Source :- LIVE HINDUSTAN
नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से रिपोर्टिंग करने वाले विदेशी पत्रकारों के लिए प्रेस मान्यता अनिवार्य कर दी है। सूचना एवं प्रसारण विभाग के अनुसार, बाढ़ग्रस्त इलाकों से समाचार एकत्र करने वाले विदेशी मीडिया कर्मियों को विभाग से मान्यता और पत्रकार पहचान पत्र लेना होगा।
नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से रिपोर्टिंग करने वाले विदेशी पत्रकारों के लिए प्रेस मान्यता और पत्रकार पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया है। सूचना एवं प्रसारण विभाग (DoIB) द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, भोटेकोशी और त्रिशुली नदियों के किनारे बाढ़ प्रभावित इलाकों से समाचार एकत्र करने वाले विदेशी मीडिया कर्मियों को विभाग से मान्यता प्राप्त करना आवश्यक होगा। विभाग ने कहा कि इच्छुक विदेशी पत्रकारों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ वैध वीजा या प्रवेश परमिट वाले पासपोर्ट की प्रति, संबंधित मीडिया संगठन का अनुशंसा पत्र तथा अपने देश के दूतावास, वाणिज्य दूतावास या विदेश मंत्रालय का अनुशंसा पत्र जमा करना होगा।
नोटिस में कहा गया है कि प्रस्तुत आवेदन और सहायक दस्तावेजों के आधार पर विभाग के महानिदेशक प्रेस मान्यता और पत्रकार पहचान पत्र जारी करेंगे। 2 सितंबर 2026 के निर्णय के अनुसार यह मान्यता 15 दिनों के लिए वैध रहेगी। 3 सितंबर को जारी नोटिस में विदेशी पत्रकारों की सहायता के लिए विभाग में हेल्प डेस्क उपलब्ध कराने का भी उल्लेख है।
बता दें कि यह कदम ऐसे समय लिया गया है जब गोरखा जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में बाढ़ के बाद अधिकारियों ने बुधिगंडकी नदी बेसिन सहित कई इलाकों में अलर्ट जारी किया है। चुमानुबरी ग्रामीण नगरपालिका-4 और 2 से होकर बहने वाली थेरंग नदी में रविवार सुबह आई बाढ़ में चार घर और एक झूला पुल बह गए। जिला पुलिस कार्यालय के अनुसार नामरुंगकानुरबु ओंग्याल, उर्गेन छायोडेन, लकपा भूटी और दोरजे ग्यालजेन के घर नदी में समा गए।
अब तक बाढ़ से 1341 की मौत
बता दें कि नेपाल की भोटे कोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1341 हो गई है और 4044 लोग अभी भी लापता हैं। नेपाल पुलिस मुख्यालय से प्राप्त ताजा जानकारी के अनुसार, प्रभावित नदी बेसिन में खोज और बचाव अभियान अभी भी जारी हैं। बाढ़ का केंद्र रहे ग्यिरोंग पोर्ट का अस्तित्व पूरी तरह खत्म हो गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में कुल 7912 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है जिनमें से 65 अधिकारी खुद इस आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। लापता लोगों में से 3438 नेपाली नागरिक हैं जिनमें 2863 पुरुष और 575 महिलाएं हैं जबकि 650 विदेशी नागरिक हैं। विदेशी नागरिकों में 269 पुरुष, 332 महिलाएं और पांच ऐसे लोग शामिल हैं जिनके बारे में जानकारी नहीं है।
पुलिस ने बताया कि अधिकारियों ने 1341 शव बरामद किए हैं, जिनमें 523 पुरुष, 325 महिलाएं और 493 शरीर के अधूरे हिस्से प्राप्त हुए हैं। बरामद किए गए शवों में से 1037 को दफना दिया गया है और 98 शव रिश्तेदारों को सौंप दिए गए हैं जबकि 1297 शवों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। पीड़ितों की पहचान में मदद के लिए मेडिकल टीमों ने 2472 डीएनए सैंपल इकट्ठा किए हैं, जिनमें पीड़ितों से लिए गए 1286 सैंपल और रिश्तेदारों से लिए गए 1186 सैंपल शामिल हैं। बचाव टीमों ने अब तक 9151 घायल लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, जिनमें 6319 पुरुष, 2,778 महिलाएं और 54 ऐसे लोग शामिल हैं जिनकी जानकारी नहीं है।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



