Home rss world hindi फ्लाईदुबाई केस: फ्लाइट क्रू ने कहा, ‘आतंकी को खोल दो, तुम भगवान...

फ्लाईदुबाई केस: फ्लाइट क्रू ने कहा, ‘आतंकी को खोल दो, तुम भगवान नहीं हो’, इजरायली यात्रियों का दाव

4
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

यात्रियों का आरोप है कि जब उन्होंने ओमानी को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी को काबू में करके उसके हाथ-पैर बांध दिए थे, तब फ्लाईदुबाई के क्रू मेंबर्स उनसे भिड़ गए और आतंकवादी को तुरंत छोड़ने का दबाव बनाने लगे।

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबाई (Flydubai) की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपित के भीतर हुए खौफनाक हमले और हाईजैकिंग की कोशिश के मामले में एक नया और सनसनीखेज विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिका के प्रमुख अखबार ‘न्यू यॉर्क पोस्ट’ को दिए एक विशेष इंटरव्यू में विमान में सवार इजराइली यात्रियों ने फ्लाइट के केबिन क्रू (एयरहोस्टेस और स्टाफ) पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

यात्रियों का आरोप है कि जब उन्होंने ओमानी को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी को काबू में करके उसके हाथ-पैर बांध दिए थे, तब फ्लाईदुबाई के क्रू मेंबर्स उनसे भिड़ गए और आतंकवादी को तुरंत छोड़ने का दबाव बनाने लगे।

‘हेडफोन के तारों से बांधा था आतंकी को’

विमान में साहसिक भूमिका निभाने वाले बैंकिंग एक्जीक्यूटिव ज्विका मानेस, प्लंबर यानिव हयून और असाफ राजुआन ने न्यू यॉर्क पोस्ट को उस खौफनाक पल की पूरी कहानी सुनाई।

ओमानी को-पायलट अल-हम्मामी के चाकुओं और क्रैश-एक्स से किए गए हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय कैप्टन स्मित मछार ने कॉकपिट का इमरजेंसी लॉक खोल दिया था।

अंदर घुसे यात्रियों ने हमलावर को-पायलट को दबोचा। पहले जिप वायर और फिर यात्रियों के हेडफोन के तारों से उसके हाथ पीछे करके कसकर बांध दिए।

ज्विका मानेस ने बताया, “हमलावर को काबू करने के बाद क्रू मेंबर्स अचानक हमसे बहस करने लगे। वे कहने लगे कि ‘आतंकवादी को खोल दो।’ वे हमसे बोले- ‘तुम कोई भगवान नहीं हो, तुम इसे जान से नहीं मारोगे।’ हमने उनसे कहा कि हम इसे मारना नहीं चाहते, बस यह चाहते हैं कि यह हमें न मारे।”

यात्रियों ने क्रू को प्लेन के बीच में बैठाया, पहरा बैठाया

विमान की दूसरी पंक्ति में बैठे रियल एस्टेट प्रोफेशनल डैनियल श्लिचटर ने बताया कि क्रू के इस अजीबोगरीब व्यवहार से सभी यात्रियों के मन में गहरा शक पैदा हो गया।

क्रू मेंबर्स लगातार यह दबाव बना रहे थे कि यह विमान उनका है और यात्रियों को कॉकपिट के बाहर से हट जाना चाहिए। लेकिन साजिश की आशंका को देखते हुए इजराइली यात्रियों ने क्रू की बात मानने से इनकार कर दिया।

मानेस ने बताया, “हमने एयरहोस्टेस और बाकी स्टाफ पर चिल्लाकर उन्हें साफ कह दिया कि अब पॉलिसी बदल चुकी है, अब कमान हमारे हाथ में है और हम जो कहेंगे वही होगा। हमने पूरे क्रू स्टाफ को कॉकपिट एरिया से हटाकर प्लेन के बीच की सीटों पर जाकर बैठने को कहा।”

यात्रियों ने एक हट्टे-कट्टे और मजबूत पैसेंजर को कॉकपिट के दरवाजे पर गार्ड के तौर पर खड़ा कर दिया ताकि कोई भी क्रू मेंबर या संदिग्ध व्यक्ति दोबारा कॉकपिट या नए पायलटों के पास न पहुंच सके।

सऊदी अरब में हुई थी इमरजेंसी लैंडिंग

कॉकपिट में मची इस खूनी जंग के बाद विमान में यात्री के रूप में सफर कर रहे दो अन्य ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान पर कंट्रोल पाया, जबकि एक डेंटिस्ट यात्री ने भारतीय कैप्टन स्मित मछार का बहता खून रोककर उन्हें फर्स्ट एड दिया।

इसके बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस नए खुलासे के बाद अब यूएई और इजराइल की जांच एजेंसियां फ्लाईदुबाई के उन केबिन क्रू मेंबर्स से भी पूछताछ कर रही हैं कि उन्होंने हमलावर को-पायलट को छुड़ाने की जिद क्यों की थी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN