Source :- LIVE HINDUSTAN
ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान ईरान के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाया था, जिसमें ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से अमेरिका का बाहर निकलना और आर्थिक व सैन्य स्तर पर सख्त कार्रवाई शामिल थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि अगर उनका नेतृत्व न होता तो आज दुनिया के नक्शे पर इजरायल का नामोनिशान मिट चुका होता। यह सनसनीखेज दावा उन्होंने इस हफ्ते पॉड फोर्स वन पॉडकास्ट को दिए एक विशेष इंटरव्यू के दौरान किया। इंटरव्यू के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पिछले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान मिडिल ईस्ट नीति को लेकर लिए गए फैसलों का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से तीन ऐसे ऐतिहासिक कदमों का जिक्र किया, जिन्होंने उनके अनुसार इजरायल के अस्तित्व को बचाए रखने में निर्णायक भूमिका निभाई।
ट्रंप ने अपने कार्यकाल में दशकों पुरानी अमेरिकी नीति को बदलते हुए अमेरिकी दूतावास को तेल अवीव से हटाकर यरुशलम में स्थापित किया था और यरुशलम को इजरायल की आधिकारिक राजधानी के रूप में मान्यता दी थी। ट्रंप की मध्यस्थता के चलते ही इजरायल और कई अरब देशों जैसे कि संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन के बीच राजनयिक संबंध सामान्य करने के लिए ऐतिहासिक अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। ट्रंप का मानना है कि इससे इजरायल को इस क्षेत्र में एक नई मजबूती मिली।
ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान ईरान के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाया था, जिसमें ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से अमेरिका का बाहर निकलना और आर्थिक व सैन्य स्तर पर सख्त कार्रवाई शामिल थी। ट्रंप ने इसे इजरायल की सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी कदम बताया।
ट्रंप ने नेतन्याहू को बताया पागल इंसान
पॉडकास्ट में अपनी बात को बेबाकी से रखते हुए ट्रंप ने और भी कई राज खोले। अमेरिका के राष्ट्रपति ने बताया कि सोमवार को फोन पर बातचीत के दौरान इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को उन्होंने पागल कहा था। ट्रंप ने कहा कि इजरायल द्वारा लेबनान में हिजबुल्ला के साथ जारी लड़ाई ईरान के साथ शांति वार्ता को बाधित कर रही है, जिससे वह थोड़े परेशान हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने तनाव को स्वीकार करते हुए इस बात पर भी जोर दिया कि नेतन्याहू के साथ उनके संबंध मजबूत हैं क्योंकि वे दोनों युद्ध के दौर के नेता हैं। ट्रंप ने कहा, ”हमने साथ मिलकर बहुत अच्छा काम किया है। मुझे नेतन्याहू बहुत पसंद हैं।”
नेतन्याहू ने क्या कहा?
अमेरिकी बिजनेस न्यूज चैनल सीएनबीसी को दिये पर एक साक्षात्कार में नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि उनके और ट्रंप के बीच कभी-कभी रणनीतिक मतभेद होते हैं, लेकिन उनके साझा लक्ष्य हैं और मुख्य बातों पर वे सहमत हैं। इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा, ”वह मेरा सम्मान करते हैं। मैं उनका सम्मान करता हूं। हम हमेशा अपने मतभेदों को सुलझाने का कोई न कोई रास्ता निकाल लेते हैं।”
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