Home rss world hindi थोड़ी ताली और बजाएं, ताकि मैं ट्रंप के साथ नोबेल बांट लूं!...

थोड़ी ताली और बजाएं, ताकि मैं ट्रंप के साथ नोबेल बांट लूं! नवी पिल्लई ने उड़ाया US प्रेसिडेंट का मजाक

3
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

2026 का पुरस्कार नवी पिल्लई को शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने की उनकी कोशिशों के लिए दिया गया। कमिटी के चेयरमैन जोर्गेन वाट्ने फ्राइडनेस ने नॉर्वे के ओस्लो में इसकी घोषणा की।

नॉर्वे की नोबेल समिति ने इस साल के लिए संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार प्रमुख रहीं भारतीय मूल की नवनेथम नवी पिल्लई को इस साल यानी कि 2026 का विजेता घोषित कर दिया है। इस ऐलान के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को निराशा हाथ लगी है, जो कि कई मौकों पर खुद के लिए इस प्रतिष्ठित पुरस्कार की मांग कर चुके हैं। अमेरिका को खुश करने की लगातार कोशिश करने वाले पाकिस्तान के लिए भी यह झटका है, क्योंकि इस अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड की घोषणा से कुछ ही घंटे पहले शहबाज शरीफ ने कहा था कि उनके देश ने ट्रंप को इस सम्मान के लिए नॉमिनेट किया है।

तमिल मूल की 85 साल की दक्षिण अफ्रीकी कानून विशेषज्ञ पिल्लई ने ट्रंप को लेकर एक मजाक किया। एमनेस्टी इंटरनेशनल के महासचिव द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा, “अगर आप थोड़ी और तालियां बजाएं तो हो सकता है कि मैं यह पुरस्कार ट्रंप के साथ बांट लूं!” ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक वकील की पोस्ट शेयर की जिसमें पिल्लई को नफरत करने वाला कहा गया और कहा गया कि इस पुरस्कार का अपमान हुआ है।

पाकिस्तान ने किया था नॉमिनेट

शहबाज शरीफ ने एक पोस्ट में जोर देकर कहा, “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण एशिया में शांति को आगे बढ़ाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनके समय पर किए गए हस्तक्षेप ने पाकिस्तान और भारत को तबाही के कगार से वापस लाने और युद्धविराम सुनिश्चित करने में मदद की। जो कि आज भी कायम है।” भारत ने बार-बार कहा है कि कश्मीर में आतंकवादी हमले के जवाब में मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू करने के बाद दुश्मनी खत्म करने में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी।

मुझे पहले ही मिल चुका है नोबेल: ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि उन्हें पुरस्कार मिलने की संभावना कम है। लेकिन बुधवार को उन्होंने फिर कहा कि उन्हें यह पुरस्कार किसी न किसी तरह पहले ही मिल चुका है। उन्होंने अपने कार्यालय में पत्रकारों से कहा, “पिछली बार इसे पाने वाले व्यक्ति से अप्रत्यक्ष रूप से इसे प्राप्त करके मुझे बहुत सम्मान महसूस हुआ।” वह वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो का जिक्र कर रहे थे, जो 2025 की विजेता थीं। बाद में नोबेल कमिटी ने कहा है कि एक बार पुरस्कार दिए जाने के बाद उसे न तो किसी और को सौंपा जा सकता है और न ही बांटा जा सकता है।

नवी पिल्लई को क्यों मिला नोबेल शांति पुरस्कार?

2026 का पुरस्कार नवी पिल्लई को शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने की उनकी कोशिशों के लिए दिया गया। कमिटी के चेयरमैन जोर्गेन वाट्ने फ्राइडनेस ने नॉर्वे के ओस्लो में इसकी घोषणा की। कमिटी ने कहा कि पिल्लई ने युद्ध अपराधों, मानवता के खिलाफ अपराधों और नरसंहार के मामलों में मुकदमा चलाने को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई। आपको बता दें कि पिल्लई इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट की पूर्व जज हैं। बाद में UN की मानवाधिकार मामलों की हाई कमिश्नर रहीं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN