Source :- LIVE HINDUSTAN

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आर माधवन के बेटे वेदांत एक टैलेंटेड स्टार किड हैं। वह फिल्मों की चकाचौंध से दूर स्विमिंग में अपना करियर बना रहे हैं। वेदांत दुबई में हैं और उन्होंने वहां शिफ्ट होने का अपना एक्सपीरियंस बताया।

आर माधवन के बेटे हैं वेदांत जो 20 साल के हैं और कम उम्र से वह देश को गर्व महसूस करवा रहे हैं। वह स्विमिर हैं और अब तक कई कॉम्पटीशन में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। माधवन का परिवार कोविड के दौरान दुबई में शिफ्ट हो गया था तो अब वेदांत ने बताया कि भारत छोड़कर दुबई रहने का उनका कैसा एक्सपीरियंस है। उन्होंने नए देश में शिफ्ट और एडजस्टमेंट को लेकर बात की।

पैरेंट्स काफी सपोरटिंग हैं

रुहान मतरेजा से बात करते हुए वेदांत ने कहा, ‘मेरे पैरेंट्स काफी सपोर्टिव रहे हैं और मैं इस मामले में बहुत खुशनसीब हूं। बहुत कम बच्चे ऐसे होते हैं जिन्हें उनके पैरेंट्स सपोर्ट करते हैं उनके सपने को पूरा करने में। मैं खुशनसीब हूं कि मैं उन बच्चों में से हूं जिनके पैरेंट्स उनके साथ हैं।’

उनके बिना यहां तक नहीं पहुंच पाता

वेदांत ने आगे कहा, ‘अगर मेरे पैरेंट्स ना होते तो मुझे नहीं लगता मैं इस स्टेज तक पहुंच पाता और इसके करीब भी। मैं इसके लिए इसलिए काफी शुक्रगुजार हूं। स्विमिंग में पूरी एक टीम चाहिए होती है जो आपका पूरा ध्यान रखे और आपके पैरेंट्स भी उस टीम का हिस्सा हैं। अगर ये सपोर्टिव नहीं हैं तो यह सब इतना आसान ना होता।’

अपना स्विमिंग का रुटीन बताया

वेदांत ने आगे कहा, ‘कभी-कभी सुबह 4.30 बजे उठता हूं, पूल में 4.45 बजे तक जाता हूं और 5-7 बजे तक स्विम करता हूं और फिर वापस घर आता हूं। अगर स्कूल होता है तो फिर मैं स्कूल जाता हूं और फिर वापस आकर स्नैक्स खाता हूं, रेस्ट करता हूं और फिर स्विमिंग जाता हूं। मैं शाम को फिर 7.30-9.30 बजे तक स्विम करता हूं। अगर मेरा जिम होता है तो उसे मैं स्कूल और स्विमिंग के बीच मैनेज करता हूं। इसके बाद फिर जल्दी खाना खाता हूं और फिर सोता हूं। यह सब सैक्रिफाइज है।’

दुबई में शिफ्ट होने को लेकर बोले

दुबई में शिफ्ट होने को लेकर वेदांत ने कहा कि यह पर्सनली उनके लिए काफी आसान रहा बस एक मुश्किल है। वह बोले, ‘शिफ्ट काफी आसान होती है। हमें सारे एसेट्स मिल जाते हैं। स्विमिंग के साथ यहां कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि यहां कई इंडियन्स हैं। लेकिन वहां के स्कूल लाइफ में एडैप्ट करना, स्विम मैनेज करना और सोशल लाइफ थोड़ा अलग है। मेरे लिए काफी शॉकिंग है। मैं अपनी पूरी लाइफ इंडिया रहा हूं और इस नए माहौल को एडैप्ट करना थोड़ा मुश्किल है।’

वेदांत ने फिर कहा, ‘लेकिन बाकी चीजें काफी सही हैं। मैं डेनमार्क में रेस कर पा रहा हूं। मैंने भारत में अपनी लाइफ सैक्रिफाइज की है दोस्तों के साथ। मैं उस कम्फर्ट जोन से बाहर आया हूं और एक पूरे अलग देश में आया हूं वो करने जो मुझे पसंद है।’

वेदांत के बारे में बता दें कि वह इंटरनेशनल लेवल के स्विमर हैं जिन्होंने मलेशिया ओपन और खेलो इंडिया यूथ गेम्स जैसे कई नेशनल और इंटरनेशनल इवेंट्स में भारत के लिए कई गोल्ड मेडल जीते हैं।

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