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रिटायरमेंट के बाद चाहिए पूरी पेंशन? नौकरी छोड़ते समय इस ईपीएफओ डॉक्यूमेंट को बिल्कुल न भूलें

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Source :- LIVE HINDUSTAN

नौकरी बदलते समय ज्यादातर लोग PF ट्रांसफर, फुल एंड फाइनल सेटलमेंट और रिलीविंग लेटर पर ध्यान देते हैं। लेकिन एक छोटा-सा ईपीएफओ डॉक्यूमेंट ऐसा भी है, जिसे नजरअंदाज करना फ्यूचर में भारी पड़ सकता है। इसका नाम है स्कीम सर्टिफिकेट। स्कीम सर्टिफिकेट में पेंशन सर्विस का रिकॉर्ड होता है। ये रिटायरमेंट के समय पेंशन पाने में अहम रोल निभाता है। अगर आपने कभी ईपीएफ में योगदान दिया है, तो नौकरी छोड़ने से पहले इस डॉक्यूमेंट के बारे में जरूर जान लें।

कौन जारी करता है स्कीम सर्टिफिकेट?

नौकरी छोड़ते समय ज्यादातर कर्मचारी PF बैलेंस ट्रांसफर, फुल एंड फाइनल सेटलमेंट और एग्जिट फॉर्मेलिटी पूरी करने में बिजी रहते हैं। इस दौरान कई लोग कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) स्कीम सर्टिफिकेट के बारे में सोचते भी नहीं हैं। यह सर्टिफिकेट कर्मचारी पेंशन स्कीम (EPS) 1995 के तहत जारी किया जाता है। इसमें आपकी पेंशन योग्य सर्विस का पूरा रिकॉर्ड होता है। साथ ही इसमें आपके नामांकित परिवार के सदस्यों की जानकारी भी होती है। यानी, यह आपकी पेंशन का रिकॉर्ड कार्ड है।

नौकरी बदलने पर क्यों जरूरी है स्कीम सर्टिफिकेट?

आज के समय में लोग अपने करियर के दौरान कई बार नौकरी बदलते हैं। कुछ लोग बीच में नौकरी छोड़कर अपना कारोबार शुरू कर देते हैं या ऐसे संस्थान में काम करने लगते हैं, जहां ईपीएफ की सुविधा नहीं होती।

ऐसी स्थिति में कई लोगों को लगता है कि सिर्फ प्रॉविडेंट फंड बैलेंस सेफ रखना ही काफी है, जबकि ऐसा नहीं है। अगर आपके पास स्कीम सर्टिफिकेट है, तो आपकी पहले की पेंशन सर्विस सेफ रहती है। बाद में जब आप फिर किसी EPF कवर वाली कंपनी में नौकरी करते हैं, तो पुरानी सर्विस को नई सर्विस के साथ जोड़ा जा सकता है। इससे आपको पेंशन के कैलकुलेशन में फायदा मिलता है।

10 साल से कम नौकरी करने वालों को भी मिल सकता है फायदा

अक्सर लोगों को लगता है कि स्कीम सर्टिफिकेट सिर्फ उन्हीं कर्मचारियों को मिलता है, जिन्होंने 10 साल या उससे ज्यादा नौकरी की हो। लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है। अगर किसी कर्मचारी ने 10 साल से कम पेंशन योग्य सर्विस पूरी की है, तो वह पेंशन अमाउंट निकालने की बजाय स्कीम सर्टिफिकेट लेने का विकल्प चुन सकता है। इससे उसकी अब तक की सर्विस सुरक्षित रहती है और फ्यूचर में EPF से जुड़ने पर उसका फायदा मिल सकता है।

वहीं, जिन कर्मचारियों ने 10 साल या उससे ज्यादा की पेंशन योग्य सर्विस पूरी कर ली है और 58 साल की उम्र से पहले नौकरी छोड़ते हैं, उन्हें ईपीएस नियमों के तहत आमतौर पर स्कीम सर्टिफिकेट जारी किया जाता है।

कैसे करें अप्लाई?

स्कीम सर्टिफिकेट के लिए कर्मचारी फॉर्म 10C के जरिए ईपीएफओ के ऑनलाइन सदस्य पोर्टल पर अप्लाई कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले यह तय कर लें कि आपकी पर्सनल और परिवार से जुड़ी सभी जानकारी सही है।

सर्टिफिकेट मिलने के बाद इसे सिर्फ पुराने डॉक्यूमेंटों के साथ रखकर न भूलें। इसकी एक डिजिटल कॉपी और एक प्रिंट कॉपी रखें। रिटायरमेंट के समय पेंशन का क्लेम करते हुए यही डॉक्यूमेंट आपके काम आएगा।

अगर स्कीम सर्टिफिकेट खो जाए तो क्या करें?

यदि आपका स्कीम सर्टिफिकेट गुम हो जाता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप ईपीएफओ से संपर्क कर रिकॉर्ड के वैरिफिकेशन के बाद डुप्लीकेट स्कीम सर्टिफिकेट ले सकते हैं।

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