Source :- LIVE HINDUSTAN

ईरान के साथ डील में हो रही देरी को लेकर डोनाल्ड ट्रंप अपने ही साथियों पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ डील अमेरिका और उनके साथियों के हित में है। ट

ईरान के साथ समझौते में हो रही देरी को लेकर डोनाल्ड ट्रंप अपने ही साथियों पर बुरी तरह भड़क गए। उन्होंने कहा कि कुछ देशविरोधी रिपब्लिकन भी डील नहीं होने दे रहे हैं। विपक्षी डेमोक्रेट्स पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ईरान के साथ डील करने के लिए किसी के दबाव की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ईरान वास्तव में समझौता करना चाहता है और यह अमेरिका के लिए भी अच्चा है। लेकिन कुछ देश विरोधी रिपब्लिकन और डेमोक्रेट का मानना है कि बातचीत करना और समझौता करना मेरे बस की बात नहीं है। कुछ राजनीतिक कीड़े बेवजह शोर कर रहे हैं। इस तरह की बातें मैंने पहले कभी नहीं सुनी। मुझे बताने की जरूरत नहीं है कि मुझे तेजी से काम करना या फिर धीरे-धीरे। युद्ध करना है कि बातचीत करनी है।

अपने साथियों को डोनाल्ड ट्रंप की सलाह

डोनाल्ड ट्रंप ने आगे यह भी कहा कि सबको साथ बैठना चाहिए और आराम से बात करनी चाहिए। इसी से कोई रास्ता निकलेगा। बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने की जगह एक बार फिर टकराव बढ़ता हुआ दिखा रहा है। सीजफायर के बावजूद दोनों ने हमले शुरू कर दिए हैं। ईरान ने अमेरिका के एमक्यू-1 ड्रोन को मार गिराया तो भड़के हुए अमेरिका ने ईरान के रडार सिस्टम, ड्रोन कंट्रोल सेंटर और दूरसंचार टावर को तबाह कर दिया।

ईरान का कहना है कि अमेरिका जिस बेस से ईरान को टारगेट कर रहा था, उसे तबाह कर दिया गया है। ईरान ने कुवैत के अमेरिकी एयरबेस पर हमला किया था। ईरान के हमले की वजह से कुवैत में सायरन बज उठे। कुवैत ने दावा किया कि कई ईरानी मिसाइलों को हवा में मार गिराया गया है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध छिड़ने के बाद अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है।

नाजुक हालात में युद्धविराम

ये हमले ईरान युद्ध में कई सप्ताह से लागू युद्धविराम की नाजुक स्थिति को दर्शाते हैं। अमेरिकी और ईरानी अधिकारी इस युद्धविराम की अवधि को बढ़ाने के लिए समझौते पर बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद हमले लगातार जारी हैं। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ बनाए हुए है जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई है। कभी फारस की खाड़ी के इस संकरे मुहाने से तेल और प्राकृतिक गैस के वैश्विक कारोबार का पांचवां हिस्सा गुजरता था।

लगातार बढ़ रही है चिंता

इस बीच, स्थिति लगातार और चिंताजनक हो रही है। इजराइल ने लेबनान में लितानी नदी से आगे भी कब्जा कर लिया है, जबकि उग्रवादी समूह हिजबुल्ला इजराइल में ड्रोन हमले जारी रखे हुए है। अमेरिकी सेना की ‘सेंट्रल कमांड’ ने कहा कि उसने शनिवार और रविवार को ईरान में गेरुक शहर और केशम द्वीप के आसपास हमले किए। उसने कहा, ‘अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों, एक जमीनी नियंत्रण केंद्र और दो ऐसे ड्रोन को नष्ट कर दिया जो क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजर रहे पोतों के लिए स्पष्ट खतरा पैदा कर रहे थे।’

प्रीडेटर ड्रोन को अमेरिकी वायुसेना सेवा से हटा चुकी है और अब वह ‘एमक्यू-9 रीपर’ ड्रोन का इस्तेमाल करती है लेकिन अमेरिकी थल सेना अब भी प्रीडेटर ड्रोन का उपयोग करती है। अमेरिकी सेना ने कहा कि इन हमलों में कोई अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ। इस बीच कुवैत ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोकने के लिए सोमवार तड़के कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान के सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए की खबर के अनुसार, ईरानी अर्द्धसैन्य बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने एक बयान में बताया कि अमेरिकी बलों ने एक द्वीप पर दूरसंचार टावर को निशाना बनाया।

‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने कहा कि उसने जवाबी हमला किया लेकिन यह नहीं बताया कि हमला कहां किया गया। इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सलाहकारों से शुक्रवार को मुलाकात की थी लेकिन उन्होंने अभी यह तय नहीं किया है कि युद्धविराम की अवधि बढ़ाने और जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के समझौते पर आगे बढ़ना है या नहीं। ईरान ने कहा है कि समझौते को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN