से कम हो सकते हैं क्योंकि ये अपूर्ण आंकड़ों पर आधारित हैं।
अंतिम संस्कार में परेशानी
पेरिस में अंतिम संस्कार सेवाओं से जुड़े लोगों ने कहा है कि उन्हें दफनाने या अंतिम संस्कार से पहले शवों को रखने के लिए जगह ढूंढ़ने में परेशानी हो रही है। कुछ शवगृह पूरी तरह भर चुके हैं और वहां शव लेने से इनकार किया जा रहा है। प्राधिकरण की ओर से जारी मौतों के ताजा आंकड़े 22 जून से 28 जून के सप्ताह के हैं। इसी दौरान फ्रांस के इतिहास में सबसे अधिक गर्मी पड़ी और देश के कई शहरों व कस्बों में दिन और रात के तापमान के पुराने रिकॉर्ड टूट गए। इस गर्मी ने यूरोप के कई अन्य हिस्सों में भी अधिकतम तापमान से जुड़े रिकॉर्ड तोड़ दिए। प्राधिकरण ने कहाकि उसने उस सप्ताह के दौरान 8,973 मौतें दर्ज कीं।
बेल्जियम और नीदरलैंड्स में भी राहत नहीं
यूरोप के उस हिस्से में, जहां इस महाद्वीप की दो-तिहाई आबादी है, 15 से 30 जून के ऊपर 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर का तापमान अनुभव किया है। इससे यहां पर मौसम के कहर का अनुमान लगाया जा सकता है। बताया जा रहा है कि ऐसा लगातार चल रही हीटवेव के चलते हुआ है। बेल्जियम और नीदरलैंड्स में भी हालात कुछ इसी तरह के हैं। यहां पर भी राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। अधिकारियों ने इसमें इजाफे की बात भी कही है। यूरोप में 20 से 28 जून के बीच काफी ज्यादा गर्मी पड़ी थी। इसने लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर तो डाला ही। साथ ही साथ स्वास्थ्य सुविधाओं और बिजली उत्पादन को भी प्रभावित किया।
बेल्जियम में 18 से 29 जून के भीतर 39 फीसदी मौतें अधिक हुई हैं। इस दौरान 1222 अधिक मौतें दर्ज की गईं। वहां के स्वाथ्य अधिकारियों ने यह आंकड़ा दिया है। इनमें से करीब आधे लोग 85 या उससे अधिक उम्र के थे। इसको लेकर बेल्जियम के स्वास्थ्य मंत्री ने कहाकि हीटवेव के चलते हमारे देश में हालात इस कदर खराब हुए हैं।
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