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ब्राजील में बदल गया चुनावी इतिहास, वामपंथी लूला दा सिल्वा की चौथी बार जीत; ट्रंप को भी बड़ा झटका

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Source :- LIVE HINDUSTAN

ब्राजील के चुनाव में पहली बार हुआ है जब कि पहले दौर में पीछे रहने वाला उम्मीदवार दूसरे दौर के चुनाव में जीत गया है। वामपंथी नेता लूला दा सिल्वा चौथी बार ब्राजील के राष्ट्र्पति बनेंगे।

ब्राजील राष्ट्रपति चुनाव में वामपंथी नेता लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने दक्षिणपंथी फ्लावियो बोल्सोनारो के खिलाफ जीत दर्ज कर ली है। एक बार फैसला ना होने के बाद रविवार को दोबारा मतदान करवाए गए थे। आपको बता दें कि 45 वर्षीय फ्लावियो पूर्व दक्षिणपंथी राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे हैं। जायर बोल्सोनारो 2022 का चुनाव हारने के बाद तख्तापलट की साजिश रचने के मामले में 27 साल की जेल की सजा काट रहे हैं।

ब्राजील में पहली बार हुई इस तरह की जीत

80 साल के लूला चौथे कार्यकाल के लिए फिर से चुनाव जीत गए हैं। चार अक्टूबर को पहले दौर के मतदान में बोल्सोनारो सबसे आगे रहे थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी इस बढ़त को ‘बहुत बड़ी’ जीत बताया था। दूसरे दौर में जीत के लिए उन्हें अपना प्रदर्शन दोहराना होगा। अब तक ब्राजील में ऐसा कभी नहीं हुआ कि पहले दौर में पीछे रहने वाला उम्मीदवार दूसरे दौर में अंतर को पाटकर जीत गया हो। यह पहली बार है जबकि पहले दौर में पीछे रहने वाला उम्मीदवार दूसरे दौर में जीत गया है।

इस चुनाव में लूला दा सिल्वा को 51.78 फीसदी वोट मिले जबकि फ्लावियो बोलसोनारो को 48.22 फीसदी वोट ही हासिल हो पाए। ऐसे में करीब दो प्रतिशत वोटों से लूला दा सिल्वा चुनाव जीत गए।

जायर बोल्सोनारो की रिहाई मुश्किल

बोल्सोनारो ने अपने पिता को रिहा कराने का वादा भी किया था। जायर बोल्सोनारो खराब स्वास्थ्य के कारण फिलहाल घर में नजरबंदी के तहत अपनी सजा काट रहे हैं। अब बोल्सोनारो के चुनाव हारने के बाद उनकी रिहाई भी खटाई में पड़ गई है।

पहले दौर में बोल्सोनारो की जीत के बाद श्री लूला के समर्थकों ने उनके पक्ष में बड़ी रैलियां आयोजित की थीं, ताकि मतदान प्रतिशत बढ़ाया जा सके। इस महीने की शुरुआत में करीब 3.3 करोड़ लोगों ने मतदान नहीं किया था।

लूला ने शनिवार को रियो डी जेनेरियो के कोपाकबाना समुद्र तट पर एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि यह चुनाव ‘संप्रभुता’ का सवाल है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को उस व्यक्ति के बीच चुनाव करना है, जिसने ब्राजील के झंडे को चूमा और उस व्यक्ति के बीच, जिसने अमेरिकी झंडे को चूमा।

लूला ने अमेरिका पर लगाया था दखल देने का आरोप

लूला प्रशासन ने अमेरिका पर ब्राजील के चुनाव में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया था। हालांकि, वाशिंगटन ने इस आरोप को ‘निराधार’ बताया था। लूला ने कहा, ” हम एक साधारण कारण से चुनाव जीतेंगे। यह सच है कि लोग बदलाव चाहते हैं, लेकिन वे आगे बढ़ना चाहते हैं। वे पीछे नहीं लौटना चाहते।”

SOURCE : LIVE HINDUSTAN