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डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू को खूब सुनाया है। उन्होंने नेतन्याहू को एहसानफरामोश तक कह दिया है। बीते महीने भी कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ट्रंप और नेतन्याहू के बीच लंबी बातचीत हुई थी, लेकिन दोनों के बीच कोई सहमति नहीं बनी थी।

पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। ईरान पर इजरायली और अमेरिकी हमलों के बाद हालिया युद्ध अभी थमा नहीं था कि इजरायल ने लेबनान में सीजफायर को ताक पर रखते हुए नया मोर्चा खोल दिया। इजरायल ने लेबनान में घुस कर ऐतिहासिक ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा कर लिया है। इस कदम की वैश्विक स्तर पर आलोचना हो रही है। यही नहीं, अब ईरान ने इजरायल की इस कार्रवाई का हवाला देते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा बंद करने का ऐलान कर दिया। इससे अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर चल रही वार्ता ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है। इतना सब होने के बाद ट्रंप का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। ट्रंप ने फोन मिलकर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को खूब खरी खोटी सुनाई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक लेबनान में इजरायल द्वारा लगातार की जा रही भीषण बमबारी और हमलों से भड़के ट्रंप ने सोमवार को फोन कॉल पर नेतन्याहू को गंदी गालियां देते हुए उनकी जमकर क्लास लगाई। अमेरिकी मीडिया आउटलेट ‘एक्सियोस’ ने अमेरिकी अधिकारियों और फोन कॉल की जानकारी रखने वाले पुख्ता सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई बातचीत बेहद तनावपूर्ण रही। जानकारी के मुताबिक ट्रंप इस कदर नाराज थे कि उन्होंने नेतन्याहू को सीधे तौर पर एहसानफरामोश तक कह डाला।

एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने इस बातचीत का ब्यौरा देते हुए बताया कि डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर चिल्लाते हुए नेतन्याहू से कहा, “तुम पूरी तरह पागल हो चुके हो। अगर मैं न होता तो तुम आज जेल की सलाखों के पीछे होते। मैं तुम्हारी जान बचा रहा हूं। तुम्हारी इन हरकतों की वजह से आज हर कोई तुमसे नफरत करता है। अब पूरी दुनिया इस वजह से इजरायल से नफरत करती है।”

क्यों आगबबूला हुए ट्रंप?

इजरायल ने लेबनान को इस समय दहला कर कई मोर्चों पर दिक्कतें पैदा कर दी हैं। ईरान ने सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाते हुए साफ कर दिया है कि वह ऐसी स्थिति में बातचीत जारी नहीं रखेगा। ऐसे में ट्रंप के कई हफ्तों के मेहनत पर पानी फिर सकता है। वहीं कई पश्चिमी देशों ने भी इजरायल के ताजा हमलों की कड़ी निंदा की है। ऐसे में ट्रंप ने इस फोन कॉल पर नेतन्याहू को चेतावनी दे दी है कि अगर इजरायल ने लेबनान पर हमले नहीं रोके तो इजरायल पूरी दुनिया में अलग-थलग पड़ जाएगा और अमेरिका भी उसकी मदद नहीं कर पाएगा।

ईरान ने दी है धमकी

इस बीच ईरान का पारा भी बढ़ गया है। ईरान ने लेबनान में हमलों को लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने की बात कह दी है, जिससे ऊर्जा संकट और गहरा सकता है। ईरान ने अमेरिका को कीमत चुकाने की धमकी भी दी है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालिबाफ ने सोमवार को अमेरिका-इजरायल को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ाना और लेबनान में आम नागरिकों की जान लेना भारी पड़ेगा और उन्हें इसकी कीमत चुकानी ही होगी।

सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कालिबाफ ने कहा कि लेबनान में नरसंहार करने वाले यहूदी शासन की ओर से किए जा रहे बढ़ते युद्ध अपराध यह दर्शाते हैं कि अमेरिका युद्धविराम का पालन करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। उन्होंने लिखा, “समुद्री नाकेबंदी और नरसंहार करने वाले यहूदी शासन के लेबनान में युद्ध अपराधों को बढ़ावा देना इस बात का साफ सबूत है कि अमेरिका युद्धविराम की शर्तों को नहीं मान रहा है।” कालिबाफ ने कहा, “हर फैसले की एक कीमत होती है और एक न एक दिन बिल चुकाना ही पड़ता है। वक्त आने पर सब हिसाब बराबर हो जायेगा।”

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