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तेल की कीमतों में गिरावट का असर! IOC, HPCL समेत उछल पड़े ये ऑयल स्टॉक्स, आपका है दांव?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच बुधवार को IOC, HPCL, BPCL और GAIL समेत कई ऑयल स्टॉक्स में तेजी देखने को मिली
  • सस्ता क्रूड तेल मार्केटिंग कंपनीज के मार्केटिंग मार्जिन के लिए पॉजिटिव माना जाता है
  • वहीं, ONGC और ऑयल इंडिया जैसे अपस्ट्रीम कंपनियों के शेयर दबाव में रहे

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच बुधवार को IOC, HPCL, BPCL और GAIL समेत कई ऑयल स्टॉक्स में आई तेजी।

शेयर बाजार में बुधवार 30 सितंबर को ऑयल एंड गैस कंपनियों के शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली। IOC (Indian Oil Corporation), HPCL (Hindustan Petroleum Corporation), BPCL (Bharat Petroleum Corporation) और GAIL के शेयरों में इंट्राडे कारोबार के दौरान करीब 3% तक की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा पेट्रोनेट LNG, IGL (Indraprastha Gas) और रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। इस तेजी की प्रमुख वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट मानी जा रही है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

IOC, HPCL और BPCL को सस्ता क्रूड क्यों करता है फायदा?

कच्चे तेल की कीमत कम होने का फायदा मुख्य रूप से OMCs (Oil Marketing Companies) को मिल सकता है। IOC, HPCL और BPCL जैसी कंपनियां कच्चा तेल खरीदकर उससे पेट्रोल और डीजल जैसे उत्पाद तैयार करती हैं और उन्हें रिटेल बाजार में बेचती हैं। अगर क्रूड ऑयल (Crude Oil) की लागत घटती है और पेट्रोल-डीजल की बिक्री कीमतों में उसी अनुपात में कमी नहीं आती, तो कंपनियों के मार्केटिंग मार्जिन (Marketing Margins) पर पॉजिटिव असर पड़ सकता है। यही वजह है कि तेल की कीमतों में नरमी के बीच इन शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी।

क्रूड ऑयल में अचानक क्यों आई गिरावट?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमत बुधवार सुबह करीब 103 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रही थी। इससे पहले मंगलवार को कच्चे तेल की कीमत करीब 2.5% गिर गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट (Middle East) से तेल की सप्लाई में सुधार और सऊदी अरब (Saudi Arabia) की ओर से रेड सी (Red Sea) के यानबू पोर्ट (Yanbu Port) से दोबारा शिपमेंट्स शुरू होने से सप्लाई को लेकर दबाव कम हुआ है। इससे स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) पर निर्भरता और उससे जुड़े सप्लाई रिस्क को लेकर बाजार की चिंता कुछ कम हुई।

ONGC और Oil इंडिया के शेयर क्यों दबाव में?

जहां सस्ता क्रूड ऑयल IOC, HPCL और BPCL जैसी कंपनियों के लिए सकारात्मक माना जाता है, वहीं इसका असर अपस्ट्रीम कंपनियों पर उल्टा पड़ सकता है। ONGC और ऑयल इंडिया (Oil India) जैसी कंपनियां तेल और गैस की एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन करती हैं। कच्चे तेल की कीमत गिरने पर इनके उत्पादन की रियलाइजेशन और रेवेन्यू पर दबाव आ सकता है। इसी वजह से बुधवार को ONGC करीब 1% और ऑयल इंडिया लगभग 3% तक कमजोर हुए। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

आगे कैसी रह सकती है क्रूड ऑयल की कीमत?

इनक्रेड कैपिटल वेल्थ (InCred Capital Wealth) के अनुसार आने वाले सालों में ऑयल मार्केट (Oil Market) में सप्लाई बढ़ने से कीमतों पर दबाव बन सकता है। कंपनी ने 2026, 2027 और 2028 के लिए ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) का अनुमान क्रमशः 88 डॉलर, 76 डॉलर और 72 डॉलर प्रति बैरल रखा है। हालांकि, आउटलुक काफी हद तक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) की स्थिति और मिडिल ईस्ट (Middle East) से सप्लाई पर निर्भर करेगा। ऐसे में ऑयल स्टॉक में आगे की चाल क्रूड प्राइसेस, रिफाइनिंग और मार्केटिंग मार्जिन व ग्लोबल सप्लाई परिस्थितियों से प्रभावित हो सकती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN