Source :- LIVE HINDUSTAN
ईरान ने रविवार को अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि वाशिंगटन को यह समझ लेना चाहिए कि तेहरान के खिलाफ युद्ध के नियम अब बदल चुके हैं, और यह समझ बहुत देर होने से पहले आ जानी चाहिए।
खाड़ी में टैंकरों पर हमले के बाद ईरान ने रविवार को अमेरिका को चेतावनी दी कि तेहरान के खिलाफ युद्ध के नियम अब बदल चुके हैं। ईरान ने कहा कि वाशिंगटन को यह बात ‘बहुत देर होने से पहले’ समझ लेनी चाहिए, अन्यथा जवाब और भी दर्दनाक होगा। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, यह चेतावनी खाड़ी में कई ईरानी टैंकरों पर कथित अमेरिकी हमले के एक दिन बाद आई। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा कि अब से ईरान के हितों और सुरक्षा के खिलाफ किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा।
दरअसल, ईरानी सरकारी मीडिया ने रविवार को दावा किया कि एक अमेरिकी पोत होर्मुज स्ट्रेट के प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर रहा था और उस पर हमला हुआ। न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार यह दावा किया गया, लेकिन मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अभियानों की देखरेख करने वाली सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इसकी पुष्टि नहीं की और न ही कोई टिप्पणी की। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने यह भी कहा कि उसने होर्मुज से अनधिकृत मार्ग का उपयोग कर रहे तीन तेल टैंकरों के साथ-साथ अमेरिका से जुड़े कई जहाजों को निशाना बनाया है।
अमेरिकी ने दी धमकी
इन हमलों के बाद सेंटकॉम ने आईआरजीसी को और आर्थिक नुकसान की चेतावनी दी थी। सेंटकॉम कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि हम अमेरिकी सेनाओं की रक्षा करने में जरा भी संकोच नहीं करेंगे और यदि आवश्यक हुआ तो ईरान के सीमित और असुरक्षित तेल बेड़े को नष्ट कर देंगे। यह घटना अमेरिकी सेंटकॉम के उस बयान के एक दिन बाद हुई, जिसमें कहा गया था कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने क्षेत्रीय जल में गश्त कर रहे दो अमेरिकी नौसेना युद्धपोतों पर मिसाइल हमले किए। सेंटकॉम के मुताबिक लक्षित युद्धपोतों ने इन हमलों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया। अमेरिकी पक्ष ने इन हमलों को ‘बिना किसी उकसावे के’ बताया और कहा कि कोई अमेरिकी कर्मी घायल नहीं हुआ।
बता दें कि यह संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के साथ शुरू हुआ था। इसके बाद वाशिंगटन और तेहरान के बीच युद्धविराम हुआ, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट सहित कई विवादित मुद्दों पर समझौता जल्द टूट गया। जलमार्ग में जहाजों को लेकर दोनों पक्षों की ओर से रुक-रुक कर गोलीबारी जारी रही। अमेरिका ने ऑपरेशन ‘इकोनॉमिक आउटकास्ट’ भी शुरू किया, जिसके तहत ट्रंप प्रशासन ईरानी अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण वित्तीय जीवन रेखाओं को काटने की कोशिश कर रहा है। जिस कारण दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।
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