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IPO News: आईपीओ मार्केट में दो अैर कंपनियों की एंट्री होने वाली है। दरअसल, मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने Kay Jay फोर्जिंग्स और पोलाइट पावरटेक को आईपीओ लाने की मंजूरी दे दी है। दोनों कंपनियों ने मार्च 2026 में सेबी के पास अपने ड्राफ्ट आईपीओ पेपर जमा किए थे।
Kay Jay फोर्जिंग्स आईपीओ
लुधियाना की कंपनी Kay Jay फोर्जिंग्स नए शेयर जारी करके 300 करोड़ रुपये तक जुटाने की योजना बना रही है। इस आईपीओ में मौजूदा शेयरहोल्डर्स की तरफ से 60 करोड़ रुपये तक के शेयरों की बिक्री (ऑफर फॉर सेल) भी शामिल होगी। कंपनी की लिस्टेड प्रतिस्पर्धी कंपनियों में रामकृष्ण फोर्जिंग्स, कल्याणी फोर्ज, Saner इंजीनियर और Rolex रिंग्स शामिल हैं। कंपनी के शेयरों को BSE और NSE पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है। PL कैपिटल इस इश्यू के लिए एकमात्र बुक-रनिंग लीड मैनेजर है।
कंपनी के बारे में
यह एक B2B (बिजनेस-टू-बिजनेस) प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी है। यह कंपनी मुख्य रूप से ऑटोमोटिव सेक्टर में ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) के लिए मशीन्ड पार्ट्स बनाती है। कंपनी खेती के उपकरण, माइनिंग इक्विपमेंट और इलेक्ट्रॉनिक घरेलू उपकरणों जैसे कुछ नॉन-ऑटोमोटिव सेक्टर को भी सप्लाई करती है। इसके पोर्टफोलियो में 286 प्रोडक्ट्स शामिल हैं। क्रैंकशाफ्ट और क्रैंकशाफ्ट असेंबली इसके मुख्य प्रोडक्ट्स हैं। यह लोअर ब्रैकेट असेंबली, लीवर किक-स्टार्टर असेंबली, गियर-शिफ्ट लीवर असेंबली, प्रोपेलर शाफ्ट, डोर हिंज और स्टीयरिंग योक भी बनाती है।
कंपनी भारत में टू-व्हीलर ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स को क्रैंकशाफ्ट और क्रैंकशाफ्ट असेंबली सप्लाई करने वाली सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी की शुरुआत से ही टू-व्हीलर के लिए क्रैंकशाफ्ट उसका मुख्य प्रोडक्ट रहा है। कंपनी ने थ्री-व्हीलर, पैसेंजर गाड़ियों, कमर्शियल गाड़ियों, इलेक्ट्रिक गाड़ियों और नॉन-ऑटोमोटिव इस्तेमाल के लिए भी पार्ट्स बनाने का काम शुरू किया है।
पोलाइट पावरटेक
कंपनी नए इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए करने की योजना बना रही है। यह पावर इंफ्रास्ट्रक्चर EPC के क्षेत्र में काम करती है। यह कंपनी पावर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की डिजाइन, सप्लाई, इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग का काम करती है। इस कंपनी ने हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन, अंडरग्राउंड केबलिंग, सबस्टेशन बनाने और सोलर EPC में अपनी क्षमताएं विकसित की हैं। यह बिजनेस 2006 से पटेल इलेक्ट्रिकल्स के तहत किए गए काम पर आधारित है और भारत के कई राज्यों में सक्रिय है।
नए इश्यू से मिलने वाली कुल रकम में से 100 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे जबकि बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए किया जाएगा। इस आईपीओ में 1 करोड़ इक्विटी शेयरों का नया इश्यू और प्रमोटर योगेशकुमार नरोत्तमभाई पटेल की ओर से 25 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है।
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