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बॉलीवुड एक्ट्रेस दीया मिर्जा आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। दिया ने अपने करियर में कई शानदार फिल्में दी हैं। उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट रहीं। दीया प्रोफेशनल लाइफ के साथ पर्सनल लाइफ को लेकर भी काफी सुर्खियों में रही हैं। यही नहीं, दीया हर मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखती हैं। ऐसे में दीया इन दिनों चल रहे यौन उत्पीड़न के कई मामलों को देखते हुए इस पर अपनी राय रखी हैं। आइए जानते हैं दीया ने कहा?
माता पिता को बच्चों से सेक्स पर खुलकर बात करनी चाहिए
दीया मिर्जा ने पांच साल के बेटे अव्यान की मां हैं। दीया का मानना है कि सम्मान और समानता की नींव घर से ही पड़ती है। दीया ने HT को अपना इंटरव्यू दिया है। इस दौरान दीया ने कहती हैं, ‘बच्चे देखते हैं कि घर में पुरुष महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, क्या घर के काम और बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारियां दोनों के द्वारा मिल-बांटकर निभाई जाती हैं। क्या महिला की सीमाओं (बाउंड्रीज) का सम्मान किया जाता है। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, माता-पिता को फैंटेसी, सेक्स और पोर्नोग्राफी में सेक्स की गलत तस्वीर के बारे में खुलकर बात करनी चाहिए।’
रिजेक्शन लड़कों के आत्म-सम्मान का अपमान नहीं
बेटे में किन मूल्यों को देखना चाहती हैं इस पर बात करते हुए दीया ने आगे कहा, ‘मैं चाहती हूं कि मेरा बेटा यह समझे कि सहमति (कंसेंट) का मतलब सिर्फ ‘ना’ न कहना नहीं है, बल्कि यह खुशी-खुशी ‘हां’ कहने जैसा है। उसे यह समझना चाहिए कि कोई भी उसे अपना ध्यान, प्यार या नजदीकी देने के लिए बाध्य नहीं है और किसी का मना कर देना (रिजेक्शन) उसके आत्म-सम्मान का अपमान नहीं है। क्योंकि अगर हम चाहते हैं कि हमारी लड़कियां एक सुरक्षित और बराबरी वाली दुनिया में बड़ी हों, तो हमें अपने लड़कों को भी ऐसी दुनिया बनाने में मदद करने के लिए तैयार करना होगा।’
लड़कों को भी आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित जाना चाहिए
दीया का मानना है कि लड़कों को भी तब आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जब वे महिलाओं के प्रति अनादर देखें। वह कहती हैं, ‘बराबरी तब आती है जब पुरुष और लड़के किसी भी रूप और स्थिति में उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाना सीखते हैं।’
प्राइवेट पार्ट्स को लेकर शर्म महसूस न कराना
माता-पिता को किस उम्र में लड़कों को इन मामलों के प्रति जागरूक करना चाहिए। इस सवाल पर दीया का जवाब था पहले ही दिन से होनी चाहिए। इस सवाल पर दीया मिर्जा ने कहा, ‘घर पर जेंडर इक्वालिटी की मिसाल कायम करने और उम्र के हिसाब से ज़रूरी बातचीत करने के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। जैसे, बच्चे को उसके शरीर के अंगों के बारे में कंफ्टेब्ल महसूस कराना। जैसे प्राइवेट पार्ट का नाम खुलकर लेना चाहिए। प्राइवेट पार्ट्स को लेकर शर्म महसूस न कराना। बच्चे को अपनी सेक्सुअलिटी से जुड़ी बातों पर खुलकर बात करने देना जरूरी है। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, फैंटेसी, सेक्स और पोर्नोग्राफी में सेक्स के गलत पिक्चर के बारे में खुलकर बात करके हम उनमें मजबूत संस्कार और हेल्दी रिश्तों की समझ को विकसित करने में मदद कर सकते हैं।’
दीया ने शेयर किया था पोस्ट
दरअसल, हाल ही में यौन उत्पीड़न के कई मामले सामने आए हैं। दिल्ली के एक पार्क में 17 साल की लड़की के साथ कथित गैंगरेप से लेकर बिहार में एक टीनएज लड़की के साथ छेड़छाड़ तक की खबरों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस मुद्दे पर आवाज उठाने वाली हस्तियों में एक्ट्रेस दीया मिर्जा रेखी भी शामिल थीं। उन्होंने मंगलवार को इंस्टाग्राम पर एक नोट शेयर करते हुए सभी से अपील की थी कि ‘ऐसे लड़के तैयार करें जो किसी को नुकसान न पहुंचाएं।’
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