Source :- BBC INDIA
इमेज स्रोत, Getty Images
प्रकाशित
पढ़ने का समय: 6 मिनट
(इस कहानी के कुछ अंश आपको विचलित कर सकते हैं)
कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाक़े के बारुईपुर क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के बलात्कार के बाद हत्या से पश्चिम बंगाल में ग़ुस्से का माहौल है.
लड़की के परिजनों ने आरोप लगाया था कि हत्या से पहले उसके साथ बलात्कार हुआ था. हालांकि पुलिस ने शुरुआत में रेप का मामला दर्ज नहीं किया था.
लेकिन अब शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पोक्सो की धाराओं के तहत रेप का ममला दर्ज किया गया है.
परिजनों का कहना है कि लड़की शनिवार से लापता थी. रविवार (5 जुलाई) को जब उसका शव एक तालाब से बरामद हुआ तो इलाक़े में तनाव बढ़ गया.
इस घटना के बाद भीड़ ने हत्या के शक में एक युवक की भी पिटाई कर दी जिससे उसकी मौत हो गई.
बारुईपुर पुलिस ने रविवार को एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया. बाद में एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन अन्य को हिरासत में लिया गया है.
इलाक़े में हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं. बारुईपुर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन का कहना है कि इस बात के लिए क़दम उठाए जा रहे हैं कि इलाक़े में और अशांति ना फैले.
स्थानीय लोग क्या कह रहे हैं?
इमेज स्रोत, Getty Images
एक स्थानीय निवासी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया. “मग़रिब की नमाज़ के बाद लड़की एक दोस्त का जन्मदिन मनाने गई थी. लेकिन 8 बजे के बाद उसका कोई पता नहीं चला.”
“हमने रात क़रीब 8.30 बजे पुलिस स्टेशन से संपर्क किया, लेकिन पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही थी. अगले दिन सुबह हमें स्थानीय लोगों से घटना के बारे में जानकारी मिली. फिर हमने सीसीटीवी फ़ुटेज देखा और ख़ुद ही अभियुक्तों को पकड़ लिया.”
“अभियुक्त ने पुलिस स्टेशन में अपराध स्वीकार कर लिया. हम उसे साथ लेकर मौक़े पर गए और शव बरामद किया. इसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. इसी बीच स्थानीय बीजेपी नेता शांतनु मंडल ने अभियुक्त को भागने में मदद की.”
शांतनु मंडल बीजेपी के बारुईपुर वेस्ट रीजन नंबर 3 यूनिट के महासचिव हैं.
एक अन्य स्थानीय निवासी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, “शांतनु मंडल ने शुरू में स्थानीय लोगों को तालाब के पास जाने से रोका और अभियुक्त को बचाने की कोशिश की.”
घटना के बाद इलाक़े में काफ़ी तनाव हो गया. स्थानीय लोगों ने सड़कें जाम कर प्रदर्शन किया.
हालांकि बीजेपी नेता शांतनु मंडल ने आरोपों से इनकार किया है कि उन्होंने किसी अभियुक्त को भागने में मदद की.
उन्होंने मीडिया से कहा, “घटना की जानकारी मिलने के बाद हम थाना प्रभारी के पास गए और शिकायत दर्ज कराई. सीसीटीवी फ़ुटेज देखने के बाद हमने एक व्यक्ति को पहचाना जो लड़की को ले जाते हुए दिखा था. हमने उसे ख़ुद पकड़ा और उसने अपराध स्वीकार किया.”
शांतनु मंडल ने आगे दावा किया कि अभियुक्त ने बताया कि चार लोगों ने मिलकर लड़की पर हमला किया था. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लड़की का गला दबाया गया था.
एक अभियुक्त की पीट-पीटकर हत्या
बारुईपुर की घटना के बाद एक अभियुक्त की भी भीड़ की पिटाई से मौत हो गई. पुलिस ने कहा कि वे जनता के ग़ुस्से को नियंत्रित करने के लिए क़दम उठा रहे हैं.
चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें पोक्सो (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेन्सेज़) के तहत रेप, दूसरा मामला नाबालिग की हत्या से संबंधित है, तीसरास्थानीय लोगों के पुलिस पर किए हमले के आरोप से जुड़ा है, और चौथा अभियुक्त की हत्या से संबंधित है.
एक विशेष जांच दल भी बनाया गया है. प्रेसीडेंसी रेंज के इंस्पेक्टर जनरल कंकर प्रसाद बरुई ने मीडिया को बताया कि निष्पक्ष जांच की जाएगी ताकि दोषियों को सज़ा मिल सके.
रविवार को लाउडस्पीकर के ज़रिए स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ने हमें निर्देश दिया है कि इस घटना में शामिल हर व्यक्ति को कड़ी सज़ा दी जाए.”
पश्चिम बंगाल बीजेपी की प्रवक्ता कीया घोष ने मीडिया से कहा कि तृणमूल कांग्रेस इस घटना को लेकर धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह प्रयास असफल होगा.
उन्होंने जनता से पुलिस पर भरोसा बनाए रखने की अपील भी की.
ग़ौरतलब है कि 9 अगस्त, 2024 को 31 साल की एक महिला ट्रेनी डॉक्टर का कोलकाता के आरजी कर अस्पताल के कॉन्फ़्रेंस रूम में शव मिला था. जांच में पता चला कि इस डॉक्टर का पहले बलात्कार किया गया और फिर उनकी हत्या कर दी गई थी.
इस मामले के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को काफ़ी विरोध का सामना करना पड़ा था. उस दौरान अस्पताल के डॉक्टरों-कर्मचारियों से लेकर विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया था.
ममता बनर्जी को हाउस अरेस्ट करने का आरोप
इमेज स्रोत, ANI
वहीं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने आरोप लगाया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जब बारुईपुर जाकर पीड़ित परिवार से मिलने का फ़ैसला किया तो पुलिस ने उनके कालीघाट आवास के बाहर जवान तैनात कर दिए ताकि उन्हें बाहर निकलने से रोका जा सके.
सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने तस्वीरें पोस्ट कीं जिनमें कोलकाता के कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के घर के बाहर पुलिस तैनात दिखी. इसके बाद कई समर्थक नेता वहां जुट गए.
कालीघाट पर मौजूद रहीं तृणमूल सांसद डोला सेन ने कहा, “पुलिस प्रशासन ने ऐसी स्थिति बना दी है जिसमें ममता बनर्जी को हाउस अरेस्ट कर दिया गया है. यह आपातकाल जैसी स्थिति है. हम जानना चाहते हैं कि एक अनुभवी नेता को स्वतंत्र रूप से क्यों नहीं जाने दिया जा रहा है.”
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि हाउस अरेस्ट का दावा झूठा है. उन्होंने कहा कि प्रशासन ने केवल उनकी सुरक्षा के लिए क़दम उठाए हैं, जिसमें यह सुनिश्चित करना भी शामिल है कि कोई उन पर अंडे न फेंके.
बीजेपी पश्चिम बंगाल की प्रवक्ता कीया घोष ने कहा, “जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा उसे कड़ी सज़ा मिलेगी.”
यही आश्वासन प्रेसीडेंसी रेंज के इंस्पेक्टर जनरल कंकर प्रसाद बारुई ने भी सार्वजनिक घोषणा के ज़रिए स्थानीय लोगों को दिया.
पूर्व मुख्यमंत्री को हाउस अरेस्ट किए जाने के आरोप पर कीया घोष ने कहा. “तृणमूल के कार्यकाल में जब भी महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामले सामने आए, विपक्षी नेताओं को पीड़ित परिवारों से मिलने तक नहीं दिया गया. अब अभिषेक बनर्जी ने फोन पर परिवार से बात की है.”
गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी ने ख़ुद फ़ेसबुक पर पीड़ित परिवार के साथ बातचीत का वीडियो पोस्ट किया है.
उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति एकजुटता जताई. फेसबुक पोस्ट में उन्होंने लिखा. “परिवार का दुख शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता. मैं इस मामले में ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ जल्द सज़ा की मांग करता हूं.”
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
SOURCE : BBC NEWS




