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‘झगड़े नहीं तो पति-पत्नी कैसे?’ सुधा मूर्ति ने दी थी कपल को ये 3 नसीहत

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Source :- LIVE HINDUSTAN

शादीशुदा जिंदगी को किस तरह से खुशहाल बनाकर जीया जा सकता है? इस सवाल का जवाब जब सुधा मूर्ति से पूछा गया तो उन्होंने यंग मैरिड कपल्स को ये 3 सलाह दी। जो उन्हें एक साथ लाइफटाइम साथ निभाने में मदद करेगा।

शादीशुदा रिश्ते की नींव प्यार, विश्वास पर टिकी होती है। लेकिन ये प्यार और विश्वास से कहीं आगे का रिश्ता होता है। जिसमे समझौते, मतभेद, मनमुटाव और कई बार बहुत सारे चैलेंज होते हैं। जब दो लोग मिलकर इन सारी बाधाओं को पार करते हुए हंसी-खुशी एक दूसरे के साथ जिंदगी बिताते हैं तो सही मायनों में मैरिड कपल होते है। शादीशुदा जोड़ों के लिए सुधा मूर्ति ने ऐसी ही 3 नसीहतें दी थी। उन्होंने कहा था कि आपसी मतभेद को हैंडल करना और जिम्मेदारियों को आपस में बांटकर निभाना ही शादी की नींव है। सुधा मूर्ति ने शादीशुदा जोड़ों के लिए ऐसी ही 3 प्रैक्टिकल सलाह दी।

कपल्स के बीच झगड़े होना अनहैप्पी मैरिज नहीं

एक इंटरव्यू के दौरान सुधा मूर्ति फेमस सोशल एक्टीविस्ट, बिजनेस वुमन और राइटर ने शादीशुदा जोड़ों के लिए प्रैक्टिकल सलाह दी। इंफोसिस के को फाउंडर नारायणन कृष्णमूर्ति की पत्नी ने कहा कि शादीशुदा कपल के बीच लड़ाईयां होने को लेकर बहुत ही पॉजिटिव सलाह दी जो किसी भी शादीशुदा कपल के लिए वरदान हो सकती है।

झगड़ों को लेकर दी सलाह

सुधा मूर्ति ने कहा कि शादीशुदा जोड़ों के बीच झगड़े तो होते ही है। कोई कपल ये कहता है कि उनके बीच लड़ाईयां नहीं होती तो इसका मतलब है कि वो कपल नहीं है। किसी मतभेद को खत्म करने से अच्छा है कि उस मतभेद को बढ़ने से पहले उसको हैंडल करना सीखें। झगड़ों को बिना मनमुटाव और मतभेद के हैंडल करना सीखना चाहिए, तभी मैरिड लाइफ हैप्पी होगी।

एक पार्टनर का शांत रहना जरूरी

दूसरी सलाह जो सुधा मूर्ति ने दी कि एक पार्टनर को शांत रहना चाहिए। जब पार्टनर के मन में इमोशन काफी ज्यादा हाई हों और वो अपसेट हो तो दूसरे पार्टरन को शांत रहना चाहिए। उस वक्त पर फौरन किसी भी तरह से रिस्पांस देने से बचना चाहिए। वो अपना उदाहरण देते हुए बताती हैं कि जब नाराणयन मूर्ति गुस्सा होते हैं तो वो बहस में पड़ने की बजाय उनके गुस्से को निकल जाने देती हैं। वहीं जब वो गुस्सा होती हैं तो उनके पति हमेशा चुप रहते हैं। तो मिसेज मूर्ति की इस बात से सीख मिलती है कि गुस्से और भावनात्मक उतार-चढ़ाव के बीच दूसरे पार्टनर को बहस करने की बजाय चुपचाप सामने वाले को सारी बातें बोल लेने देना चाहिए। जिससे उसका गुस्सा निकल जाए।

अगर दोनों एक साथ इमोशनली रिएक्ट करेंगे तो ये बड़ी लड़ाई में बदल जाएगा।

कोई परफेक्ट कपल नहीं होता

सुधा मूर्ति की तीसरी सलाह है कि दुनिया में कोई परफेक्ट नहीं होता। एक कपल होने के नाते दोनों को एक दूसरे की कमियों को स्वीकार करना चाहिए। वो बताती हैं कि शादी लेनदेन का प्रोसेस है। यहां कुछ भी परफेक्ट कपल या परफेक्ट लाइफ जैसा कुछ भी नहीं है। हर किसी की अपनी कमी और खूबियां होती है। एक दूसरे को बदलने की बजाय एक दूसरे की कमियों और खूबियों को स्वीकार करके रिलेशनशिप को आगे बढ़ाना चाहिए। इन बातों को अपनाकर ही शादीशुदा रिश्ते में आगे बढ़ा जा सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN