Source :- LIVE HINDUSTAN
अगर पोर्टफोलियो में टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील के शेयर हैं तो ये खबर आपके लिए है। दरअसल, टाटा स्टील के ब्रिटेन कारोबार को लेकर नया अपडेट आया है। टाटा स्टील ने ब्रिटेन में अपने पोर्ट टैलबोट स्टील प्लांट के बदलाव के लिए सरकार से सैकड़ों मिलियन पाउंड की अतिरिक्त वित्तीय मदद मांगी है। आइए डिटेल में इसके बारे में जान लेते हैं।
क्या है पूरी खबर
स्काई न्यूज की रिपोर्ट में बताया गया है कि टाटा स्टील ने हाल के हफ्तों में ब्रिटेन के बिजनेस, इनोवेशन एंड साइंस विभाग के अधिकारियों से अतिरिक्त सरकारी सहायता को लेकर बातचीत की है। यह मांग ऐसे समय आई है जब पोर्ट टैलबोट में नए इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) लगाने की परियोजना में देरी हो रही है और इसकी लागत बढ़ने का दबाव है।
बता दें कि पोर्ट टैलबोट प्लांट के लिए टाटा स्टील ने कुल 1.25 अरब पाउंड के निवेश की योजना बनाई थी। इस निवेश का उद्देश्य पुराने ब्लास्ट फर्नेस आधारित उत्पादन की जगह इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस लगाकर कम कार्बन उत्सर्जन वाली स्टील उत्पादन व्यवस्था तैयार करना है।
टाटा स्टील का कहना है कि पोर्ट टैलबोट में निवेश ब्रिटेन में बड़े पैमाने पर स्टील उत्पादन को बनाए रखने और इसे कम उत्सर्जन वाली तकनीक की ओर ले जाने के लिए अहम है। हालांकि, अगर ब्रिटेन सरकार अतिरिक्त फंड उपलब्ध कराती है तो इससे सरकार की औद्योगिक नीति और संकट में फंसे स्टील उद्योग को लेकर उसके रुख पर बहस फिर तेज हो सकती है।
कब तक शुरू होने की उम्मीद?
शुरुआत में नए इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस के 2028 की शुरुआत तक चालू होने की उम्मीद थी। हालांकि, साइट के ग्रिड कनेक्शन में देरी के कारण इसके चालू होने की संभावित तारीख 2028 के आखिर या 2029 की शुरुआत तक खिसक गई है। माना जा रहा है कि इस देरी, प्रोजेक्ट की बढ़ती लागत और नई भट्टी के उपलब्ध न होने से बिक्री में होने वाले नुकसान का कंपनी पर बड़ा असर पड़ सकता है। पोर्ट टैलबोट प्रोजेक्ट को ब्रिटेन में स्टील बनाने और पूरे यूके में लगभग 5,000 नौकरियों को बचाने के लिए डिजाइन किया गया था।
हालांकि, इस बदलाव के दौरान पहले ही लगभग 2,500 नौकरियां खत्म हो चुकी हैं। बता दें कि प्लांट की आखिरी ब्लास्ट फर्नेस को 2024 में बंद कर दिया गया, जिससे इस साइट पर पारंपरिक ब्लास्ट-फर्नेस स्टील बनाने का काम खत्म हो गया।
टाटा स्टील के शेयर का परफॉर्मेंस
टाटा स्टील के शेयर की बात करें तो करीब 2 पर्सेंट टूटकर 184.75 रुपये पर है। शेयर के 52 हफ्ते का हाई 224.40 रुपये और 160 रुपये इसके 52 हफ्ते का लो है। अब सोमवार को निवेशकों की नजर कपंनी के शेयर पर रहेगी।
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