Source :- LIVE HINDUSTAN
सर्दियों के मौसम में गीजर का इस्तेमाल हर घर में बढ़ जाता है लेकिन इसे इस्तेमाल करने से पहले सर्विस कराना भी जरूरी होता है। गीजर चलाने से पहले 5 चीजों को जरूर चेक करवाएं, वरना हादसा हो सकता है।
सर्दियों के मौसम में हर घर गीजर का इस्तेमाल होने लगता है। ठंड के सीजन में गर्म पानी से ही हर कोई नहाना पसंद करता है और उसके लिए सबसे ज्यादा मददगार होता है गीजर। गीजर पानी को कुछ ही देर में गर्म कर देता है लेकिन सर्दियों के मौसम में ये जितना आरामदायक होता है, उतना ही खतरनाक भी। गीजर फटने के कई केसेस आने लगते हैं और ऐसे में समझ नहीं आता कि आखिर गीजर के फटने के पीछे क्या कारण है। गीजर के अंदर थर्मोस्टेट लगा होता है, जो पानी गर्म होने के बाद उसे ऑटो ऑफ कर देता है। अगर ये खराब हो जाए तो पानी खौलता रहेगा और फिर इसी की वजह से हादसे होते हैं। चलिए बताते हैं सर्दियों में गीजर चलाने से पहले किन चीजों को चेक करना जरूरी है और बचाव के लिए क्या करें।
गीजर में थर्मोस्टेट क्या होता है
हर गीजर के अंदर थर्मोस्टेट लगा होता है, जिससे पानी गर्म होने पर वह उसे ऑटो ऑफ कर देता है। इससे पानी एक तय तापमान तक गर्म हो जाता है और फिर वह इसे बंद कर देता है लेकिन अगर ये खराब हो जाए तो पानी खौलता रहेगा। ऐसे में गर्म पानी के प्रेशर के कारण गीजर फटने का खतरा बढ़ जाता है। कई लोग गीजर चलाकर भूल जाते हैं और सोचते हैं कि ऑटो ऑफ हो जाएगा लेकिन अगर वह बंद नहीं हुआ तो खतरा बन सकता है। सर्दियों में इस्तेमाल करने से पहले गीजर की सर्विस कराना बेहद जरूरी है और कुछ चीजों को जरूर चेक करवाएं।
गीजर इस्तेमाल करने से इन 5 चीजों को करें चेक
1. सेफ्टी वाल्व की जांच जरूर करें
गीजर में लगा प्रेशर रिलीफ वाल्व टैंक के अंदर दबाव जरूरत से ज्यादा बढ़ने पर उसे कम करने में मदद करता है। अगर यह वाल्व खराब हो जाए, जाम हो जाए या इसके साथ छेड़छाड़ की जाए, तो खतरा बढ़ सकता है। इसलिए गीजर खरीदते समय और सर्विस के दौरान इसकी जांच जरूर करवाएं। अगर वाल्व से लगातार पानी टपक रहा है या उसमें कोई समस्या दिख रही है, तो चेक करवाएं।
2. थर्मोस्टेट और तापमान कंट्रोल चेक करें
थर्मोस्टेट गीजर में पानी का तापमान कंट्रोल करने का काम करता है। इसमें खराबी आने पर पानी जरूरत से ज्यादा गर्म हो सकता है, जिससे टैंक के अंदर दबाव बढ़ने का जोखिम पैदा हो सकता है। इसलिए गीजर का तापमान दिए गए निर्देशों के अनुसार रखें और अगर ज्यादा गर्म हो रहा हो या गीजर बार-बार गर्म होने के बावजूद बंद नहीं हो रहा, तो उसका इस्तेमाल रोककर तकनीशियन से जांच कराएं।
3. बिजली की वायरिंग और अर्थिंग की जांच करें
इलेक्ट्रिक गीजर के लिए सही वायरिंग, अर्थिंग और सर्किट प्रोटेक्शन बेहद जरूरी हैं। ढीले कनेक्शन, जली हुई तारें या गलत इंस्टॉलेशन से बिजली का झटका लगने और आग लगने का खतरा हो सकता है। गीजर लगवाते समय इलेक्ट्रिशियन की मदद लें। अगर स्विच गर्म हो रहा है, जलने की गंध आ रही है या बिजली बार-बार ट्रिप हो रही है, तो गीजर बंद कराकर उसकी जांच करवाएं।
4. पानी के रिसाव और अजीब आवाजों को नजरअंदाज न करें
गीजर से पानी टपकना, टैंक के आसपास जंग दिखना, असामान्य आवाजें आना या पानी का रंग बदलना जांच की जरूरत का संकेत हो सकता है। हर आवाज या रिसाव का मतलब ब्लास्ट का खतरा नहीं होता, लेकिन इन संकेतों को अनदेखा करना सही नहीं है। अगर टैंक में दरार, गंभीर जंग या कही से रिसाव दिखाई दे, तो गीजर का इस्तेमाल बंद करें और सर्विस जरूर कराएं।
5. गीजर की फिटिंग और सर्विस समय पर करवाएं
गलत फिटिंग, खराब पाइप और लंबे समय तक मेंटेनेंस न होने से गीजर खराब हो सकता है। सर्दियों में दोबारा गीजर का इस्तेमाल करने से पहले उसकी सर्विसिंग करवाएं। बेसिक जांच करवाना जरूरी है, इससे पता चलेगा कि कोई खराब तो नहीं है। खासतौर पर पुराने गीजर में टैंक, पाइप, वाल्व की जांच जरूरी है। अगर गीजर लंबे समय से इस्तेमाल हो रहा है या उसमें बार-बार खराबी आ रही है, तो बिना देरी किए चेक करवाएं।
हादसे से बचने के लिए सावधानियां-
- घंटों तक गीजर चलाकर न छोड़ें। ऐसे में ब्लास्ट होने का खतरा रहता है।
- गीजर का तापमान बहुत ज्यादा न रखें।
- गीजर के सेफ्टी वाल्व से छेड़छाड़ न करें।
- बिना सर्विस के पुराने गीजर का इस्तेमाल न करें।
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