Source :- LIVE HINDUSTAN
ईरान आज अमेरिका के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है। बहुत ज्यादा वक्त नहीं बीता, जब यहां पर ईरानी शासन के खिलाफ आवाजें उठ रही थीं। इन आवाजों को दबाने के लिए ईरानी सत्ता ने बल प्रयोग किया था।
ईरान आज अमेरिका के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है। बहुत ज्यादा वक्त नहीं बीता, जब यहां पर ईरानी शासन के खिलाफ आवाजें उठ रही थीं। इन आवाजों को दबाने के लिए ईरानी सत्ता ने बल प्रयोग किया था। इसी दौरान दो जुड़वां बहनों को जेल में डाला गया था। उस वक्त उनकी उम्र 15 साल की थी। आज दोनों बहनें 19 साल की हैं। दोनों जेल में हैं और वहां पर उन्हें बुरी तरह से प्रताड़ित किया जा रहा है। इनके नाम हैं, तारानेह रहीमी और रोमिना रहीमी। दोनों को 25 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। जब उन्हें गिरफ्तार किया गया था तो वह हाईस्कूल में पढ़ रही थीं। उस दौरान बीच रात दो मास्क लगाए व्यक्तियों ने उनके घर से उन्हें उठा लिया था।
बेटियों की पहचान नहीं हो पाई
जानकारी के मुताबिक रहीमी सिस्टर्स को उठाने वालों को ईरानी गार्ड्स ने भेजा था। चार महीनों तक उनके परिजनों को पता नहीं था कि उन्हें रखा कहां गया था। रहीमी बहनों की मां, मर्जीह नूरमोहम्मदी ने उन्हें अस्पतालों से लेकर तमाम सरकारी जगहों पर ढूंढा। काफी बाद में उन्हें पता चला कि उनकी बेटियों को इसफाहान के जेल में बंद किया गया है। आखिर मई में उन्हें अपनी बेटियों से मिलने इजाजत मिली। जानकारी के मुताबिक इस दौरान वह अपनी बेटियों को पहचान ही नहीं पाई, क्योंकि उनके चेहरे पर काफी चोटें थीं और यह सूजा हुआ था। अमेरिका के ऊटा में रहने वाले रहीमी सिस्टर्स के कजिन, मसूद नूरमोहम्मदी ने बताया कि उनकी कुहनियां और पैर टूटे हुए थे। मसूद नूरमोहम्मदी के मुताबिक जेल में, उसकी बहनों को बाल पकड़कर खींचा जाता है। उन दोनों को वहां पर बुरी तरह से प्रताड़ित किया जाता है। इसके अलावा उन्हें एक ऐसी बैरक में रखा गया है, जिसमें कोई और नहीं है।
दोनों बहनों के बड़े-बड़े थे सपने
इन दोनों बहनों के सपने भी काफी बड़े-बड़े थे। तारानेह रहीमी का सपना था कि वह बड़ी होकर घोड़ों का अस्तबल खोलेगी। उसने कोर्ट में बताया कि उसे बहुत ज्यादा प्रताड़ित किया गया है। इसके अलावा उससे जबर्दस्ती कबूलनामा भी लिखवाया गया। इसके अलावा उसे यह भी धमकी दी गई कि उसके बहन का रेप कर दिया जाएगा। परिवार के मुताबिक जेल के गार्डों ने तारानेह को धमकी दी थी कि अगर वह कबूलनामे पर दस्तखत नहीं करेगी तो वह उसके सामने रोमिना का रेप कर देंगे। रहीमी सिस्टर्स की मां को उनकी सुनवाई में भी शामिल होने की इजाजत नहीं थी। इतना ही नहीं, परिवार के सामने इस बात का भी सबूत नहीं रखा गया कि दोनों बहनों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान किस तरह की हिंसा की थी।
अब तक 500 लोगों को फांसी
जब आठ और नौ जनवरी में ईरान में लाखों लोग सड़कों पर उतरे थे तो तारानेह और रोमिला ने भी इन प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था। करीब एक महीने बाद, दोनों को उनके घर से ले जाया गया और उनके सिर पर बैग रख दिए गए। रोमिना सिस्टर्स के भाई को लगता है कि तारानेह की मौत की सजा शायद अन्य प्रदर्शनकारियों को डराने के लिए भी दी जा रही है। उसने कहाकि अधिकारियों का मकसद यह संदेश देना हो सकता है कि कोई भी प्रदर्शन करने के लिए सजा पा सकता है। इस साल फरवरी में अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने 500 से अधिक लोगों को फांसी दी है। फांसी पाने वालों में 16 महिलाएं भी शामिल हैं।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN




