Source :- LIVE HINDUSTAN
आपने भी लोगों को बोलते सुना होगा कि बालों में डाई लगाने से आंखों की रोशनी कमजोर हो जाती है। ज्यादा दिनों तक इसे इस्तेमाल करने से तो बहुत ज्यादा डैमेज होता है। लेकिन क्या ये बात सच है या केवल भ्रम? आइए जानते हैं इसपर डॉक्टर का क्या कहना है।
एक उम्र के बाद हर किसी के बाल सफेद होना शुरू हो जाते हैं। जाहिर है सफेद बाल किसी को नहीं पसंद, इसलिए इन्हें कवर करने के लिए लोग हेयर डाई या कलर का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि हेयर डाई के इस्तेमाल से जुड़ी बहुत सी बातें हैं, जो आमतौर पर सुनने को मिलती हैं और इनसे लोगों के मन में एक कन्फ्यूजन बनी रहती है कि डाई इस्तेमाल करना सही भी है या नहीं। कुछ लोगों को आपने ये कहते हुए सुना होगा कि डाई इस्तेमाल करने से आंखों की रोशनी कमजोर होती है। डाई या हेयर कलर को ले कर ये एक बड़ी ही कॉमन धारणा लोगों के मन में बैठी हुई है। यही वजह है कि कई लोग डाई इस्तेमाल करने से कतराते भी हैं कि कहीं उनकी आंखों पर बुरा असर ना हो। इस बात में कितना सच है कितना नहीं, आइए जानते हैं इसपर हेल्थ एक्सपर्ट्स का क्या कहना है।
क्या हेयर डाई इस्तेमाल करने से आँखें कमजोर होती हैं?
क्या हेयर डाई इस्तेमाल करने से आंखों की रोशनी वाकई कमजोर होती है? इस बारे में एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए डॉ केशव शर्मा बताते हैं कि ये एक मिथ है, जिसका कोई भी वैज्ञानिक आधार नहीं है। डॉक्टर कहते हैं कि डाई और आंखों के बीच कोई भी कनेक्शन नहीं बनता है। इसलिए ऐसा कहना कि डाई से आँखे कमजोर होती हैं या उनपर किसी तरह का कोई नकारात्मक असर पड़ता है, ये बिल्कुल भी ठीक नहीं है। लोगों को इस तरह की अफवाओं पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है।
डाई और कमजोर आंखों के बीच क्यों जोड़ा जाता है कनेक्शन?
अब सवाल है कि ये मिथ आया कहां से। इसके पीछे का लॉजिक बड़ा ही दिलचस्प है। डॉ केशव बताते हैं कि दरअसल हम बालों को कलर एक उम्र के बाद ही करते हैं। अमूमन वो उम्र 35 से 40 साल की होती है, जब सफेद बाल काफी दिखना शुरू हो जाते हैं। ये वही उम्र होती है, जब हमारी आंखों के लेंस में भी बदलाव आ रहे होते हैं।
इस दौरान आंखों के लेंस बड़े हो जाते हैं, जिससे नजदीक का भी धुँधला नजर आता है। इस कंडीशन को प्रेसबायोपिया कहा जाता है। डॉक्टर कहते हैं कि यहां दो चीजें एक साथ हो रही होती हैं, हेयर डाई या कलर का इस्तेमाल और आंखों की नजर कमजोर होना। इसलिए अक्सर लोग इन दोनों के बीच में कनेक्शन जोड़ लेते हैं। उन्हें लगने लगता है कि उनकी आंखे डाई की वजह से कमजोर हो रही हैं, जबकि दोनों के बीच कोई संबंध है ही नहीं।
डाई से कब हो सकता है आंखों को नुकसान?
डाई और आंखे कमजोर होने के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है, लेकिन डाई को आंखों के संपर्क में आने से बचाना भी जरूरी है। डाई में मौजूद केमिकल्स अगर आंखों में चले जाएं, तो रेडनेस, खुजली, जलन या दूसरी परेशानी पैदा कर सकते हैं। इसलिए डाई का इस्तेमाल करते हुए ये ध्यान रखें कि ये आपकी आंखों में ना जाए। अगर फिर भी डाई आंखों में चली जाती है, तो साफ पानी से आंख को धोएं और परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह लें।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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