Home National news hindi राहुल गांधी बोले, ’24 घंटे हो गए मोदी जी, आ जाइए, डरिए...

राहुल गांधी बोले, ’24 घंटे हो गए मोदी जी, आ जाइए, डरिए मत’, पीएम की किस बात पर फिर दी खुली चुनौती?

6
0

Source :- BBC INDIA

राहुल गांधी

पढ़ने का समय: 7 मिनट

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी गई खुली बहस की चुनौती दोहराई और उन पर निशाना साधा.

राहुल गांधी ने सोमवार, 2 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी को खुली बहस की चुनौती दी थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्तूबर को विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए थे. उन्होंने आरोप लगाया था कि विदेश जाकर देश विरोधी ताक़तों के सहारे देश को कमज़ोर करने की साज़िश रची जा रही है.

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के इसी आरोप पर उन्हें बहस की चुनौती दी थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी की इस खुली चुनौती पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई नेताओं ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए उन पर निशाना साधा है.

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर से उनकी चुनौती पर कुछ न कहने को लेकर सवाल उठाए और मंगलवार, 3 नवंबर को एक बार फिर वही चुनौती दोहराई.

क्या बोले राहुल गांधी

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो में कहा, “24 घंटे हो गए मोदी जी. मैंने आपको चैलेंज दिया है. आप कहते हो कि विपक्ष देशद्रोही है. किसी भी स्टेज पर आप जगह चुनिए, मेरे साथ डिबेट कीजिए. देशद्रोही कौन है? विदेशी फोर्सेस का कनेक्शन किसका है और किस तरह का कनेक्शन है? जल्दी से जल्दी कीजिए, डरिए मत.”

उन्होंने कहा, “दोनों मिलेंगे, मीडिया होगी, देश के युवा होंगे, टेबल होगी. एक तरफ़ आप बैठोगे, एक तरफ़ मैं बैठूंगा. जिसको आप जज बनाना चाहते हो, बना दो. मोहन भागवत जी को बिठा दो, चलो. और फिर डिबेट करते हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “आ जाइए, डरिए मत. दूध का दूध, पानी का पानी कीजिए. आप एलिगेशन लगाते हैं ना मेरे ऊपर, आ जाइए, सब साफ़ हो जाएगा.”

राहुल गांधी ने अपने ख़िलाफ़ दर्ज मानहानि के मुक़दमों का ज़िक्र करते हुए कहा, “इस डिबेट के मामले में, विदेशी कनेक्शन के मामले में आप मानहानि का मुक़दमा नहीं लगा रहे हो. लगाइए ना, वहां भी खुलकर डिस्कस करेंगे. ये सब डिस्कस करते हैं, आइए. हैप्पी दिवाली, मोदी जी.”

सोमवार की भी दिया था ‘खुला चैलेंज’

पीएम नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी

सोमवार, 2 नवंबर को राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने और विदेशी मदद से ही इस पद पर बने हुए हैं.

अक्तूबर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर विपक्ष ने कई बार प्रदर्शन किए थे.

एक नवंबर, रविवार को भी दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी इंडिया गठबंधन ने महारैली का आयोजन किया था. जिसमें मोदी सरकार और चुनाव आयोग के बीच मिली भगत के आरोप लगाए गए थे. और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की गई थी. इसमें राहुल गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी समेत विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए थे.

विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर स्पेशल इंटेसिव रिवीज़न (एसआईआर) के ज़रिए वोट चोरी के आरोप लगा रहा है.

वहीं चुनाव आयोग ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है और एसआईआर प्रक्रिया को वोटर लिस्ट दुरुस्त करने की मुहिम बताया है.

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) चुनाव आयोग का बचाव करती रही है और राहुल गांधी और विपक्ष पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने का आरोप लगाती है.

राहुल गांधी ने क्या लिखा?

राहुल गांधी का बयान

राहुल गांधी ने अंग्रेज़ी न्यूज़ वेबसाइट इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “मोदी जी, इस देश से झूठ बोलना बंद कीजिए.”

राहुल गांधी ने जिस ख़बर का स्क्रीनशॉट शेयर किया है, उसकी हेडलाइन है, “पीएम मोदी बोले- देश को बांटने की कोशिश कर रही हैं बाधा डालने वाली ताक़तें, अफ़वाह फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल.”

राहुल ने लिखा, “आप विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने और विदेशी मदद से ही प्रधानमंत्री बने हुए हैं. आपकी आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह विदेशियों के नियंत्रण में और समर्थन से है. विदेशी सोशल मीडिया पूरी तरह आपके साथ खड़ा है. मैं आपको इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती देता हूं. कोई भी मंच, किसी भी समय. हिम्मत है तो आइए. आप नहीं आएंगे, क्योंकि जो मैं आपके बारे में जानता हूं आप उससे डरते हैं.”

राहुल गांधी की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री मोदी के उस भाषण के बाद आई है, जिसमें उन्होंने विपक्ष पर देश में अस्थिरता पैदा करने और विदेश में कुछ लोगों से मुलाक़ात करने को लेकर सवाल उठाए थे

बीजेपी नेता क्या बोले?

रायपुर में एक कार्यक्रम में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “राहल गांधी ने मॉक पार्लियामेंट बनाकर वहां चर्चा का नाटक किया. मैं कहना चाहता हूं कि राहुल जी नरेंद्र मोदी की सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है. संसद चलने दो. हम विशेष सत्र बुलाकर एसआईआर पर चर्चा के लिए तैयार हैं. आप संसद चलने दीजिए और चर्चा में दो-दो हाथ कर लीजिए. देश की जनता को मालूम हो जाएगा कि सही क्या है और झूठ क्या है.”

वहीं बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने बिहार के भागलपुर में कहा, “हमारा अभियान जनता को पूरे विषय की जानकारी देने के लिए है कि कहीं न कहीं एक विदेशी टूलकिट के लिए राहुल गांधी इस्तेमाल हो रहे हैं. जिसके माध्यम से विदेश की ताक़त भारत के विकास को रोकना चाहती है.”

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के संबंध ऐसे लोगों और ऐसी संस्थाओं से रहे हैं, जिनके जॉर्ज सोरोस से क़रीबी संबंध हैं, जो भारत विरोधी हैं.

उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, “राहुल गांधी और कांग्रेस ने हमेशा ऐसी संस्थाओं और लोगों के साथ अपनी क़रीबी को लेकर संदिग्ध चुप्पी बनाए रखी है. पहले राहुल गांधी इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ें.”

मोदी ने कब और कहां दिया था बयान?

नरेंद्र मोदी का बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्तूबर को गुजरात के एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम पर लोगों को संबोधित किया था. यह कार्यक्रम सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के मौके पर आयोजित किया गया था.

अपने भाषण में मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की ज़िम्मेदारी सरकार की नीतियों का विरोध करना है, लेकिन आज विपक्ष अपनी इस ज़िम्मेदारी को छोड़कर बाधा डालने वाली ताक़त बन गया है.

उन्होंने कहा था, “लोकतंत्र में विपक्ष की ज़िम्मेदारी सरकार की नीतियों का विरोध करना है. लेकिन दुर्भाग्य से आज के भारत में विपक्ष ने अपना कर्तव्य छोड़ दिया है और विपक्ष की जगह अवरोध बन गया है. अपनी हताशा और निराशा में उसने देश के विकास के रास्ते में बाधाएं डालना शुरू कर दिया है. यह विरोध नहीं, अवरोध है. उन्होंने इसे अपनी राजनीति का आधार बना लिया है. वे संविधान की गरिमा और भावना को तार-तार करने में लगे हैं.”

इसके बाद मोदी ने ‘देश को बांटने की साज़िश करने वाली ताक़तों’ का ज़िक्र करते कहा, “हमें पहचानना होगा कि विदेश में कौन किससे छिपकर मिल रहा है, भारत-विरोधी ताक़तें किसका समर्थन कर रही हैं और कौन भारत के दुश्मनों की भाषा बोल रहा है. हमें इन तरीक़ों को पहचानना होगा. हमें एकजुट होकर इनका सामना करना होगा.”

मोदी ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर भी चिंता जताई थी. उन्होंने कहा था, “ख़ास तौर पर जिस तरह सोशल मीडिया को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है, जिस तरह अफ़वाहें फैलाई जा रही हैं और भारत की छवि ख़राब करने की कोशिशें हो रही हैं, उनसे निपटने के लिए सभी नागरिकों को एकजुट होना होगा.”

राहुल गांधी ने मोदी के बयान का जवाब कैसे दिया?

हालांकि मोदी ने अपने भाषण में किसी नेता का नाम लेकर यह नहीं कहा था कि वह विदेश में किससे मिल रहा है या किसे भारत-विरोधी ताक़तों का समर्थन मिल रहा है.

राहुल गांधी ने अपने जवाब में इसी विदेशी समर्थन के मुद्दे को उठाया. उन्होंने मोदी पर ही विदेशी मदद से सत्ता में आने और बने रहने का आरोप लगाया. साथ ही उन्होंने भारत की आर्थिक व्यवस्था और विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के समर्थन को लेकर भी दावा किया.

हालांकि, राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में यह नहीं बताया कि वह किस विदेशी मदद या किन विदेशी ताक़तों की बात कर रहे हैं. उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई विस्तृत जानकारी भी नहीं दी. उन्होंने प्रधानमंत्री को इन मुद्दों पर सार्वजनिक बहस की चुनौती दी.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें

BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट… सब एक जगह

कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.

SOURCE : BBC NEWS