Source :- LIVE HINDUSTAN
रिपोर्ट्स के मुताबिक पोप लियो का ऑपरेशन करीब 90 मिनट तक चला। फिलहाल वे अस्पताल में भर्ती हैं। 20 अक्टूबर तक उनके सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।
ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप लियो 14वें को कैंसर होने की पुष्टि हुई है। उन्हें लंग कैंसर हुआ है। वेटिकन ने मंगलवार को एक मेडिकल बुलेटिन जारी कर इसकी सूचना दी है। जानकारी के मुताबिक डॉक्टरों ने 90 मिनट तक चले ऑपरेशन में उनके दाएं फेफड़े के निचले हिस्से को निकालकर अलग कर दिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक 71 वर्षीय पॉप लियो में फेफड़ों का एडिनोकार्सिनोमा पाया गया है। यह लंग कैंसर का एक टाइप है। इससे पहले पोप लियो न अपने 17 महीने के कार्यकाल में पहली बार सामने आई इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने बीते रविवार को प्रार्थना के दौरान फेफड़े में एक गांठ का पता चलने की जानकारी साझा दी थी और कहा था कि वह इसे निकलवा देंगे।
अब कैसी हालत?
घटनाक्रम से परिचित 2 लोगों ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि ऑपरेशन मंगलवार शाम शुरू हुआ। जानकारी के मुताबिक सर्जरी बिना किसी जटिलता के पूरी कर ली गई है। इसमें करीब 90 मिनट लगे। वैटिकन ने बताया कि इसके बाद पोप सामान्य रूप से होश में आ गए हैं और अपने अस्पताल के कमरे में आराम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लियो के ठीक होने की संभावना बेहद अच्छी है क्योंकि गांठ को शुरुआती चरण में ही निकाल दिया गया है।
सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द
सर्जरी के बाद पोप लियो के लगभग एक सप्ताह तक अस्पताल में रहने की उम्मीद है। इसे देखते हुए उनके 20 अक्टूबर तक के सभी सार्वजनिक और आधिकारिक कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है। आगामी कार्यक्रमों की बात करें तो लियो 6 से 17 नवंबर तक उरुग्वे, अर्जेंटीना और पेरू की 11 दिवसीय दौरे पर जाने वाले हैं।
ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरु
गौरतलब है कि पोप कैथोलिक चर्च के सर्वोच्च धार्मिक पद पर हैं। दुनिया भर में इस चर्च के करीब 1.4 अरब अनुयायी हैं। पोप के बीमार होने पर उनकी जिम्मेदारियां संभालने के लिए कोई अधिकारिक पद नहीं होता। हालांकि इस दौरान वेटिकन का प्रशासनिक कामकाज जारी रहता है। इससे पहले मई 2025 में दुनिया भर के कार्डिनल्स द्वारा चुने गए पोप लियो का मूल नाम रॉबर्ट प्रेवोस्ट है। उनका जन्म 1955 में शिकागो में हुआ था। कैथोलिक चर्च के प्रमुख बनने से पहले उन्होंने पेरू में एक मिशनरी और बिशप के रूप में कई साल बिताए। उनसे पहले इस पद पर रहें पोप फ्रांसिस का अप्रैल 2025 में 88 साल की आयु में निधन हो गया था।
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